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ताजमहल आ अन्य भारतीय विश्व धरोहर

ताजमहल आ अन्य भारतीय विश्व धरोहर

विश्व विरासत स्थल अथवा विश्व धरोहर एहेन ख़ास स्थान, वन क्षेत्र, पर्वत, झील, मरुस्थल, स्मारक, भवन या शहर इत्यादि केँ कहल जाइत छैक, जे ‘विश्व विरासत स्थल समिति’ द्वारा चयनित कैल गेल हो और यैह समिति एहि स्थल केर देखरेख यूनेस्को केर तत्वाधान मे करैत छैक। विश्व केर सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थल केँ विरासत केर रूप मे संरक्षित रखबाक […]

महिषी मे संपन्न भेल बाल रंग शिविर

महिषी मे संपन्न भेल बाल रंग शिविर

अमित आनन्द, महिषी। जुन ८, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! महिषीक एडीपीजे उच्च विद्यालयक प्रांगण मे भारत सरकार अन्तर्गत कार्यरत पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र, कोलकाता तथा महिसी डट ओआरजी केर संयुक्त तत्त्वावधान मे आयोजित ७-दिवसीय ‘ग्रीष्मकालीन बाल रंग शिविर’ कार्यक्रमक समापन सँ लोकमानस मे सांस्कृतिक समृद्धि हेतु वांछित जागृतिक प्रसार संभव भेल। २ जुन सँ प्रारंभ एहि शिविर […]

सुन्दर गाम: बनगाँव

सुन्दर गाम: बनगाँव

सौजन्य: जय हो बन्गाम, बनगाँव, सहरसा। मई १८, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! “स्वर्ग केर प्राचीनतम गाम मे एक – बनगाँव केर संक्षिप्त विवरण” मिथिलाक सहरसा जिला मे कहरा प्रखंडक बनगाँव गाम प्राचीनकालीन गाम अछि, जतय लक्ष्मीश्वरनाथ महादेव खुद बाबा लक्ष्मीनाथ विराजय छथिन। एकर अगल-बगल में वाणेश्वर, माँ दुर्गा मन्दिर सेहो बहुत प्रसिद्ध अछि। बनगाँव मिथिलाक प्राचीनतम गाम […]

Ramleela of Mithila: A Forgotten Tradition of Folk Theatre

Ramleela of Mithila: A Forgotten Tradition of Folk Theatre

– Dr. Kailash Kumar Mishra [Dr. Kailash Kumar Mishra is an anthropologist, art-historain and Human Rights Expert; he is the Chairman of BRAINKOTHI, and RIRKCLRC. Dr. Mishra is  based in New Delhi. His emails: kailashkmishra@gmail.com, kkmbrainkothi@gmail.com] Introduction: The two great epics: Ramayana and Mahabharata from time immemorial have been influencing every sphere of life and […]

Vishwa Dharohar Diwas: Mandan Dham, Mahishi

Vishwa Dharohar Diwas: Mandan Dham, Mahishi

सुभाषचंद्र झा, मंडनधाम, महिषी, सहरसा। मैथिली जिन्दाबाद – मार्च १८, २०१५. मंडन धाम (महिषी) मे विश्व धरोहर दिवस मनाआेल गेल। पुरातत्त्व विभाग व ग्रामीण सबहक सहयोग सँ महान् विभूति मंडन मिश्रक जन्मभूमि केँ सुरक्षित, संरछित आ जगजियार करबाक आवश्यकता रहबाक बात पर जोर देल गेल। एहि अवसर पर वक्ता सभ स्वतः प्रमाणम् परतः प्रमाणम् सिद्ध भूमि […]

सलहेशक फूलबाड़ी मे फूलायल अनुपम फूल

सलहेशक फूलबाड़ी मे फूलायल अनुपम फूल

– सुनील गुप्ता, सिरहा। मार्च १५, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद। मिथिलाक लोकराजा – लोकदेवता आ महावीर-पराक्रमी सलहेश आ हुनक प्रेमिका कुसुमाक संग प्रेमगाथाक जीवन्त गान करयवला अनुपम फूल सिरहाक लहान समीप सुप्रसिद्ध सलहेश फूलबाड़ी मे पुन: वैशाख १ गते मैथिली नव-वर्षक दिन फूलायल अछि। ज्ञात हो जे ई फूल भैर बरिस मे एक्कहि दिन, अही दिन […]

तीन बात

तीन बात

प्रत्येक मनुष्य लेल निम्न तीन बात विचारपूर्वक करबाक चाही। १. शरीरक तप: देवद्विजगुरुप्राज्ञपूजनं शौचमार्जवम्। ब्रह्मचर्यमहिंसा च शारीरं तप उच्यते॥ देवता, द्विज (ब्राह्मण व जीवन मे संस्कार प्रदान केला उपरान्त दोसर बेर जन्म भेनाय माननिहार), गुरु, प्राज्ञ (विद्वान्, ज्ञानी, गुणी) केर पूजन; शौच (शारीरिक मलादि सँ निवृत्ति, स्नान आ सफाइ आदि) आ मार्जव (शारीरिक सरलता, साधारण […]

श्री महागणेशपञ्चरत्नस्तोत्रम् (श्रीशङ्कराचार्यकृतम्)

श्री महागणेशपञ्चरत्नस्तोत्रम् (श्रीशङ्कराचार्यकृतम्)

मुदाकराक्त मोदकं सदा विमुक्तिसाधकम्। कलाधरावतंसकं विलासि लोकरक्षकम्॥ अनायकैक नायकं विनाशितेभदैत्यकम्। नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम्॥१॥ नतेतरातिभीकरं नवोदितार्कभास्वरम्। नमत्सुरारि निर्जरं नताधिकापदुद्धरम्॥ सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरम्। महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम्॥२॥ समस्त लोकशङ्करं निरस्तदैत्यकुञ्करम्। दरेतरोदरं वरं वरेभवक्त्रमक्षरम्॥ कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करम्। मनस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम्॥३॥ अकिञ्चनार्तिमार्जनं चिरन्तनोक्ति भाजनम्। पुरारिपूर्व नन्दनं सुरारि गर्वचर्वणम्॥ प्रपञ्च नाशभीषणं धनञ्जयादि भूषणम्। कपोलदानवारणं भजे पुराणवारणम्॥४॥ […]