दिल्ली विश्व पुस्तक मेलामे पहिल बेर मैथिली, अपार भीड़ उमड़ल, स्टाल सं. ३८९, हौल संख्या १२-१२ए

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नई दिल्ली। जनवरी ७, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

काल्हि ६ जनवरी, २०१८ सँ दिल्ली विश्व पुस्तक मेला २०१८ भव्यतापूर्वक आरम्भ भऽ चुकल अछि। एहि मे विभिन्न देश सँ – विभिन्न विषय पर लिखल गेल पोथीक एशिया-स्तरीय तेसर सबसँ पैघ उपस्थिति देखल जा रहल अछि। सौभाग्यवश मैथिली मचान नाम सँ हौल संख्या १२-१२ए पर स्टाल संख्या ३८९ मे मैथिलीक उपस्थिति एहि विश्व पुस्तक मेलाक इतिहास मे पहिल बेर भेल अछि। मैथिली मचानपर भारत ओ नेपाल – दुनू देश मे लिखल आ प्रकाशित भेल कतेको रास पोथी केँ प्रदर्शनी आ बिक्री आरम्भ कयल गेल अछि। काल्हि प्रथम दिन सर्वाधिक भीड़ आ उत्सुकताक विषय रहल ई मैथिली मचान।

संध्या लगभग ६ बजे एकर औपचारिक उद्घाटन सुप्रसिद्ध मैथिली साहित्यकार डा. उषा किरण खान द्वारा कयल गेल। एहि अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट केर अध्यक्ष डॉ बलदेव भाई शर्माक गरिमामयी उपस्थिति सेहो छल। आयोजक मैथिली मचानक सह-संचालक अमित आनन्द जनतब देलनि जे मैथिलीक प्रतिनिधित्व विश्व पुस्तक मेला मे एकटा अलगे स्टाल केर माध्यम सँ दियेबाक महत्वपूर्ण कार्य हिनकहि सहयोग सँ पूरा भेल आर अपन व्यस्ततम कार्यक्रमक बावजूद जाहि तरहें श्री शर्मा उपस्थिति दर्ज करौलनि – ई मैथिलीक प्रति हुनकर सौहार्द्र आ सिनेह दरसबैत अछि।

मैथिली भाषा-साहित्यक संग-संग मैथिली-मिथिला अभियानक एक सँ बढिकय एक दिग्गज लोकनि एहि अवसरपर मैथिली मचानक प्रदर्शनी-बिक्री केन्द्रपर आयल छलाह। मुख्यरूप सँ डा. शेफालिका वर्मा, मंत्रेश्वर झा, महेन्द्र मलंगिया, डा. गंगेश गुञ्जन, डा. देवशंकर नवीन, साहित्य अकादमीक पदाधिकारी डा. देवेन्द्र देवेश, मैथिली लेखक संघ केर अध्यक्ष विनोद कुमार झा, नवारम्भ केर संचालक अजित आजाद, मैथिली कवि विमलजी मिश्र, मनीष झा बौआभाइ व अनेकों नव-पुरान समर्पित मैथिल अभियन्ता लोकनि। एहि अवसर पर डा. उषा किरण खान केर नव उपन्यास ‘पोखरि रजोखरि’ केर विमोचन कयल सेहो कयल गेल अछि। आयोजक मैथिली मचानक तरफ सँ ‘मैथिली केँ मूर्धन्य’ नामक सुन्दर कैलेन्डरक विमोचन कयल गेल अछि। तहिना आगन्तुक सभक मुखशुद्धिक परम्परा अनुरूप लौंग आ सौंफ केर स्वाद सहित मैथिली साहित्यक स्वादक संगम – विलक्षण ढंग सँ मैथिलीक झंडाकेँ उच्च आकाश मे फहरा रहल अछि।

प्रत्यक्षदर्शीक मुताबिक मैथिली मचान पर सब सँ अधिक भीड़ आइ पहिले दिन सँ चमत्कारक रूप मे देखल गेल। जाहि ठाम नैराश्यक कारी बादल लागल रहय, उम्मीद नहि कयल जाय जे लोक अपन भाषाक पोथी कीनिकय पढितो अछि – ताहि ठाम मैथिली मचान द्वारा कयल गेल ई अनुपम प्रयास सँ उम्मीद सँ बहुत बेसी समर्थन जुटबाक इतिहास बनैत देखा रहल अछि। अगल-बगल बहुते रास नामी-गिरामी प्रकाशक सभक स्टाल अछि, परञ्च भीड़ त सिर्फ आ सिर्फ मैथिली मचान पर, भेल न ई चमत्कार। बस अहाँ सभक सहयोग आ समर्थनक प्रभाव थिक ई। मैथिली जिन्दाबाद!! – नवारम्भ प्रकाशनक संचालक अजित आजाद अपन प्रतिक्रिया दैत कहलनि।

