Home » Archives by category » Editorial

असल एजुकेटेड पॉलिटिशियन आ जनक समाजवाद: मनन योग्य विमर्श

असल एजुकेटेड पॉलिटिशियन आ जनक समाजवाद: मनन योग्य विमर्श

असल पढ़ल लिखल राजनेता के (विमर्श लेल समर्पित एक लेख) अहाँक विचार आमंत्रित काल्हि एक महत्वपूर्ण वेबिनार में बिहार केर राजनीतिक स्थिति पर परिचर्चा के दरमियान भारतीय सर्वोच्च न्यायालय केर पूर्व न्यायाधीश आ अपन ठांय पर ठांय बात विचार लेल जानल गेनिहार मार्कण्डेय काटजू एजुकेटेड लोक केर परिभाषित करबाक एक बेहतरीन तर्क रखलाह। हुनकर बात […]

दुर्गा पूजा मनेबाक असल वजह आ लाभ

दुर्गा पूजा मनेबाक असल वजह आ लाभ

नवरात्र 2020 विशेष भवानी केर भवन में लागल भक्तक भीड़ किछु मनन योग्य बात के थिकीह दुर्गा, कि थिकैक दुर्गति (आध्यात्मिक स्वाध्याय)😊 मैया अर्थात सभक जननी, कहलो जाइत छन्हि जगज्जननी, हुनकर आराधना ओना त साल में कुल चारि बेर विशेष नवरात्र व्रत सँ कयल जाइछ लेकिन दुइ नवरात्र बेसी प्रसिद्ध अछि, वासन्तीय व शारदीय नवरात्रि। […]

विश्वसनीयता निर्माण मे बहुत समय लगैछ – टूटब त क्षण भरिक काज छी

विश्वसनीयता निर्माण मे बहुत समय लगैछ – टूटब त क्षण भरिक काज छी

आउ किछु चर्चा करी विश्वसनीयता निर्माण आ नोक्सान ऊपर   हाई स्कूल केर कक्षा १०वीं मे गामक आरो कतेको छात्रक संग एक राजकुमार बाबू सेहो छलाह। सुखी‍-सम्पन्न परिवारक बच्चा, हुनका स्कूल अयबा-जयबा लेल एकटा साइकिल कीनि देल गेल छलन्हि। आर बच्चा सभक परिवार ततेक सुखितगर-सुभितगर नहि छल – आर केकरो पास साइकिल नहि छलैक। राजकुमार […]

समाज मे गदहा नहि उड़यवला घोड़ा बनेबाक होड़ हो

समाज मे गदहा नहि उड़यवला घोड़ा बनेबाक होड़ हो

झूठक प्रशंसा सँ गदहा टा बनैत अछि   ई अनुभव हम सब कियो जरूर करैत होयब जे प्रशंसा असली आ नकली दू प्रकार केर होइछ, असली प्रशंसा मे नीक भविष्यक निर्माण होइत अछि ओत्तहि नकली प्रशंसा मे क्षणिक आनन्द प्राप्त होइतो ओ दीर्घकालीन प्रभाव नहि छोड़ि पबैत अछि। मैथिली केर पठन-पाठन या सृजन-पोषण केर कार्य […]

कोना बनेबय दहेज मुक्त मिथिला

कोना बनेबय दहेज मुक्त मिथिला

कोना बनत दहेज मुक्त मिथिला   दहेज प्रथा खराब छैक। दहेजक लेन-देन अबैध छैक। लेकिन समाजक अगुआ वर्ग एकरा जानि-बुझि अपनेने अछि। अपना केँ जे चलाक आ चतुर बुझैत अछि ओकरा वास्ते दहेज प्रथा बहुत उपयोगी छैक। ओ अहाँ केँ एहेन-एहेन तर्क सब देत जे अहाँ केँ उल्टा बेवकूफ सिद्ध करत आ फेर हँसी उड़बैत […]

मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण आ सेवा केर १०० वर्ष पूर्ण

मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण आ सेवा केर १०० वर्ष पूर्ण

मातृभाषा लेल समर्पण केर १०० वर्ष मैथिली भाषा-साहित्यक इतिहास मे मातृभाषाक रूप मे मैथिलीक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक अभियान लगभग १९२० ई. मे शुरुआत भेल छल। विद्यापति केर ‘देसिल वयना सब जन मिट्ठा’ केर उद्घोष संग अपन भाषाक प्रति जनजागरण केर अभियान सेहो एहि आसपास १९२०-३० केर बीच मे मानल जाइत अछि। एहि तरहें मातृभाषा […]

ओ नीक छलाह या अहाँ नीक छी – मंथन योग्य विषय

ओ नीक छलाह या अहाँ नीक छी – मंथन योग्य विषय

परम्पराक अगबे दोख देनाय कतेक उचित?   कखनहुँ-कखनहुँ हमरा दिमाग मे ईहो बात अबैत अछि जे अपन पुरुखाजनक परम्परा केँ हम सब सीधे गलत कहि बैेसैत छी से हमरे सभक गलती छी। युग (देश, काल आ परिस्थिति) अनुसारे कोनो सामाजिक नियम केँ बनब या जियब शास्त्रीय पद्धति कहल गेल अछि। पुरुखाजनक समय मे जाहि तरहक […]

सिर्फ नकल कय केँ मिथिलावादक पृष्ठपोषण कहियो संभव नहि होयत

सिर्फ नकल कय केँ मिथिलावादक पृष्ठपोषण कहियो संभव नहि होयत

नकल सँ आगू बढब असंभवः हाल-ए-मिथिलावाद ओना त एखन कोरोनाक भयावहताक बीच भँवर सँ हम मिथिलावासी संसारक आन भागक वासी सब जेकाँ कोहुना-कोहुना सुरक्षाक ध्यान रखैत जीवन बचेबाक प्रयत्न कय रहल छी, लेकिन संसार भरि मे जेना एखुनका समय बेस मात्रा मे राजनीतिक खेल-वेल सब देखाइत अछि ताहि मे सेहो हम सब केकरो सँ पाछू […]

लैंगिक समानता लेल दहेज मुक्त मिथिलाक प्रयास

लैंगिक समानता लेल दहेज मुक्त मिथिलाक प्रयास

समाजरूपी गाड़ीक दू पहिया थिकैक महिला आ पुरुष। अपन मिथिलाक कइएक विषय पर महिला लोकनिक सहभागिता सही मे बड कमजोर अवस्था मे रहैक। लेकिन अन्डर करेन्ट मे मिथिला महिला समाज केकरो सँ कम नहि छलीह, छथि वा रहती – ईहो सच छैक। तखन हुनका सब केँ आगाँ आनब केना? बस एतबे टा सवाल केर जवाब […]

अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी अपन इलाज अपने करू जेना कि एखन देखि रहल होयब, कतेको रास चिकित्सक या चिकित्सालय सेहो कोरानाक त्रास वा आशंका मे एहतियातन बन्द अछि – एहेन समय अपन इलाज अपनहि करबाक एकटा नीक सुझाव हमरा सभक पास मौजूद अछि। बीमारीक लक्षण सँ इलाज करबाक स्थापित विधान अनुसार हम सब स्वयं […]

Page 1 of 37123Next ›Last »