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अनुपम प्रसाद – आध्यात्मिक चेतनाक मूल स्रोत श्रेष्ठजन केँ विशेष स्मरण करैत श्रीराम केर सनेश

अनुपम प्रसाद – आध्यात्मिक चेतनाक मूल स्रोत श्रेष्ठजन केँ विशेष स्मरण करैत श्रीराम केर सनेश

आध्यात्म – प्रवीण नारायण चौधरी एक अनुपम प्रसाद (स्वाध्याय संस्मरण)   अपन श्रेष्ठजन केँ गुरु मानि प्रणाम करैत छी। सब सँ पहिल प्रणाम अपन जननीक चरण मे जे एहि धराधाम मे अनलीह! दोसर प्रणाम पिता सहित समस्त परिजन आ विशेष रूप सँ बाबी, काकी, भौजी, दीदी, बाबा, काका, भैया, मामा, मामी, पीसा, पीसी, मौसा, मौसी… आर […]

श्री राधारानीक चरण मे अर्पित अत्यन्त सारगर्भित स्तोत्र “राधाष्टकम्”

श्री राधारानीक चरण मे अर्पित अत्यन्त सारगर्भित स्तोत्र “राधाष्टकम्”

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मानव सभ्यता मे धर्म केर महत्ता कम नहि, सही बाट देखेबाक संग आस्था आ विश्वास केर अलगे अलख जगबैत जीवन केँ सफल बनेबाक लेल सेहो एकर बड पैघ महत्व छैक, ई एकटा पैघ जरूरत थिक हरेक मनुष्य लेल। नास्तिकता मे सेहो लोक अपन विवेक केर सर्वोत्तम विन्दु पर सत्य आ […]

नीकक संग सँ नीक आ खराबक संग सँ खराबे भेटत

नीकक संग सँ नीक आ खराबक संग सँ खराबे भेटत

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी श्रीतुलसीदास रचित रामचरितमानस मे गूढ सँ गूढतम बात बड़ा सहज परिभाषा – सोदाहरण बुझायल गेल अछि। बेसी पांडित्यपूर्ण भाषा मे कोनो तत्त्वक निरूपण जनसामान्य केर रुचि मे नहि आबि पबैत छैक। जनसामान्य सदिखन कमे मे बेसी ग्रहण करबाक लौल मे रहैत अछि। गम्भीरतापूर्वक कोनो गूढ बात केँ बेर-बेर मनन करब, […]

मिथिलाक ब्राह्मण समुदाय मत्स्य-मांस भक्षण कियैक करैत छथि?

मिथिलाक ब्राह्मण समुदाय मत्स्य-मांस भक्षण कियैक करैत छथि?

दर्शन-विचार (पंडित महेन्द्र ठाकुर संग वार्ता पर आधारित) मिथिलाक द्विजवर्ग पर एकटा आरोप लगबैत छथि अन्यत्रक विद्वान् जे ई लोकनि मत्स्य-मांस कियैक भक्षण करैत छथि।   एहि सन्दर्भ आइ प्रखर पंडित श्री महेन्द्र ठाकुर सँ किछु शिक्षा ग्रहण करबाक अवसर भेटल। ओ कहलनिः   द्विजा: शाक्ताः सर्वेप्रोक्ताः न च शैव न वैष्णवा: गायत्री उपासन्ते च […]

ब्रह्माण्डक बनावट आर सभक मालिक केर निवासस्थलक सहज वर्णन – रोचक आ पठनीय लेख

ब्रह्माण्डक बनावट आर सभक मालिक केर निवासस्थलक सहज वर्णन – रोचक आ पठनीय लेख

परमपिता परमेश्वरक धाम कोन ठाम अछि, मनुष्यक पहुँच ओतय धरि कियैक नहि – मूल लेखकः अनिरुद्ध जोशी ‘शतायु’ (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) एतय हम भगवानक नहि बल्कि ईश्वर केर, परमात्मा केर या ब्रह्म केर बात कय रहल छी। वर्तमान मे लोक ‘भगवान’ शब्द केँ ‘ईश्वर’ सँ जोड़ैते अछि ताहि सँ एहि लेख केर शीर्षक मे […]

