Home » Archives by category » Article » Heritage (Page 9)

मैथिल ब्राह्मणक पंजी प्रबंध: एक परिचय

मैथिल ब्राह्मणक पंजी प्रबंध: एक परिचय

विद्वत् मत: आलेख – प्रो. रामचन्द्र मिश्र मधुकर मिथिलाक लुप्त प्राय एकगोट आदर्श परम्परा  ओना तँ पंजीप्रबंध  बहुत पैघ विषय अछि, मुदा हम एतय एकटा कुँजिका रूप मे किछु लिखबाक प्रयाश कए रहल छी | आइ काल्हि अधिसंख्य मैथिल बंधु अपन स्वरुप सँ अनभिज्ञ छथि, तनिका हेतु सामान्य ज्ञान प्राप्तिक ई लेख उपादेय होएत | […]

मिथिला चौक – दिल्ली: देशक राजधानी मे मैथिल केर असेम्बली हाउस केर परिचय

मिथिला चौक – दिल्ली: देशक राजधानी मे मैथिल केर असेम्बली हाउस केर परिचय

दिल्लीक मिथिला चौक – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिला आ भारतदेशक राजधानी मे अदौकाल सँ गहिंर संबंध रहल अछि। जहिया देशक राजधानी कलकत्ता छल तहियो, ताहि सँ पूर्व मुगलकाल मे आगरा आ बाद मे फेर दिल्ली, मैथिल जनमानस केर आवश्यकता कुशल व्यवस्थापन हेतु सब दिन राज्य संचालक केँ पड़ल आ अपन कुशाग्रता, गंभीरता आ वैचारिक पूर्णताक कारणे […]

विराटनगर मे ऐतिहासिक पारंपरिक रथयात्रा प्रारंभ

विराटनगर मे ऐतिहासिक पारंपरिक रथयात्रा प्रारंभ

विराटनगर, सितम्बर ६, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! जन्माष्टमीक प्रात दिन तिनपैनी (विराटनगर) स्थित अति प्राचीन राधाकृष्ण मन्दिर सँ शुरु करैत विराटनगर बजार आ धरान रोड होइत कुल १० किमी जतेक परिक्रमा यात्रा केर रथयात्रा ससमय ३ बजे सँ प्रारंभ भऽ गेल अछि। एहि बेर आयोजक समिति द्वारा अत्यन्त वृहत् आयोजन कैल गेल अछि। जुलूस-झाँकी मे विभिन्न […]

मिथिलाक बाबाधाम: कुशेश्वरनाथ महादेव

मिथिलाक बाबाधाम: कुशेश्वरनाथ महादेव

राहुल झा, बनगाँव, सहरसा। सितम्बर ३, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! साभार: नितीश झा द्वारा फेसबुक पर कैल गेल पोस्ट  मिथिलांचलक बाबा बैद्यनाथ धाम आ उत्तर बिहारक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवनगरी बाबा कुशेश्वरधाम शिव भक्त केर आस्थाक केंद्र मे प्रमुख अछि। एतय साल भरि श्रद्धालुक लाइन लागल रहैत अछि, विशेष कय सावन महीना मे शिव भक्तक आस्था एतय […]

बाणेश्वर महादेव देबना (बनगाँव) केँ लगायल गेल १५६ प्रकारक भोग: अति प्राचीन परंपरा

बाणेश्वर महादेव देबना (बनगाँव) केँ लगायल गेल १५६ प्रकारक भोग: अति प्राचीन परंपरा

राहुल झा, बनगाँव, सहरसा। सितम्बर १, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! पूर्वी मिथिलाक कोसी क्षेत्रकेँ ‘देवहु केर देव महादेव केर नगरी’ कहल जाय तँ कोनो अतिशियोक्ति केर बात नहि होयत, कोसीक गर्भ मे बाबा श्रृंगि ऋषि केर धरती कहायवला मधेपुरा मे अवस्थित बाबा सिंहेश्वरनाथ महादेव, सुपौल जिलाक गणपतगंज (धरहरा) मे अवस्थित भीमशंकर महादेव, सहरसा जिलाक महिषी गामक नाकुच मे […]

