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कैकेयी केर सती होयबाक प्रयास

कैकेयी केर सती होयबाक प्रयास

मानस मर्मज्ञ पं. श्रीरामकिंकरजी उपाध्याय केर केर प्रवचन पर मूल आलेख संकलनकर्ता श्री अमृतलालजी गुप्ता मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी दशरथजीक मृत्यु भेलाक बाद  कैकेयी मनहि-मन सती होयबाक निर्णय लेलीह। सती होयबाक पाछाँ कैकेयीजीक मनोभाव कि छलन्हि? वस्तुतः जखन ओ भरतजीक द्वारा सेहो तिरस्कृत भऽ गेलीह तखन हुनका एना लगलनि जे आब समाज मे एको […]

अष्टावक्र संहिता – दोसर अध्याय – आत्मानुभूतिक आनन्द

अष्टावक्र संहिता – दोसर अध्याय – आत्मानुभूतिक आनन्द

स्वाध्याय तिला-संक्रातिक समस्त पाठक लोकनि मे हार्दिक शुभकामना। आजुक दिवस केँ विशेष संकल्प लय पूरा करबाक लेल सेहो आध्यात्मिक चेतनशील लोक वर्णन करैत छथि। बस, अपन-अपन जीवनक महत्व बुझैत सब कियो अपन धर्म प्रति सचेत बनी, यैह विशेष कामना। आउ, प्रथम अध्याय मे जनक-अष्टावक्र बीच पहिल विषय ‘आत्मानुभूतिक परिचिति’ उपरान्त आब दोसर अध्याय ‘आत्मानुभूतिक आनन्द’ […]

महागौरी – कृपालुताक महाभंडार आराध्या सभक लेल सुलभ जगन्माता

महागौरी – कृपालुताक महाभंडार आराध्या सभक लेल सुलभ जगन्माता

आध्यात्म स्रोतः कल्याण (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥ माँ दुर्गाजीक आठम शक्तिक नाम महागौरी थिकन्हि – ‘महागौरीति चाष्टमम्’। हिनक वर्ण पूर्णतः गोर छन्हि। एहि गौरताक उपमा शंख, चन्द्र आर कुन्द केर फूल सँ देल गेल छन्हि। हिनक आयु आठ वर्षक मानल गेल छन्हि – ‘अष्टवर्षा भवेद् गौरी’। हिनक […]

नव वर्ष २०१९ केर नव संकल्प – अष्टावक्र संहिता स्वाध्यायक सुन्दर विकल्प

नव वर्ष २०१९ केर नव संकल्प – अष्टावक्र संहिता स्वाध्यायक सुन्दर विकल्प

स्वाध्याय नव वर्ष २०१९ मे ‘अष्टावक्र संहिता’ केर स्वाध्यायक संकल्प संग आइ श्रीगणेश कय रहल छी –   प्रथम अध्याय – आत्मज्ञान केर उपदेश (Instruction of Self-Realization) जनक उवाच। कथं ज्ञानमवाप्नोति कथं मुक्तिर्भविष्यति। वैराग्यं च कथं प्राप्तमेतद् ब्रुहि मम प्रभो॥१॥ जनक पूछलखिन – ज्ञानक प्राप्ति कोना होयत? मुक्ति केना भेटत? वैराग्य प्राप्ति केना संभव होयत? […]

मानव शरीर केर ज्ञात-अज्ञात शक्ति तथा कुण्डलिनी शक्तिक आरम्भिक चर्चा: दर्शन एवं ज्ञान

मानव शरीर केर ज्ञात-अज्ञात शक्ति तथा कुण्डलिनी शक्तिक आरम्भिक चर्चा: दर्शन एवं ज्ञान

स्वाध्याय आलेख कुण्डलिनी: एक परिचय   मनुष्यक भीतर कतेको प्रकारक शक्ति छुपल पड़ल अछि। बहुतो रास खोज कय लेल गेल अछि। बहुतो एखनहुँ धरि ताकले जेबाक क्रम मे अछि, आर बहुतो रास एहनो अछि जेकरा बारे हम सब जनिते नहि छी। शारीरिक शक्ति, बौद्धिक शक्ति, विचार शक्ति, इच्छा शक्ति, प्राणशक्ति, आत्मिक शक्ति, विश्लेषण शक्ति, स्मरण […]

