नेपाल चुनाव परिणाम आ नया दिशा

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सम्पादकीय

केन्द्र आ राज्य सब तैर बामपंथी सरकार बहुमत मे…. देशक भविष्य लेल ई नीक संकेत भेल जे आब कोनो एक दल या समूह या पावर बार्गेनिंग कयनिहार कोनो शक्ति द्वारा बेसी भाव-बट्टा नहि ताकल जायत।
 
प्रदेश १ सँ ७ धरि – सौंसे एमाले-माओवादी गठबंधन केर सरकार पूर्ण बहुमत सँ सरकार गठन करबाक सामर्थ्य मे अबैत स्पष्ट अछि।
 
एकटा प्रदेश २ यानि मिथिला मधेश मे मात्र मधेशवादी गठबंधन काँग्रेस केर समर्थन सँ सरकार बनेबाक स्थिति मे देखा रहल अछि।
 
नेपाली काँग्रेस केर दिग्गज नेता सभक हारि भेल अछि। ई संकेत थिक जे चुनाव पूर्व उचित गठबंधन नहि करब आर सोझाँ मे बामपंथक महागठबंधन केँ सामना करब त हारि सुनिश्चित अछि। वोट प्रतिशत कतहु सँ घटि गेल केकरो से बात नहि – बल्कि वोट केर समग्रता जाहि सँ जीत भेटैत छैक तेकरा अपना पक्ष मे नहि कय सकबाक कारण ई बदतर हार सोझाँ आयल।
 
देशक एक सीट – धनुषा (जनकपुर) केर ३ नंबर क्षेत्र मे नेपाली काँग्रेस केर वरिष्ठ नेता विमलेन्द्र निधि अन्ततः पटकान खाएत चित्त भऽ गेलाह। मधेश लेल अपन जान केर बाजी लगा देनिहार नेता राजेन्द्र महतो अपन क्षेत्र छोड़ि हिनकर क्षेत्र मे आबि जातिवादिताक गलत हावा देलनि किंवा बामपंथीक अप्रत्यक्ष सहयोग प्राप्त कयलन्हि – जेना-तेना जीत अपन पक्ष मे करय मे सफल रहलाह। एहि तरहें मिथिला-मधेश केर एक अतुलित योद्धा राजनेता विमलेन्द्र निधि प्रत्यक्ष सदन-सहभागिता सँ बहुत महत्वपूर्ण समय मे वंचित रहि गेलाह जेकर दुष्परिणाम आखिरकार मधेश ओ मधेशीक मुद्दा लेल नकारात्मक होयब तय अछि।
 
राजेन्द्र महतो व हिनक दल अथवा सम्पूर्ण मधेशवादी शक्ति केर एकजुटता सँ पर्यन्त सदन मे कतेक शक्तिशाली सिद्ध होयत एकर अन्दाज भावी प्रधानमंत्री के पी ओली केर देल गेल आनलाइन खबर केँ विस्तृत साक्षात्कार सँ स्पष्टे अछि।
 
के पी ओली स्पष्ट कयलनि अछि जे राष्ट्रीयताक सवाल प्रथम होयत आगामी बामपंथी बहुमतीय सरकार केर। दोसर आ अत्यन्त महत्वपूर्ण बात जे ‘लोकतंत्रक रक्षा’ करबाक वास्ते विगत समयक संघर्ष केँ महत्व दैत ओ आश्वासन देलनि अछि – लोकतंत्रक रक्षा करब हुनकर सरकारक परम कर्तब्य होयत। तेसर, समानता आधारित राष्ट्रीय एकताक बात सेहो कयलनि अछि। लेकिन एहि मे पहिने विभेद केँ दूर करबाक बात आर फेर असमानता दूर करबाक नीतिगत योजना सेहो स्पष्ट कयलनि अछि। रणनीतिक तौर पर मधेश एवं अन्य वंचित, उत्पीडित जनता लेल किछु आशाक किरण हुनकर एहि नीति सँ स्पष्ट देखा रहल अछि।
 
स्पष्ट करी जे जाहि तरहें नेपालदेश मे मधेशी व अन्य समुदाय बीच पहिल आ दोसर तरहक नागरिक होयबाक भान दैत गृहयुद्ध करेबाक स्थिति राजनीतिक कारण सब सँ बनि गेल छल तेकरा ‘मृत्युक ब्यापारीक चलखेल’ कहैत ओ राष्ट्रीय एकता देश मे विविधताक रहैत कायम करबाक लेल प्रतिबद्धता व्यक्त कयलनि अछि। संगहि, एकमुष्ट केकरो समानताक भान देबा मे कठिनाई सेहो होएत छैक – ताहि लेल चरणबद्ध ढंग सँ आगू बढबाक नीतिगत बात स्पष्ट कयल गेल अछि हुनकर विचार सँ।
 
नेता ओली द्वारा राखल गेल चारिम बात थिक ‘स्थिरता तथा स्थायित्व’ केर। पोलिटिकल टरम्वाइल सँ देश आहत अछि। जनता थाकल अछि। आइ ई, काल्हि ई… सब दिन एतय नया-नया बात आ यथाभावी नीति केर हल्ला चलैत रहलाक कारण बदलाव एलाक बादो जनता मे शान्ति आ सद्भावक संग प्रगतिक अपेक्षा आरो उपेक्षा बढैत गेला सँ घोर असन्तोष व्याप्त छल। वर्तमान चुनावी परिणाम सेहो यैह कारण पूर्ण बहुमत दियेबाक लेल जनता एक दिश भेल कहि सकैत छी।
 
पाँचम आ अन्तिम बात जे एहि पाँच वर्ष मे वर्तमान सरकार द्वारा कयल जायत ओ सब सँ बेसी महत्वपूर्ण अछि। ई एजेन्डा थिक समृद्धि आर विकास केर। जनता प्यासल अछि। सच मे, आइ लगभग २०४५ सँ २०७४ – तीन दशक सँ निरन्तर अस्थाई सरकार बनबाक कारण नेपाल केर विकास गति ठप्प पड़ल अछि। ई पहिल सरकार पूर्ण बहुमत केर होयत त विकास केर गति बढेबाक भार एकरा पर रहबे करत।
 
लेकिन, एतय आपसी राजनीतिक कटुता आ अपनो दल मे अन्तर्द्वन्द्व आदिक भ्रष्ट इतिहास रहबाक कारणे जनता मे पूर्ण सन्तोषक भावना एखनहु नहि बनल, एक कोण मे डरक भावना व्याप्त अछिये। ताहि पर सँ पड़ोसी मित्रराष्ट्र सब संग मिलिकय आगू बढबाक नीति कोन तरहें ई नव सरकार अपनाओत, बहुत बात ताहि पर सेहो निर्भर करैत अछि।
 
हमर शुभकामना!! हारल-जीतल सब केँ।
 
हरिः हरः!!
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