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भगवान् शिव आ हुनक गोभक्तिः अत्यन्त पठनीय, मननीय आ अनुकरणीय पाठ

भगवान् शिव आ हुनक गोभक्तिः अत्यन्त पठनीय, मननीय आ अनुकरणीय पाठ

स्वाध्यायः भगवान् शंकर केर गोभक्ति (स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) देवाधिदेव महादेव भगवान् शंकर ‘पशुपति’ कहल जाइत छथि – ‘पशूनां पतिं पापनाशं परेशं’। हुनका गाय बहुत प्रिय छन्हि जे ओ गाइयेक संग रहैत छथि। हुनक वाहन वृषभराज नन्दी थिक, ओ धर्मस्वरूप वृषभहि केँ अपन ध्वजा मे सेहो स्थान देलनि अछि, ताहि लेल ओ ‘वृषभध्वज’ […]

शिव कृपा केर अद्भुत सत्य कथा – ईश्वर सत्ता आ चमत्कारक अनुपम दृष्टान्त

शिव कृपा केर अद्भुत सत्य कथा – ईश्वर सत्ता आ चमत्कारक अनुपम दृष्टान्त

स्वाध्याय आलेखः कृपानुभूति ‘स्वप्न मे देलनि महादेव किछु आदेश – जे साकार भेल’ – चन्द्रकला शर्मा   अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   एहि घटनाक वृ्त्तान्त तऽ लगभग ४० वर्ष पहिनहि सँ आरम्भ भऽ जाइत अछि, जखन हमर समधी श्रीगोकुलचन्द शर्मा परिवारसहित हरिद्वार दर्शन लेल गेल छलाह। जाहि दिन हुनका नीलकण्ठ महादेवक दर्शन करय जेबाक छलन्हि, […]

विष्णु भगवानक दशावतार मे पहिल मत्स्यावतारक संछिप्त कथा

विष्णु भगवानक दशावतार मे पहिल मत्स्यावतारक संछिप्त कथा

स्वाध्याय आलेखः भगवान् विष्णुक मत्स्यावतार – भावानुवादः प्रवीण नारायण चौधरी भगवान् विष्णु केर कुल दस अवतार मे सँ एक आ पहिल अवतार मत्स्य (माछक रूप) मे भेलनि, शास्त्र उल्लेख करैत अछि। दशावतार या भगवान् महाविष्णुक दस मुख्य अवतार केर रूप मे एकर वर्णन विभिन्न पुराण सभ मे कयल गेल भेटैत अछि। संस्कृत मे माछ केँ […]

कि थिकैक मनुवाद और ब्राह्मणवाद

कि थिकैक मनुवाद और ब्राह्मणवाद

आलेख – साभार ‘वेब दुनिया’ अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी भारतीय राजनीति मे सेक्युलरवादि जाहि दुइ शब्दक सर्वाधिक उपयोग या दुरुपयोग केलक अछि से थिक ‘मनुवाद और ब्राह्मणवाद।’ एहि शब्द केर माध्यम सँ हिन्दु मे विभाजन कय केँ दलितक वोट तोड़ल जा सकैत अछि आर ओकर धर्मान्तरण करायल जा सकैत अछि। मनुवाद केर आड़ मे कि धर्मान्तरणक […]

काशी मे गंगालाभ सँ मुक्ति

काशी मे गंगालाभ सँ मुक्ति

स्वाध्याय (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) काशी मे गंगालाभ सँ मुक्ति ई कथा कल्याण मे श्रीसत्यजी ठाकुर लिखने छथि –   काशी मे एक साध्वी वृद्धा विधवा रहैत छलीह। हम सब हुनका ‘खालिसपुराक माँ’ केर नाम सँ जनैत छियन्हि। सब प्रकार सँ सम्बलहीन भऽ कय केवल धर्मक ऊपर निर्भर रहिकय ओ काशीसेवन करैत छलीह। हमरा लोकनिक […]

