‘श्रीजगदीशवेदोद्यानसौरभम्’ ग्रन्थ लगमा ब्रह्मचर्य आश्रमक ब्रह्मचारीजी पर रचित-लोकार्पित

Pin It

लगमा, दरभंगा। दिसम्बर ११, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

*संस्कृत विद्यापीठ, दिल्लीक सभागार मे कुलपति द्वारा समारोहपूर्वक कयल गेल लोकार्पण
*ग्रन्थ केर सम्पादन डॉ. सुन्दर नारायण झा कयने छथि
*ग्रन्थ मे लगमा ब्रह्मचर्य आश्रम, दरभंगा केर सम्पूर्ण दिनचर्याक उल्लेख भेटैछ
दरभंगा जिलाक लगमा ग्राम स्थित जगदीश नारायण ब्रह्मचर्य आश्रम केर संस्थापक ब्रह्मचारी जी महाराज केर ७वाँ पुण्यतिथिक अवसर पर हुनकहि स्मृति मे “श्रीजगदीशवेदोद्यानसौरभम्” नामक ग्रन्थ केर लोकार्पण श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, नया दिल्लीक सभागार मे कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय केर कर कमल सँ लोकार्पित भेल।
लोकार्पण समारोह मे अपने अध्यक्षीय संबोधन मे कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय कहलनि जे आदिकाल सँ वेद केर रक्षा महर्षि लोकनि कयलनि अछि। एहि कलिकाल मे पूज्यचरण ब्रह्मचारीजी प्राचीन वैदिक महर्षि जेकाँ अपन दिनचर्याक पालन करैत वेदरक्षार्थ ब्रह्मचर्याश्रम केर स्थापना कय मिथिलाक गौरव बढ़ौलनि अछि। हम सब हुनक ऋणी छी। आइ एहि आश्रम से पढ़ि-लिखि कय देशक विभिन्न कोण मे हजारों छात्र अपन प्रतिभाक परचम लहरा रहल अछि।
कार्यक्रम केँ सम्बोधित करैत रा. सं. संस्थान केर पूर्व निदेशक डॉ. कमलाकान्त मिश्र कहला जे एहि तरहक कार्य-संकलन केँ ब्रह्मचारीजी प्रति उचित आ अनुकूल श्रद्धांजलि देल गेल अछि। का. सिं. दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयक व्याकरण विभागाध्यक्ष प्रो. शशिनाथ झा मिथिला मे संस्कृत भाषा केँ पुन: स्थापित करब आ गुरूकुल व्यवस्था केँ कायम रखबाक लेल ब्रह्मचारीजीक भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रहबाक बात कहलनि। वर्तमान ग्रन्थ समाज लेल अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होयत ओ कहलनि।
ज. ना. ब्र. आदर्श संस्कृत महाविद्यालयक प्राचार्य डॉ. फूलकान्त मिश्र, श्रीरामसुन्दर संस्कृत विश्व विद्या प्रतिष्ठान रमौली केर प्राचार्य डॉ. कामेश्वर चौधरी ग्रन्थ लेखन लेल डॉ. सुन्दर नारायण झा केर भूरिश: प्रशंसा कयलनि। समारोह में ग्रन्थक महत्ता बतबैत श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ केर वेद विभागक प्राध्यापक सह ग्रन्थ सम्पादक डॉ. सुन्दर नारायण झा केर उक्त ग्रन्थ मे भारतक श्रेष्ठ मनीषि, शंकराचार्य, मंत्री एवं ब्रह्मचारीजीक शिष्यजन आदि द्वारा प्रदत्त संस्मरण एवं संदेश संलग्न कयल गेल अछि। ग्रन्थ मे कुल ५१८ पृष्ठ अछि, लगमा ब्रह्मचर्य आश्रम केर सम्पूर्ण दिनचर्या केँ सेहो सुव्यवस्थित ढंग सँ दरसाओल गेल अछि।
शिक्षाविद् डॉ. रामसेवक झा लगमा आश्रम प्रति आस्था प्रकट करैत कहला जे एहि तरहक ग्रन्थ सँ नहि केवल छात्र सबकेँ बल्कि प्राध्यापक लोकनि केँ सेहो महत्वपूर्ण जानकारी सब भेटत, अपितु सम्पूर्ण मिथिलावासी केँ एहि ग्रन्थ सँ आश्रम केर प्रति सही जानकारी सेहो भेटत।
कार्यक्रम केर शुरूआत पं. ब्रजेश कुमार झा एवं अभिषेक चन्द्र झा केर संयुक्त वैदिक मंगलाचरण सँ भेल। समारोह मे विद्यापीठ केर सब विभागक प्राध्यापक, छात्र-छात्रा सहित कतेको गणमान्य लोक सब उपस्थित छलाह।
पूर्वक लेख
बादक लेख

One Response to ‘श्रीजगदीशवेदोद्यानसौरभम्’ ग्रन्थ लगमा ब्रह्मचर्य आश्रमक ब्रह्मचारीजी पर रचित-लोकार्पित

  1. Sobhagyak bat je Hamar Pitaji Ehi Sanstha me Hindi ke Pradhyapak chhalah chhlah. Aa hom sab kateber prahmchari baba son aasirvad lene chhi. Aa hunkar gun ka parichai bhel aichh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 + 7 =