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कुवैत सँ सूर्योधनक किछु भक्ति रचना – दुर्गा पूजा पर विशेष सुमिरन

कुवैत सँ सूर्योधनक किछु भक्ति रचना – दुर्गा पूजा पर विशेष सुमिरन

भजन – सूर्योधन कुमार घर घरमे घटस्थापनाक खुशी मनावल अछि। मंदिरके चारोवर खूब धूमधाम स सजावल अछि॥ नवरात्रिके नउ दिन मैया नव नव रूप धरत । नित दिन देखैलेल भक्तजन के भिड़ बढ़हत ॥ आगन प्रांगण सबतर पंडाल विछावल अछि । मंदिरके चारोवर ………. रंग बिरंगी फूल आ भोग लेल राखल अछि थार। नउ दिन […]

मैथिल ब्राह्मण : बियाह स विध भारी

मैथिल ब्राह्मण : बियाह स विध भारी

मैथिल ब्राह्मण समुदायः विवाह सँ विध भारी – स्नेहा प्रकाश ठाकुर अपने सब केँ बहुत आभार हमर बियाह सिरीज केँ पसंद करय लेल । हम कोसीस करब जे जतेक भ सकत जानकारी उप्लब्ध करबी । एहि क्रम में आइ हम बात करब सिद्धांत लेखन केर । सिद्धान्त मैथिल ब्राह्मण व आरो अन्य गोटेक जातीय समुदायक […]

मैथिल ब्राह्मण समुदाय मे बियाह स विध भारी

मैथिल ब्राह्मण समुदाय मे बियाह स विध भारी

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर मैथिल ब्राह्मण समुदाय में बियाह बाकी सब प्रान्त केर विभिन्न समुदाय स अलग होइछ । बाकी सबके बियाह त एक दिन या दू दिन में निपटि जाइत अछि मुदा हमरा (मैथिल) सबमे त कम स कम 15 दिन लगैत अछि, तकर बादो भैर साल के पाबनि तिहार केर त अन्त […]

सोमवारी व्रत कथा

सोमवारी व्रत कथा

श्रावण मासक दोसर सोमवारी – सोमवारी व्रत कथा   जय भोलेनाथ! जय गौरीशंकर!!   श्रावण पवित्र मासक सोमवारी तिथि – सोमवारी व्रतक विधान मिथिला मे सेहो ओतबे प्रामाणिक आ अधिकतर परिवार मे एहि व्रत उपासनाक परम्परा भेटैत अछि।   सोमवारी व्रत कथा सेहो ओतबे महत्वपूर्ण अछि –   एक गोट व्यापारी व्यापार आ अन्य समस्त […]

अपन मिथिलाक साँझ आ शास्त्र-पुराण-वेद मे वर्णित संध्या केर महत्व

अपन मिथिलाक साँझ आ शास्त्र-पुराण-वेद मे वर्णित संध्या केर महत्व

मिथिलाक लोकजीवन मे साँझ देबाक परम्परा   कहल जाइछ जे एहि धराधाम सँ वेद वर्णित विधान जँ लुप्त भऽ जाय, तँ मिथिलाक लोकजीवन मे स्थापित परम्परा केँ निभेला सँ वेद स्वस्फुर्त प्रकट भऽ जायत। जिनक जन्म आ लालन-पालन मिथिलाक लोकसंस्कार मे भेल ओ सब जनैत छी जे भोरे ब्रह्ममुहूर्त मे उठय सँ लैत नित्यकर्म सँ […]

मानस पूजा आ एकर सारगर्भित महत्व (सभक लेल पढनाय जरूरी)

मानस पूजा आ एकर सारगर्भित महत्व (सभक लेल पढनाय जरूरी)

स्वाध्याय लेख – प्रवीण नारायण चौधरी मानस पूजा आ एकर महत्व भगवत्पूजन केर विधान अनेक अछि। साधारणतया जल, अक्षत, जौ, तिल, दुभि, फूल, बेलपत्र, चन्दन, नैवेद्य, धूप, दीप, ताम्बूल (पान-सुपारी), दक्षिणा, आदि द्रव्य (उपचार) सँ अलग-अलग मंत्र पढिकय भगवान् पर चढेबाक (समर्पण) करबाक नियम हम-अहाँ देखिते छी। चाहे कोनो पूजा हो, सत्यनारायण भगवानक पूजा हो, […]

मिथिला मे मैथिल ब्राह्मणक विवाह मे कि सब होइत छैक – सम्पूर्ण विध-व्यवहार सहित

मिथिला मे मैथिल ब्राह्मणक विवाह मे कि सब होइत छैक – सम्पूर्ण विध-व्यवहार सहित

मिथिला विवाह पद्धति – कि सब चाही विवाह मे, कोन-कोन विध आ केना-केना करब (विस्तृत विवरण सहित) – सीमा झा (मिथिलाक्षर) (संकलन माध्यम – पारस कुमार झा, बनगाँव, सहरसा – २८ मई २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!!) मिथिला विवाह पद्धति – (कन्या पक्ष) भगवती, ब्राह्मण, हनुमान आ महादेव क गीत क बाद अहिवाती सब के तेल आ […]

उपनयन-जनेऊ केर महत्व आ मिथिलाक अनुपम संस्कार पद्धति

उपनयन-जनेऊ केर महत्व आ मिथिलाक अनुपम संस्कार पद्धति

जनेऊ केर महत्व   ई फोटो साभार फेसबुक सँ लेल अछि। सम्भवतः उपनयन में चरखा कटबाक सूत काटि जनेऊ बनेबाक उपक्रम केर दृश्य देखा रहल य। लेकिन आब ई सब विध-व्यवहार आ शुद्धताक संस्कार हम सब छोड़ि रहल छी। हम सब मशीनक बनल धागा सँ जनेऊ नाम लेल तैयार कयल पहिरतो छी, कतेको लोक सेहो […]

सन्ध्या-तर्पण केर सम्पूर्ण मिथिला पद्धति

सन्ध्या-तर्पण केर सम्पूर्ण मिथिला पद्धति

सन्ध्या-तर्पण आउ, आइ संध्या-तर्पण करब शिक्षा ग्रहण करी। प्रत्येक द्विज लेल अनिवार्य कहल गेल अछि जे कम सँ कम एक संध्या यानि भोर, दुपहर आ साँझ तीन बेरुक संध्या मे सँ अनिवार्यतः एक संध्या अवश्यक करबाक चाही। तहिना, अपन पितर सभ केँ हुनक गोत्र व नामक संग जलार्घ्य यानि कि तर्पण आवश्यक कहल गेल अछि। […]

विश्वकर्मा पूजा विशेषः संछिप्त पूजा विधि सहित

विश्वकर्मा पूजा विशेषः संछिप्त पूजा विधि सहित

विश्वकर्मा पूजन विशेष विश्वकर्मा पूजा : सम्पूर्ण विधि आइ हम अहाँ केँ विश्वकर्मा पूजा करबाक सम्पूर्ण विधि बता रहल छी आर जानू २०१७ मे विश्वकर्मा पूजा केर तिथि. – जसविंदर कौर रीन (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) निर्माण और सृजन केर देवता मानल गेनिहार विश्वकर्मा जी हस्तलिपि कलाकार छथि। एहेन मान्यता अछि जे स्वर्ग लोक, लंका, […]

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