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श्रीराधाकृष्ण केर चिन्तन करैत एक सुन्दरतम् भजन

श्रीराधाकृष्ण केर चिन्तन करैत एक सुन्दरतम् भजन

आध्यात्मिक चिन्तनः कीर्तन – संकलन – प्रवीण नारायण चौधरी, स्रोतः कल्याण विशेषांक श्रीराधामाधव कीर्तन   ॐ जय श्री राधा, जय श्री कृष्ण, श्रीराधाकृष्णाय नमः!   चन्द्रमुखी चंचल चित्तचोरी। सुघर साँवरा सुरत भोरी॥ श्यामा श्याम एक-सी जोरी। श्रीराधाकृष्णाय नमः! ॐ जय श्री राधा, जय श्री कृष्ण! श्रीराधाकृष्णाय नमः!   पचरँग चुनर केसर क्यारी। पट पीतांबर कामर […]

कहू जे भगवान् कियैक कनता – कृष्ण केर कनबाक विलक्षण रहस्य

कहू जे भगवान् कियैक कनता – कृष्ण केर कनबाक विलक्षण रहस्य

स्वाध्याय श्री कृष्ण केर कनबाक रहस्य   (संकलन स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, मूल संवादः कालाचाँद गीता)   एक बेर श्रीकृष्ण केँ कनैत देखिकय एक गोपी कनबाक कारण पुछलखिन। हुनका उत्तर मे श्रीकृष्ण कहैत छथिन –   ‘सुनू सखि! जतय प्रेम अछि, ओतय निश्चय टा आँखि मे नोरक धारा बहैत रहत। प्रेमीक हृदय पसीझिकय […]

राधाक कृष्ण-विरह केर दुइ गोट विशिष्ट रचना – कि थिक राधाभाव से स्पष्ट करैत मूल्यवान् साहित्य

राधाक कृष्ण-विरह केर दुइ गोट विशिष्ट रचना – कि थिक राधाभाव से स्पष्ट करैत मूल्यवान् साहित्य

स्वाध्याय माधव-विरहिणी राधाक उद्गार   – श्रीजसवंतजी रघुवंशी (भावानुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   भगवान् कृष्ण जहिया सँ मथुरा गेला, तहिये सँ सब गोप-गोपियन विरहाग्नि सँ व्याकुल भेलाह, शोक-सन्तप्त रहैत विलाप करैत छलाह। एहि क्रम मे हुनक प्रिय सखा मनसुख केर विरह-पीड़ा केँ कवि द्वारा ‘मनसुख-विरह-शतक’ केर रूप मे निबद्ध कयल गेल अछि। एकर जाहि अंश […]

राधा मम प्राण – एक बांग्ला गीत जे श्रीआनन्दमयी माँ केँ बहुत प्रिय छलन्हि

राधा मम प्राण – एक बांग्ला गीत जे श्रीआनन्दमयी माँ केँ बहुत प्रिय छलन्हि

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी अदौकाल सँ भगवद्भक्ति मे भावपूर्ण भजन केर गान हिन्दू धर्म-संप्रदायक लोक लेल जीवनक मुख्य आधार रहल कहि सकैत छी। हम मिथिलावासी सेहो तरह-तरह केर भक्तिगीत भोरे प्राती सँ लैत साँझ व अन्य-अन्य समय मे अपन ईष्ट केँ प्रसन्न रखबाक लेल गबैत छी। सामूहिक गान – महिला आ पुरुष दुनू केर […]

श्रीयुगलकिशोर राधा-कृष्ण जी केर एक अति सुन्दर आरती

श्रीयुगलकिशोर राधा-कृष्ण जी केर एक अति सुन्दर आरती

भगवान् श्रीयुगलकिशोर जी केर आरती आरति जुगलकिशोरकी कीजै, तन मन धन सब न्योछावर कीजै॥ गौर स्याम मुख निरखन कीजै, प्रेम स्वरूप नयन भर पीजै। रवि ससि कोटि बदनकी सोभा, ताहि देखि मेरो मन लोभा॥ मोर मुकुट कर मुरली सोहै, नटवर वेष निरख मन मोहै। ओढें पीत नील पट सारी, कुंजन ललना-लालबिहारी॥ श्रीपुरुषोत्तम गिरिबरधारी, आरति करत […]