भाइ-भाइ मे फूट, आजुक विडंबना

भाइ-भाइ मे फूट, आजुक विडंबना

स्वाध्याय-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी   ठीक छैक, मानि लेलहुँ… हम सब कलियुगी जीव छी। मुदा कल्याणक मार्ग जाहि स्वाध्याय सँ भेटैत अछि तेकर आनन्द-परमानन्द मे डूबय सँ कतहु मना नहि अछि। हम मानैत छी, जानैत छी, देखैत आ भोगैत छी – भाइ-भाइ मे स्नेह खत्म भऽ रहल अछि। विरले कतहु कोनो भाइ अपन भाइ […]

मनन करय योग्यः सिद्धिक आधार श्रद्धा

मनन करय योग्यः सिद्धिक आधार श्रद्धा

आध्यात्मिक कथा (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) बहुत पहिनेक बात थिक। सिंहकेतु नामक एक पंचालदेशीय राजकुमार अपन सब सेवक संग लय केँ एक दिन वन मे शिकार खेलाय लेल गेलाह। हुनकहि सेवक मध्य एक शबर केँ शिकारक खोज करैत समय एम्हर-ओम्हर घूमैत एकटा टूटल-फूटल शिवालय देखाय पड़लैक। तेकर चबूतरा पर एकटा शिवलिंग पड़ल छलैक, जे टूटिकय […]

विदुर-नीति केर ओ महावाक्य ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’ पर चिदानंद स्वामीजीक मननीय विचार

विदुर-नीति केर ओ महावाक्य ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’ पर चिदानंद स्वामीजीक मननीय विचार

दर्शन-विचार – श्री स्वामी चिन्दानंदजी सरस्वती (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) महाराजा धृतराष्ट्र केर लघु भ्राता नीति केर महापण्डित विदुर द्वारा अपन नीति वाक्य (विदुर-नीति) मे बड़ा जोरदार शब्द मे जैहेन केँ तेहेन बर्तावक आज्ञा देल गेल अछि। यथा – कृते प्रतिकृतिं कुर्याद्विंसिते प्रतिहिंसितम्। तत्र दोषं न पश्यामि शठे शाठ्यं समाचरेत्॥ (महाभारत विदुरनीति) अर्थात् – जे […]

साधनोपयोगी पत्र – मानव जीवन केँ सफल बनेबाक सहज सूत्र (अवश्य पठनीय)

साधनोपयोगी पत्र – मानव जीवन केँ सफल बनेबाक सहज सूत्र (अवश्य पठनीय)

स्वाध्याय स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी १. वैराग्य आर भजन केना हो? प्रिय महोदय! सप्रेम हरिस्मरण! अपनेक एक पत्र पहिने भेटल छल। किछु समयक बाद दोसर सेहो भेटल। पहिले पत्रक जबाब नहि देल जा सकल, एकरा लेल कोनो तरहक विचार नहि करबा चाही। अहाँ हमर पत्रक प्रतीक्षा करैत रहैत छी, ई अहाँक बड पैघ […]

जखन स्वयं भगवानो अपन संकल्प भक्तक कल्याण लेल तोड़ि देलनि……

जखन स्वयं भगवानो अपन संकल्प भक्तक कल्याण लेल तोड़ि देलनि……

मई १८, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! आध्यात्म  प्रसंग – देवव्रत भीष्म द्वारा महाभारतक युद्ध मे कृष्ण सँ शस्त्र उठेबाक लेल बाध्य करबाक प्रसंग (समीक्षात्मक अध्ययन) आइ भोरहि सँ भगवद्भक्तिक विभिन्न रूप सभक दर्शन भऽ रहल अछि। एकटा एहेन आख्यान जाहि मे अनैतिक केँ हरेबाक लेल अनैतिकताक सहारा लेबाक बात समाहित छल, से महाभारतक ओ समय मोन […]