भगवान् आ बच्चाक बीच समानता – मीमांसक पं. रुद्रधर झा केर अत्यन्त प्रेरणास्पद लेख

भगवान् आ बच्चाक बीच समानता – मीमांसक पं. रुद्रधर झा केर अत्यन्त प्रेरणास्पद लेख

स्वाध्याय आलेख ‘गूढ तत्त्व समीक्षा’ नामक महत्वपूर्ण पोथी मे पंडित रुद्रधर झा केर अनेकों मननीय लेख मे सँ एक मूल्यवान् लेख आइ एतय राखि रहल छी। भगवान् केर स्वभाव बच्चा जेकाँ होइत छन्हि, एहि पंक्ति केँ मीमांसक पं. रुद्रधर झा कोना सिद्ध करैत छथि, आर एकरा पढला-मनन केला सँ हमरा लोकनि कोन तरहक शिक्षा ग्रहण […]

श्रीमद्देवीभागवत कथा आधारित ‘सीताहरण, राम केर शोक तथा लक्ष्मण द्वारा सान्त्वना’

श्रीमद्देवीभागवत कथा आधारित ‘सीताहरण, राम केर शोक तथा लक्ष्मण द्वारा सान्त्वना’

श्रीमद्देवीभागवत – तृतीय स्कन्ध – अध्याय २९   सीताहरण, राम केर शोक तथा लक्ष्मण द्वारा हुनका सान्त्वना देनाय   व्यासजी बजलाह – रावणक कुविचारपूर्ण वचन सुनिकय सीता भय सँ व्याकुल भऽ काँपि गेलीह। पुनः मोन केँ स्थिर कय ओ कहलखिन, “हे पुलस्त्यक वंशज! काम केर वशीभूत भऽ अहाँ एहेन अनर्गल वचन कियैक कहि रहल छी। […]

श्रीमद्देवीभागवतसुभाषितसुधा – ज्ञान प्राप्तिक संछिप्त आ अत्यन्त महत्वपूर्ण आधार

श्रीमद्देवीभागवतसुभाषितसुधा – ज्ञान प्राप्तिक संछिप्त आ अत्यन्त महत्वपूर्ण आधार

श्रीमद्देवीभागवतसुभाषितसुधा   येन केनाप्युपायेन कालातिवाहनं स्मृतम्। व्यसनैरिह मूर्खाणां बुधानां शास्त्रचिन्तनैः॥   जाहि कोनो प्रकार सँ समय त बीतिते रहैत छैक, मुदा मूर्खक समय व्यर्थ दुर्व्यसन मे बीतैत छैक आर विद्वान् केर समय शास्त्रचिन्तन मे जाइत छैक। (१/१/१२)   मूर्खेण सह संयोगो विषादपि सुदुर्जरः। विज्ञेन सह संयोगः सुधारससमः स्मृतः॥   मूर्खक संग स्थापित कयल गेल सम्पर्क […]

श्रीमद्देवीभागवतमाहात्म्य – मननीय एवं अनुकरणीय शिक्षा

श्रीमद्देवीभागवतमाहात्म्य – मननीय एवं अनुकरणीय शिक्षा

श्रीमद्देवीभागवतमाहात्म्य देवीभागवतं नाम पुराणं परमोत्तमम्। त्रैलोक्यजननी साक्षाद् गीयते यत्र शाश्वती॥ श्रीमद्भागवतं यस्तु पठेद्वा श्रृणुयादपि। श्लोकार्धं श्लोकपादं वा स याति परमां गतिम्॥ पूजितं यद्गृह्ये नित्यं श्रीभागवतपुस्तकम्। तद्गृहं तीर्थभूतं हि वसतां पापनाशकम्॥ यस्तु भागवतं देव्याः पठेद् भक्त्या श्रृणोति वा। धर्ममर्थं च कामं च मोक्षं च लभते नरः॥ सुधां पिबन्नेक एव नरः स्यादजरामरः। देव्याः कथामृतं कुर्यात् कुलमेवाजरामरम्॥ अष्टादशपुराणानां […]

गुणक मिश्रणभाव आ देवीक बीज मन्त्र

गुणक मिश्रणभाव आ देवीक बीज मन्त्र

स्वाध्यायालेख – गुणक मिश्रणभाव आ देवीक बीज मन्त्र महिमा (श्रीमद्देवीभागवत केर कथा) – प्रवीण नारायण चौधरी (संकलन एवं अनुवाद) अठारह हजार श्लोक सँ भरल देवीक महिमागान करयवला श्रीमद्देवीभागवत कथा मे सँ एकटा महत्वपूर्ण कथाक स्वाध्याय आइ पाठक लोकनिक सोझाँ रखबाक इच्छा भेल।   तृतीय अध्याय केर ९मा अध्याय मे महान ग्रंथकार व्यासजी द्वारा अत्यन्त महान […]