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सन्ध्या-तर्पण केर सम्पूर्ण मिथिला पद्धति

सन्ध्या-तर्पण केर सम्पूर्ण मिथिला पद्धति

सन्ध्या-तर्पण आउ, आइ संध्या-तर्पण करब शिक्षा ग्रहण करी। प्रत्येक द्विज लेल अनिवार्य कहल गेल अछि जे कम सँ कम एक संध्या यानि भोर, दुपहर आ साँझ तीन बेरुक संध्या मे सँ अनिवार्यतः एक संध्या अवश्यक करबाक चाही। तहिना, अपन पितर सभ केँ हुनक गोत्र व नामक संग जलार्घ्य यानि कि तर्पण आवश्यक कहल गेल अछि। […]

विश्वकर्मा पूजा विशेषः संछिप्त पूजा विधि सहित

विश्वकर्मा पूजा विशेषः संछिप्त पूजा विधि सहित

विश्वकर्मा पूजन विशेष विश्वकर्मा पूजा : सम्पूर्ण विधि आइ हम अहाँ केँ विश्वकर्मा पूजा करबाक सम्पूर्ण विधि बता रहल छी आर जानू २०१७ मे विश्वकर्मा पूजा केर तिथि. – जसविंदर कौर रीन (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) निर्माण और सृजन केर देवता मानल गेनिहार विश्वकर्मा जी हस्तलिपि कलाकार छथि। एहेन मान्यता अछि जे स्वर्ग लोक, लंका, […]

मिथिलाक लोककला मे ‘सिक्की कला’ केर स्थान आ महत्व

मिथिलाक लोककला मे ‘सिक्की कला’ केर स्थान आ महत्व

आलेख अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी, मूलः हिन्दी आलेख, साभारः मिथिला कनेक्ट दहेज मुक्त मिथिलाक एक प्रशाखा ‘जानकी वाहिनी’ जेकर उद्देश्य मिथिलाक ग्रामीण घरेलू-कामकाजी महिला लोकनिक खाली समयक उपयोग कय मिथिलाक लोककला व अन्य दक्ष शीप सँ संभव उत्पादन बढाकय ओकर बाजार-वितरणक व्यवस्था आर एहि तरहें उपलब्ध आमदनी सँ महिला लोकनि केँ स्वाबलंबी-स्वरोजगारी बनबैत महिला […]

कथा ओहि गामक जे एक समय बड सुन्दर छल मुदा आब…..

कथा ओहि गामक जे एक समय बड सुन्दर छल मुदा आब…..

कथाः उजैड़ गेल ओ सुन्दर गाम  प्रवीण नारायण चौधरी ओहि गाम केँ लोक सब सुन्दर आ बेसी लोक शिक्षित होबक बात तहियो कहैक, आइयो कहैत छैक। मुदा आब ओ गाम उजैड़ गेल, विरान अछि। लोक रहितो ओतय दिने मे श्मसान जेकाँ लगैत छैक। जतय पहिने सब कियो हँसैत-खेलाइत देखाइत छल, ओतय एहि तरहक सुनसान लागब […]

मिथिलाको कला र वास्तुकला (स्थापत्य)

मिथिलाको कला र वास्तुकला (स्थापत्य)

आलेख – साभार प्रतीक डेली, विरगंज (नेपाल) सँ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक ‘क’वर्गीय पत्रिका सँ लेखकः प्रा. बासुदेवलाल दास, सहप्राध्यापक, इतिहास विभाग, ठाकुरराम बहुमुखी क्याम्पस, वीरगंज लेखकक बारेमेः मिथिलाक इतिहास आ पुरातात्विक सर्वेक्षणपर गहिंर शोध आ कतेको रास पुस्तक प्रकाशित छन्हि। मिथिलाक लोककला, संस्कृति आदिपर सेहो लेखक द्वारा समय-समयपर अनेकों स्तम्भ व आलेख सब नेपाली सहित अन्य-अन्य भाषाक […]

मिथिला विवाह संस्कार और मिथिला चित्रकलाः प्रसंग नवविवाहितों के लिये कोहबर सजाना

मिथिला विवाह संस्कार और मिथिला चित्रकलाः प्रसंग नवविवाहितों के लिये कोहबर सजाना

आलेख – राकेश झा ‘क्राफ्टवला’ मिथिला चित्रकला पर मिथिला की महिलाओं का एकाधिकार है। वे अपने आंगन की दीवारों को लीप पोत के उनपर अपनी कल्पनाओं को उकेर उनमें रंग भर जीवंत बना देती है । यह कला एक प्रकार का पारंपरिक चित्रकला है जो स्थानीय लोगों के जीवन शैली, परंपरा और संस्कृति सहित प्राकृतिक […]

Kobar – Special Mithila Painting With Valuable Teachings For Human Life

Kobar – Special Mithila Painting With Valuable Teachings For Human Life

आलेख – एस. सी. सुमन “KOBAR” Kohbar (nuptial chamber) painting is full of symbols which include all aspects of Maithili life with its wisdom full of practical meaning. The kohbar painting includes different symbolic expression that conveys special meanings according to the icons used there. Kohbar painting. Beside, parrot, tortoises, and fish are drawn representing […]

मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

विमर्श – प्रवीण नारायण चौधरी जिज्ञासा जानकार सज्जन सँः विषय कोहवर आ मिथिलाक लोकपरम्परा विवाहोपरान्त वर-कनियां केर प्रथम मिलन लेल निर्मित पवित्र स्थल, एतय सृष्टि-चक्र केर भित्ति-चित्र अंकित करबाक परम्परा अछि मिथिला संस्कृति मे।   गर्व करबाक विषय ई भेल जे ‘सृष्टि-चक्र’ केँ दरसाबैत कोहवरक देवालपर चित्रक अंकन कोनो-न-कोनो रूपमे नवविवाहित जोड़ीकेँ विवाहोपरान्त सन्तानोत्पत्तिक अधिकार दैत […]

मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण

मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण

मिथिला स्तुति हे मिथिला – बेर-बेर प्रणाम!! ईश्वर प्रति सम्पूर्ण आस्थावान् रहैत अपन जन्म एहि मिथिला नामक तीर्थभूमि – तंत्रभूमि -सिद्धभूमि मे होयबाक लेल पुनः-पुनः आभार प्रकट करैत छी। मिथिलाक स्तवन करब केहेन कल्याणकारी अछि से त देखू – म सँ मकार ब्रह्मा आर ताहि मे इकारान्त स्त्री यानि ब्रह्माणी (सरस्वती विराजित छथि, थ सँ […]

कविवर चन्दा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर आय भेल उद्घाटन

कविवर चन्दा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर आय भेल उद्घाटन

सहरसा-(मुरारी कुमार मयंक) आय कविवर चंदा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर विधिवत उद्घाटन सहरसा केर सनातन नगर वार्ड नं 32 में भेल अछि।जतय आगमी 28 जनवरी केर कविवर के जन्मस्थान बड़गाम में मनेवाक निर्णय भेल अछि।जहि में साहित्य गोष्टि सह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम सेहो हेबाक निर्णय भेल।उद्धाटन कर्यक्रमक अध्यक्षता चंद्रशेखर झाजि आ […]

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