श्री आजाद विगत किछु समयसँ ई आह्वान करैत आबि रहला अछि जे जँ १००० आदमी १००० टका प्रति व्यक्तिक किताब कीन लैथ त ई एकटा विश्व रेकर्ड बनत जे सर्वाधिक पोथी मैथिली भाषाक बिक्री विश्व मेला मे भेल। आजुक सहभागितासँ बढल आत्मविश्वास संग श्री आजाद कहलैन जे विश्व रेकर्ड बनत से दृढ विश्वास अछि। बस अहाँ सब समूहगत ढंग सँ एहि विश्व पुस्तक मेला मे पहुँचू… शपथपूर्वक पोथी कीनू, पढू आ लिखबाक काज सेहो करू। प्रकाशन, बिक्री-वितरण आ चारूकात मैथिलीमय होयबाक कृपा स्वयं जानकीक कृपा सँ बरसैत रहत। गारन्टी!!

गैलरीक लौंग व्यु मे सबसँ अधिक भीड़ जतय देखि रहल छी वैह थिक स्टाल नंबर ३८९, अर्थात् मैथिली मचान।

आशा करी जे भीड़क संग-संग पोथीक बिक्री सेहो ऊफान पर अछि। ओना दिल्ली मे मिथिला जियत, ई जे कहबी कतहु-कतहु सुनि रहल छलहुँ से एहि प्रदर्शनी-बिक्री केन्द्र सँ सिद्ध होयत – दावी करैत कहैत छथि मैथिली साहित्य महासभाक वरिष्ठ पदाधिकारी संजीव सिन्हा।

एकटा जिज्ञासामे सिन्हा कहलनि जे उम्मीद टा नहि विश्वास करू – साहित्य अकादमी मे सूचीकृत कुल २४ गोट मान्यता प्राप्त भाषा मे हिन्दी आ अंग्रेजीक बाद सर्वाधिक बिक्री होयवला पोथी मैथिली थिक। मैथिलीक अच्छे दिन केँ कियो नहि रोकि सकैत अछि।

बहुत जल्द आरो कतेको रास खुशखबरी सुनेबाक बात सेहो ओ कहलनि जे समयक संग सूचित करब। एखन धरि दोसर मैथिली साहित्य महासभाक कोनो पदाधिकारीक तरफ सँ कोनो सूचना मैथिली जिन्दाबाद केँ प्राप्त नहि भेल अछि, लेकिन पदाधिकारी लोकनि पर ई भार त बनिते अछि जे मैथिली पोथीक बिक्री धमाधम आ उल्लेख्य करबैथ। मैथिली साहित्य महासभाक संस्थापक पक्षसँ हेमन्त झाक उपस्थिति आ समर्थन आह्लादकारी रहल।

बढय लागल अछि दिग्गज स्रष्टा लोकनिक उपस्थिति – पहुँचलाह अछि मैथिली नाट्य साहित्यक शेक्सपियर – महेन्द्र मलंगिया। संग मे छथिन सर्जक सपुत आ मैथिलीक झंडाकेँ कइएको आयोजनक माध्यम सँ दिल्लीक आकाशमे उच्च फहरेनिहार ऋषि झा मलंगिया।

प्राप्त सूचना मुताबिक महेन्द्र मलंगिया, शेफालिका वर्मा, मन्त्रेश्वर झा, गंगेश गुंजन, उषाकिरण खान, देवशंकर नवीन, निवेदिता झा, आराधना प्रधान, प्रवीण कुमार झा, विमल जी मिश्र, मनीष झा बौआभाइ, ऋषि मलंगिया, विनोद कुमार झा आ स्टाल पर nbt के निदेशक बलदेव भाई शर्मा, आधार प्रकाशन केर मालिक देश निर्मोही जी अयलाह। स्वयं अजित आजाद भाइक उपस्थिति, सविता झा खान व अमित आनन्दजी सहित समस्त कार्यदल धन्यवादक पात्र छथि।

मैथिली युवा कवि मनीष झा बौआभाइ मचानक विभिन्न गतिविधि – राखल गेल पोथी सभक दृश्य – जुटि रहल भीड़ आदिक फेसबुक लाइव कय चारूकात मैथिली जिन्दाबादक झंडा फहरौलनि।

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