Home » Archives by category » Article » Culture (Page 317)

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् – जमशेदपुर अध्यक्ष मे अमलेश झा निर्वाचित: अन्तर्वार्ता

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् – जमशेदपुर अध्यक्ष मे अमलेश झा निर्वाचित: अन्तर्वार्ता

– प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, मार्च १५, २०१५, मैथिली जिन्दाबाद! अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् – मिथिलाक एक प्राचिन सुसंगठित संस्था जे भाषिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक आ सामाजिक विषय पर कार्य करैत आबि रहल अछि आ जेकर सबसँ मजबूत शाखा जमशेदपुर केँ मानल जाइत अछि, ताहि संस्थाक अध्यक्षक रूप मे अनेको बुजुर्ग-पुरान नेतृत्वकर्ताक सोझाँ युवा नेतृत्वक जीत वर्तमान […]

अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद जमशेदपुरक नवल प्रशासीदल

अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद जमशेदपुरक नवल प्रशासीदल

– शिव कुमार झा ‘टिल्लू’, जमशेदपुर। मार्च १५, २०१५; मैथिली जिन्दाबाद   अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद जमशेदपुरक नूतन कार्यकारिणीक गठन राति मे नववर्षक समारोह मे कएल गेल . एहि संस्थाक प्रदेश महासचिव आ मैथिलीक चर्चित साहित्यकार प्रो. डॉ . रवींद्र कुमार चौधरी जी सकल प्रशासी कार्यकरिणीक घोषणा कयलनि. नव संगठनमे जमशेदपुरक चर्चित संस्कृति प्रेमी आ एहि […]

मिथिला दिवस समारोह – मैथिली नव वर्षक उपलक्ष्य

मिथिला दिवस समारोह – मैथिली नव वर्षक उपलक्ष्य

जमशेदपुर मे मिथिला दिवस समारोह: झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा उद्घाटन   – किसलय कृष्ण, जमशेदपुर, मैथिली जिन्दाबाद, १५ मार्च, २०१५।   अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् द्वारा झारखंडक आर्थिक राजधानी आ भारतक मैनचेस्टर कहल जायवला औद्योगिक नगरी जमशेदपुर (टाटा) मे काल्हि मैथिली नव वर्षक उपलक्ष्य ‘मिथिला दिवस’ केर रूप मे समारोहपूर्वक मनाओल गेल। एकर उद्घाटन झारखंडक […]

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

– प्रवीण नारायण चौधरी विराटनगर, मैथिली जिन्दाबाद! अप्रैल १२, २०१५. विराटनगर मे आयोजित एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन – २०१५ समारोहपूर्वक संपन्न कैल गेल। एहि सम्मेलन मे मैथिली भाषा ओ मिथिला संस्कृतिक कवि एवं अभियानी लोकनीक ४ पीढीक प्रत्यक्ष सहभागिता देखल गेल। खुल्ला आमंत्रण मे आयोजित एहि कार्यक्रम मे भारत ओ नेपाल सँ करीब १३० […]

मैथिली जिन्दाबाद डट कम – सम्पादकीय

मैथिली जिन्दाबाद डट कम – सम्पादकीय

मैथिलीभाषीक जनसंख्या ७ करोड़ – सरकारी आँकड़ा मुताबिक आ विभिन्न राजनीतिक पैंतराबाजी सँ प्रभावित भेलाक बादो नेपाल आ भारत दुनु देशक जनगणना मुताबिक लगभग ४ करोड़ मैथिलीभाषी छथि। विश्व भरिक भाषिक पहिचान मे सेहो मैथिलीक अधिकार सर्वथा ऊपर आ मुख्य भाषाक रूप मे मान्य अछि। प्राचिनकालक चर्चा सँ वर्तमान समयक शोधपूर्ण व्याख्यादि मे पर्यन्त मैथिली […]