चामुण्डा माय (पचही, मधेपुर) केर दर्शन

चामुण्डा माय (पचही, मधेपुर) केर दर्शन

मलयनाथ मिश्र, मधेपुर (मधुबनी)। २८ अगस्त, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! गाम-गाम आ ठाम-ठाम पर बसैत छथिन आदिशक्ति जगदम्बा, ताहि सुन्दर मिथिला भूमि पर बनल अछि लाखों छोट-छोट सुन्दर-सुन्दर जगदम्बाक मन्दिर जतय जुटैत अछि लाखों श्रद्धालू-भक्तक भीड़ आ पूजा-आराधना सतति चलिते रहैत अछि। एहने एकटा अति सुन्दर स्थल अछि – पचही (मधेपुर) – जिला मधुबनीक माँ चामुण्डा […]

अन्न बिना सब सुन्न-मशान!!

अन्न बिना सब सुन्न-मशान!!

हमहुँ रोपब धान – प्रवीण नारायण चौधरी   बाबु! तूँ खेत पर काज करैत छह, हमहुँ तोरा संग दैत छियह! अन्न उपजि तऽ भूख मरैत छह दुनियाक पेट किसान भरैत छह! बाबु! तूँ खेत पर ….   थाल पाइन मे धानक बिहैन रोपि-रोपि जे सपना देखैत छह बरखा पानी खाद कमौनी बड मेहनति सँ धान […]

मिथिलादेश आइ मिथिलांचल कोना

मिथिलादेश आइ मिथिलांचल कोना

मिथिला देश से मिथिला राज्य आ आब मिथिला राज्य सऽ बनि गेल मिथिला अँचल!! (मिथिलाँचलपर विशेष) भारतवर्ष समस्त संसारके द्योतक थिकैक, कारण भारतवर्षमें विदेश केकरो नहि कहल गेलैक अछि। वसुधैव कुटुम्बकम् समान अति उच्च संस्कार के ग्रहण करैत मानव-कल्याण संग हर जीवपर दयाक बात कैल गेल छैक। करुणा सँ पैघ प्रेमक दोसर कोनो रूप नहि! […]

शखड़ेश्वरी भगवती दर्शन: आस्था आ पर्यटन दुनू दृष्टि सँ महत्वपूर्ण

शखड़ेश्वरी भगवती दर्शन: आस्था आ पर्यटन दुनू दृष्टि सँ महत्वपूर्ण

सन्दर्भ: शखड़ेश्वरी भगवती शक्तिपीठ दर्शन (पोथी)  लेखक: श्याम सुन्दर यादव, सप्तरी (मिथिला), नेपाल राजविराज सँ करीब १५ किमी दक्षिण नेपाल-भारत सीमा पर अवस्थित अत्यन्त रमणीय स्थल जतय साक्षात् ‘सखड़ेश्वरी भगवती’ विराजमान छथि, जतय नेपाल आ भारत केर विभिन्न ठाम सँ नित्य सैकड़ों-हजारों पर्यटक देवीक विशेष दर्शन लेल अबैत अछि आ मान्यता अनुसार सब कियो मनोकामना […]

परतंत्रता की दर्द: बंगाल की अकाल (दर्दनाक गाथा)

परतंत्रता की दर्द: बंगाल की अकाल (दर्दनाक गाथा)

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी इतिहास मे कुछ दस्तावेज संग्रहित है जिसमें परतंत्रता की दर्द को बयाँ किया गया है। आज मैं एक लेख पढ रहा था जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में १७६८-७३ ई. महा-अकाल आया और लाखों लोगों को अन्न-अन्न के वगैर मृत्यु के मुँह में धकेल […]