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भजन: निलकंठ मधुकर पदावली

भजन: निलकंठ मधुकर पदावली

– पंडित मधुकान्त झा ‘मधुकर’, ग्राम: चैनपुर, सहरसा, मिथिला जनकपुर स्थित कमनीय अनुपम कोबर मे सीताराम के। शक्तिब्रह्म समक्ष माय सीताक अनुचरी के उक्ति॥ दूलहा राम के प्रति: हिऔ मिथिला के दूलहा कमाल करै छी। दीन दुखिया बेहाल के नेहाल करै छी॥ हिऔ मिथिला…… हम जानै छी, हम जानै छी, कृपा सिया के महिमा बखानै […]

धर्म, संन्यास, कर्तब्य, अकर्तब्य, लोक-आस्था, कर्तव्यपरायणता: गंभीर आह्वान

धर्म, संन्यास, कर्तब्य, अकर्तब्य, लोक-आस्था, कर्तव्यपरायणता: गंभीर आह्वान

मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित ‘विशेष संपादकीय’ मे पुरी मठकेर शंकराचार्य आ हुनक मूल परिवारजनक दयनीयता पर मैथिली-हिन्दी कवि एवं अभियानी ‘उमाकान्त झा बक्शी’ केर भावुक लेकिन यथार्थ उद्बोधन करयवला मनोभावना आ सार्वजनिक आह्वान – राज्य सरकार, केन्द्र सरकार, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं समस्त मैथिली-मिथिला अभियानी सँ। जरुर पढू!! स्वयं श्री बक्शी केर शब्द मे: अनंत श्री […]

स्वधर्म केँ जुनि बिसरू मैथिल

स्वधर्म केँ जुनि बिसरू मैथिल

श्रेयान् स्वधर्मो विगुण: परधर्मात् स्वनु्ष्ठितात्। स्वधर्मे निधनं श्रेय: परधर्मो भयावह:॥३५॥ अपन धर्म श्रेयस्कर होइत अछि। अनकर अति मनोरम व्यवहृत धर्मे सँ अपन अपूर्णो धर्म बेसी नीक होइत छैक। अपन धर्म मे मरनाय सेहो नीक होइत छैक, आन धर्म भयावह (भय सँ आक्रांत) होइत छैक। गीताक तेसर अध्याय मे प्रयुक्त एहि श्लोक सँ एकटा पैघ सीख […]

शरणागतवत्सल केर शरण मे अर्पित भक्ति-पुष्प

शरणागतवत्सल केर शरण मे अर्पित भक्ति-पुष्प

प्रात:स्मरणीय भगवान् विष्णुकेँ सुमिरन करी पहिले: अथ ध्यानम् शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।। जिनक आकृति अतिशय शांत अछि, जे शेषनागक शैयापर शयन कय रहल छथि, जिनक नाभिमें कमल अछि, जे देवता सभकेँ सेहो ईश्वर आ समस्त जगत केर आधार छथि, जे आकाश जेकाँ सर्वत्र व्याप्त […]

दरभंगा मे आइ मनायल जा रहल अछि जानकीक छठिहार दिवस

दरभंगा मे आइ मनायल जा रहल अछि जानकीक छठिहार दिवस

विगत २७ अप्रैल संपन्न जानकी नवमी यानि जानकी जन्मदिवस केर रूप मे मिथिला सहित मैथिलजन द्वारा देश-विदेश कतेको ठाम मनेबाक समाचार भेटल। मैथिली लोकसंस्कृति मंच द्वारा आयोजित जानकी नवमी मे २७ अप्रैलक जन्म सँ लैत आइ छठिहार दिवस केर रूप मे सेहो मनायल जेबाक समाचार एहि समितिक सचिव प्रो. उदय शंकर मिश्र देलनि अछि। मैथिली […]

लाल बनल शंकराचार्य – पोसनिहारि जननी भेल ‘बताहि सँ बतहिया’

लाल बनल शंकराचार्य – पोसनिहारि जननी भेल ‘बताहि सँ बतहिया’

स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती: एक परिचय अनंतश्री विभूषित स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती,जगद्गुरु शंकराचार्य, पूरी पीठाधीश्वर केर जन्म मिथिलाक हृदयस्थली ग्राम हरिपुर बक्शी टोल जे हाल उत्तरी बिहारक मधुबनी जिला मे पड़ैत अछि ओहि पावन धरती पर भेलन्हि। ई गाम प्रकांड विद्वानक बस्ती छल आ आइ धरि एकर पहिचान किछु ओहि तरहक विद्यमान अछि। महामहोपाध्याय मुकुंद झा “बक्शी” […]

ऊपरी बाधा: योग आर उपाय

ऊपरी बाधा: योग आर उपाय

ज्योतिष मणि शंकर ठाकुर, वाराणसी। मैथिली जिन्दाबाद, अप्रैल ३०, २०१५. हम सब जतय रहैत छी ओतय कतेको एहेन शक्ति होइत छैक जे देखाइ नहि पड़ैत अछि मुदा बेसीकाल हमरा सब पर प्रतिकूल प्रभाव पारैत रहैत अछि जाहि सँ हमरा लोकनिक जीवन अस्त-व्यस्त आ दिशाहीन भऽ जाइत अछि। यैह अदृश्य शक्तिकेँ आम भाषा मे ऊपरी बाधाक संज्ञा […]

Yog Ki Thik: Geetaa

Yog Ki Thik: Geetaa

औझका प्रसाद (Today’s Bliss): (पुनरावृत्ति – जुन २०१२ उपरान्त) अनुरोध: एक बेर मे पढला पर कम बुझायत, दोसर बेर ताहि सँ बेसी, तेसर बेर आरो बेसी आ बेर-बेर पढब तऽ अमृतपान करब समान अनुपम अभीष्टक प्राप्ति होयत। तैँ, कनेक मन थिर कऽ के आजुक साधना – स्वाध्याय करब। बहुत अनुपम प्रसाद थी ई: (योग करब […]