मैथिली जिन्दाबाद डट कम केर लांचिंग ११ अप्रैल केँ

मैथिली जिन्दाबाद डट कम केर लांचिंग ११ अप्रैल केँ

लगभग सब तैयारी पूरा करैत एडमिन सरोज कार्की जानकारी करौलनि जे ११ अप्रैल अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ मे एहि वेबसाइटक लांचिंग कैल जायत।

छठि मैया आ डूबैत-उगैत सूरुजके पूजा

छठि मैया आ डूबैत-उगैत सूरुजके पूजा

छैठ परमेश्वरी के पूजा समस्त मिथिलावासी लेल अति प्राचिन पारंपरिक पूजन समारोह थीक। सामूहिक रूपमें बेसीतर महिला लेकिन गोटेक पुरुष व्रतधारी सभ संग अनेको प्रकारके पकवान व ऋतुफल संग संध्याकालीन सूर्यकेँ हाथ उठाय नमस्कार अर्पण करैत पुनः उषाकाल भोरहरबेसँ छठि परमेश्वरी (उगैत सूरज) केर दर्शन लेल व्रतधारी करजोड़ि ठरल जलमें ठाड़्ह इन्तजार करैत छथि। सूर्योदय […]

चुगला (गीत नाटिका)

चुगला (गीत नाटिका)

चुगला चुगलखोरी करनिहारके कहल जाइत छैक। मिथिलामें मैथिल सभक एक महत्त्वपूर्ण पावैन सामा-चकेवा में चुगला-दहन के गाथा छैक। चलू यैह बहाना हम किछु संस्मरण करी पावैन सामा-चकेवा जे मिथिलामें लोक-पर्व रूप मनयबाक अति प्राचिन परंपरा अछि।  पात्र परिचय: सामा – याने द्वारकाधीश श्री कृ्ष्णकेर बेटी के नाम! प्रकृति-प्रेमसँ आविर्भूत! सदिखन चिड़ै-चुनमुनी, जंगल-पहाड़, नदी-झरना-पोखैर-वन-उपवनमें रमनिहैर !  […]

तीन बात

तीन बात

प्रत्येक मनुष्य लेल निम्न तीन बात विचारपूर्वक करबाक चाही। १. शरीरक तप: देवद्विजगुरुप्राज्ञपूजनं शौचमार्जवम्। ब्रह्मचर्यमहिंसा च शारीरं तप उच्यते॥ देवता, द्विज (ब्राह्मण व जीवन मे संस्कार प्रदान केला उपरान्त दोसर बेर जन्म भेनाय माननिहार), गुरु, प्राज्ञ (विद्वान्, ज्ञानी, गुणी) केर पूजन; शौच (शारीरिक मलादि सँ निवृत्ति, स्नान आ सफाइ आदि) आ मार्जव (शारीरिक सरलता, साधारण […]

श्री महागणेशपञ्चरत्नस्तोत्रम् (श्रीशङ्कराचार्यकृतम्)

श्री महागणेशपञ्चरत्नस्तोत्रम् (श्रीशङ्कराचार्यकृतम्)

मुदाकराक्त मोदकं सदा विमुक्तिसाधकम्। कलाधरावतंसकं विलासि लोकरक्षकम्॥ अनायकैक नायकं विनाशितेभदैत्यकम्। नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम्॥१॥ नतेतरातिभीकरं नवोदितार्कभास्वरम्। नमत्सुरारि निर्जरं नताधिकापदुद्धरम्॥ सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरम्। महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम्॥२॥ समस्त लोकशङ्करं निरस्तदैत्यकुञ्करम्। दरेतरोदरं वरं वरेभवक्त्रमक्षरम्॥ कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करम्। मनस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम्॥३॥ अकिञ्चनार्तिमार्जनं चिरन्तनोक्ति भाजनम्। पुरारिपूर्व नन्दनं सुरारि गर्वचर्वणम्॥ प्रपञ्च नाशभीषणं धनञ्जयादि भूषणम्। कपोलदानवारणं भजे पुराणवारणम्॥४॥ […]