अनुपम प्रसाद – आध्यात्मिक चेतनाक मूल स्रोत श्रेष्ठजन केँ विशेष स्मरण करैत श्रीराम केर सनेश

अनुपम प्रसाद – आध्यात्मिक चेतनाक मूल स्रोत श्रेष्ठजन केँ विशेष स्मरण करैत श्रीराम केर सनेश

आध्यात्म – प्रवीण नारायण चौधरी एक अनुपम प्रसाद (स्वाध्याय संस्मरण)   अपन श्रेष्ठजन केँ गुरु मानि प्रणाम करैत छी। सब सँ पहिल प्रणाम अपन जननीक चरण मे जे एहि धराधाम मे अनलीह! दोसर प्रणाम पिता सहित समस्त परिजन आ विशेष रूप सँ बाबी, काकी, भौजी, दीदी, बाबा, काका, भैया, मामा, मामी, पीसा, पीसी, मौसा, मौसी… आर […]

श्री राधारानीक चरण मे अर्पित अत्यन्त सारगर्भित स्तोत्र “राधाष्टकम्”

श्री राधारानीक चरण मे अर्पित अत्यन्त सारगर्भित स्तोत्र “राधाष्टकम्”

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मानव सभ्यता मे धर्म केर महत्ता कम नहि, सही बाट देखेबाक संग आस्था आ विश्वास केर अलगे अलख जगबैत जीवन केँ सफल बनेबाक लेल सेहो एकर बड पैघ महत्व छैक, ई एकटा पैघ जरूरत थिक हरेक मनुष्य लेल। नास्तिकता मे सेहो लोक अपन विवेक केर सर्वोत्तम विन्दु पर सत्य आ […]

नीकक संग सँ नीक आ खराबक संग सँ खराबे भेटत

नीकक संग सँ नीक आ खराबक संग सँ खराबे भेटत

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी श्रीतुलसीदास रचित रामचरितमानस मे गूढ सँ गूढतम बात बड़ा सहज परिभाषा – सोदाहरण बुझायल गेल अछि। बेसी पांडित्यपूर्ण भाषा मे कोनो तत्त्वक निरूपण जनसामान्य केर रुचि मे नहि आबि पबैत छैक। जनसामान्य सदिखन कमे मे बेसी ग्रहण करबाक लौल मे रहैत अछि। गम्भीरतापूर्वक कोनो गूढ बात केँ बेर-बेर मनन करब, […]

मिथिलाक ब्राह्मण समुदाय मत्स्य-मांस भक्षण कियैक करैत छथि?

मिथिलाक ब्राह्मण समुदाय मत्स्य-मांस भक्षण कियैक करैत छथि?

दर्शन-विचार (पंडित महेन्द्र ठाकुर संग वार्ता पर आधारित) मिथिलाक द्विजवर्ग पर एकटा आरोप लगबैत छथि अन्यत्रक विद्वान् जे ई लोकनि मत्स्य-मांस कियैक भक्षण करैत छथि।   एहि सन्दर्भ आइ प्रखर पंडित श्री महेन्द्र ठाकुर सँ किछु शिक्षा ग्रहण करबाक अवसर भेटल। ओ कहलनिः   द्विजा: शाक्ताः सर्वेप्रोक्ताः न च शैव न वैष्णवा: गायत्री उपासन्ते च […]

ब्रह्माण्डक बनावट आर सभक मालिक केर निवासस्थलक सहज वर्णन – रोचक आ पठनीय लेख

ब्रह्माण्डक बनावट आर सभक मालिक केर निवासस्थलक सहज वर्णन – रोचक आ पठनीय लेख

परमपिता परमेश्वरक धाम कोन ठाम अछि, मनुष्यक पहुँच ओतय धरि कियैक नहि – मूल लेखकः अनिरुद्ध जोशी ‘शतायु’ (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) एतय हम भगवानक नहि बल्कि ईश्वर केर, परमात्मा केर या ब्रह्म केर बात कय रहल छी। वर्तमान मे लोक ‘भगवान’ शब्द केँ ‘ईश्वर’ सँ जोड़ैते अछि ताहि सँ एहि लेख केर शीर्षक मे […]