कहियो मनन केलहुँ जे कि कयला सँ कि भेटल – आत्मचिन्तन केर एक अद्भुत दर्शन

कहियो मनन केलहुँ जे कि कयला सँ कि भेटल – आत्मचिन्तन केर एक अद्भुत दर्शन

दर्शन – प्रवीण नारायण चौधरी उद्विग्न मोनक उद्विग्नता   ओकर मालिक जहाँ सोझाँ अबैक कि ओ एकटा देवाल पर धक्का लगेनाय शुरू करय; मालिक देखैक जे ओ काज कय रहल अछि। ड्युटीक पक्का अछि। मालिक चलि जाय। फेर किछु कालक बाद जहाँ मालिकक एबाक बेर होइक कि ओ अपन पोजिशन मे फेरो वैह देवाल पर […]

विपत्तिक समय सीता द्वारा कि सन्देश रामजी लेल देल गेल छल

विपत्तिक समय सीता द्वारा कि सन्देश रामजी लेल देल गेल छल

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी सीताजी हनुमानजीक मार्फत पठेलनि सन्देश   लंका मे अग्निकांड करैत दुष्ट रावण ओ ओकर प्रजा केँ अपन पौरूष देखेलाक बाद हनुमान जी सीता जी सँ आदेश लय वापस राम जी लग जेबाक वास्ते आज्ञा मंगैत छथि।   एहि क्रम मे हुनका सँ किछु निशानी सेहो मंगैत ओ कहैत छथिन, “हे […]

मनुष्य केँ एहि ६ अनमोल चीज केर सदुपयोग धर्म मार्ग पर करबाक चाही – ऋषि शुक्राचार्य

मनुष्य केँ एहि ६ अनमोल चीज केर सदुपयोग धर्म मार्ग पर करबाक चाही – ऋषि शुक्राचार्य

अनुवादित लेख शुक्राचार्य ज्ञानी ऋषि होयबाक संग नीक नीतिकार सेहो छलाह। ओ कतेको शास्त्र सभक रचना सेहो कयलनि। शुक्राचार्यक नीति बहुत महत्व रखैत अछि। शुक्राचार्य महर्षि भृगुक पुत्र छलाह। हुनका दैत्य गुरु सेहो कहल जाइछ। शुक्राचार्य द्वारा दैत्य सब केँ ज्ञान आर तप केर मार्ग देखायल गेल। सही आर गलत केर जानकारी देनाय हुनकर काज […]

हनुमान जखन रावण सँ पहिल बेर भेटलाह त कि सब बात भेल छलः अत्यन्त पठनीय-मननीय लेख

हनुमान जखन रावण सँ पहिल बेर भेटलाह त कि सब बात भेल छलः अत्यन्त पठनीय-मननीय लेख

आध्यात्मिक पाठ – प्रवीण नारायण चौधरी हनुमान-रावण संवाद रामायण मे एक महत्वपूर्ण चरित्र रावण केर सेहो वर्णन कयल गेल अछि। जेना नायक राम छथि, खलनायक रावण थिक। सुकर्मे नाम कि कुकर्मे नाम – रावणक नाम कुकर्मीक रूप मे ख्याति पाबि गेल अछि। लेकिन अनेकों किंवदन्ति मे रावणक कुलीनता, विद्वता, प्रकाण्ड पान्डित्य, आदिक चर्चा सेहो भेटैत […]

ज्योतिषाचार्य पं. सुधानन्द झा द्वारा मिथिलाक विशिष्ट परम्परा मे सूर्य स्तुति पर विशेष विचार

ज्योतिषाचार्य पं. सुधानन्द झा द्वारा मिथिलाक विशिष्ट परम्परा मे सूर्य स्तुति पर विशेष विचार

आध्यात्म आ मानव जीवन – मिथिलाक जीवन पद्धति विशेष – ज्योतिषाचार्य पं. सुधानन्द झा *श्री सूर्य भगवान के दिव्य स्तुति जाहि के नित्य पाठ स मनुष्य के जन्म जन्मांतर के रोग,आ कष्ट दूर भ जाइछ* *(ई सूर्य स्तुति हम लगभग सभ मिथिला समूह में पोस्ट कयने छी”*) *स्वयं सूर्य भगवान श्री कृष्ण भगवान के पुत्र […]