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मिथिलाको कला र वास्तुकला (स्थापत्य)

मिथिलाको कला र वास्तुकला (स्थापत्य)

आलेख – साभार प्रतीक डेली, विरगंज (नेपाल) सँ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक ‘क’वर्गीय पत्रिका सँ लेखकः प्रा. बासुदेवलाल दास, सहप्राध्यापक, इतिहास विभाग, ठाकुरराम बहुमुखी क्याम्पस, वीरगंज लेखकक बारेमेः मिथिलाक इतिहास आ पुरातात्विक सर्वेक्षणपर गहिंर शोध आ कतेको रास पुस्तक प्रकाशित छन्हि। मिथिलाक लोककला, संस्कृति आदिपर सेहो लेखक द्वारा समय-समयपर अनेकों स्तम्भ व आलेख सब नेपाली सहित अन्य-अन्य भाषाक […]

मिथिला विवाह संस्कार और मिथिला चित्रकलाः प्रसंग नवविवाहितों के लिये कोहबर सजाना

मिथिला विवाह संस्कार और मिथिला चित्रकलाः प्रसंग नवविवाहितों के लिये कोहबर सजाना

आलेख – राकेश झा ‘क्राफ्टवला’ मिथिला चित्रकला पर मिथिला की महिलाओं का एकाधिकार है। वे अपने आंगन की दीवारों को लीप पोत के उनपर अपनी कल्पनाओं को उकेर उनमें रंग भर जीवंत बना देती है । यह कला एक प्रकार का पारंपरिक चित्रकला है जो स्थानीय लोगों के जीवन शैली, परंपरा और संस्कृति सहित प्राकृतिक […]

Kobar – Special Mithila Painting With Valuable Teachings For Human Life

Kobar – Special Mithila Painting With Valuable Teachings For Human Life

आलेख – एस. सी. सुमन “KOBAR” Kohbar (nuptial chamber) painting is full of symbols which include all aspects of Maithili life with its wisdom full of practical meaning. The kohbar painting includes different symbolic expression that conveys special meanings according to the icons used there. Kohbar painting. Beside, parrot, tortoises, and fish are drawn representing […]

मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

विमर्श – प्रवीण नारायण चौधरी जिज्ञासा जानकार सज्जन सँः विषय कोहवर आ मिथिलाक लोकपरम्परा विवाहोपरान्त वर-कनियां केर प्रथम मिलन लेल निर्मित पवित्र स्थल, एतय सृष्टि-चक्र केर भित्ति-चित्र अंकित करबाक परम्परा अछि मिथिला संस्कृति मे।   गर्व करबाक विषय ई भेल जे ‘सृष्टि-चक्र’ केँ दरसाबैत कोहवरक देवालपर चित्रक अंकन कोनो-न-कोनो रूपमे नवविवाहित जोड़ीकेँ विवाहोपरान्त सन्तानोत्पत्तिक अधिकार दैत […]

मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण

मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण

मिथिला स्तुति हे मिथिला – बेर-बेर प्रणाम!! ईश्वर प्रति सम्पूर्ण आस्थावान् रहैत अपन जन्म एहि मिथिला नामक तीर्थभूमि – तंत्रभूमि -सिद्धभूमि मे होयबाक लेल पुनः-पुनः आभार प्रकट करैत छी। मिथिलाक स्तवन करब केहेन कल्याणकारी अछि से त देखू – म सँ मकार ब्रह्मा आर ताहि मे इकारान्त स्त्री यानि ब्रह्माणी (सरस्वती विराजित छथि, थ सँ […]

कविवर चन्दा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर आय भेल उद्घाटन

कविवर चन्दा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर आय भेल उद्घाटन

सहरसा-(मुरारी कुमार मयंक) आय कविवर चंदा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर विधिवत उद्घाटन सहरसा केर सनातन नगर वार्ड नं 32 में भेल अछि।जतय आगमी 28 जनवरी केर कविवर के जन्मस्थान बड़गाम में मनेवाक निर्णय भेल अछि।जहि में साहित्य गोष्टि सह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम सेहो हेबाक निर्णय भेल।उद्धाटन कर्यक्रमक अध्यक्षता चंद्रशेखर झाजि आ […]

मिथिलाक जीवन पद्धति पूर्णरूपे वेदानुसारः कातिक मासक धात्रीक गाछ तरक भोजनक संस्मरण

मिथिलाक जीवन पद्धति पूर्णरूपे वेदानुसारः कातिक मासक धात्रीक गाछ तरक भोजनक संस्मरण

आदरणीय काकी, भौजी आ सम्पूर्ण परिजन,   आजुक दिवस पैछला साल कातिक मासक पुनीत धार्मिक गार्हस्थ संस्कार जे धात्रीक गाछ तर ब्राह्मण-भोजन सह स्वजन्य भोजक आयोजन अपने लोकनिक स्वपाक, सुरुचि, स्वादिष्ट, सुन्दर भोजनक संग भेल छल से आइ फेसबुक मेमोरी मार्फत फेरो याद करा देल गेल अछि। जतबा आनन्द आयल रहय पोरकाँ एहि भोज मे […]

मिथिला भैर काली-पूजाक धूमः तंत्रपीठ मे देवी कालीक पूजाक बहुत पैघ महत्व

मिथिला भैर काली-पूजाक धूमः तंत्रपीठ मे देवी कालीक पूजाक बहुत पैघ महत्व

अक्टूबर १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! आदिशक्ति माँ दुर्गाक दस महाविद्या स्वरूप मध्य एक अत्यन्त शक्तिशाली आ देखय मे भयंकर रूपवाली काली थिकीह। देवाधिदेव महादेव केर प्रिया सती केर लीला सँ प्रकट दसो महाविद्या मे काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी आ कमला छथि। काली हिन्दू धर्मक एक प्रमुख देवी थिकीह। ई अत्यन्त सुन्दर-सौम्य […]

मिथिला मे जीतिया पाबनि – कठिन व्रतक संग एकजुटताक सन्देश

मिथिला मे जीतिया पाबनि – कठिन व्रतक संग एकजुटताक सन्देश

मिहिर कुमार झा ‘बेला’, मधुबनी। सितम्बर १३, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! जितिया पावनि (जिमूतवाहन व्रत) “जितिया पावनि बड़ भारी…धिआ पुता के ठोकि सुतएलौं, अपने खएलौं भरि थारी” – एहि पाबनि सँ जुड़ल ई लोक-कहिनी बहुत अर्थपूर्ण अछि। यथार्थतः जितिया मे निर्जला व्रत कएल जाएछ – एकर विधान बहुत कड़ा आ सावधानी सँ पूरा करयवला होएछ। माय […]

दशहरा यानि विजयादशमी केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक महत्ताः शक्ति उपासनाक ९ विशेष दिवस

दशहरा यानि विजयादशमी केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक महत्ताः शक्ति उपासनाक ९ विशेष दिवस

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी शारदीय नवरात्रक पावन बेला आबि गेल। सम्पूर्ण वर्ष केर ओ खास १०-दिवस आबि गेल। आइ सँ अगस्त्य तर्पणक संग कुल १५ दिवस धरि पितृ-तर्पण हेतु खास ‘श्राद्ध पक्ष’ केर शुरू भेल। तदोपरान्त कलशस्थापनाक संग दशहरा पूजा आरम्भ भऽ जायत। नवदुर्गाक चर्चा निम्न श्लोक मे पूर्ण अछिः प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं […]

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