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संस्कृत नीति श्लोक – भाग २ः अत्यन्त पठनीय आ मननीय

संस्कृत नीति श्लोक – भाग २ः अत्यन्त पठनीय आ मननीय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी पूर्व मे आरम्भ कयल संस्कृत नीति श्लोकक संग्रह मैथिली मे अर्थ सहित एतय राखि रहल छी…. आगाँ भाग २ केर रूप मे। एहि सँ आगू अन्य भाग मे ई निरन्तरता मे रहत। लुब्धमर्थेन गृणीयात् क्रुद्धमञ्जलिकर्मणा। मूर्खम् छन्दानुवृत्त्या च तत्त्वार्थेन च पण्डितम्॥ लालची मनुष्य केँ धनक लालच दय केँ वश मे […]

संस्कृत नीति श्लोक भाग १ – अर्थ सहित – अत्यन्त पठनीय आ मननीय

संस्कृत नीति श्लोक भाग १ – अर्थ सहित – अत्यन्त पठनीय आ मननीय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी बाल्यकाल मे संस्कृत पाठ सँ बहुत रास जीवनोपयोगी नैतिक शिक्षा भेटैत रहल अछि। प्राचीन परंपरा मे शिक्षाक अवधारणा संस्कृत केर समुचित ज्ञान होएत छल। कालान्तर मे देशक राजनीतिक स्थिति-परिस्थिति जेहेन बनैत गेल – तहिना आधुनिक शिक्षा प्रणालीक प्रवेश भेल ताहि मे संस्कृतक महत्व कतहु न कतहु पाछू छूटल अछि। एकर […]

भक्त प्रह्लाद सँ सीखू ई ५ बात – बालोपयोगी नैतिक कथा

भक्त प्रह्लाद सँ सीखू ई ५ बात – बालोपयोगी नैतिक कथा

होलीक उमंग बीच किछु एहेन सबक जे हमरा सबकेँ भक्त प्रह्लाद केर जीवन सँ सीखबाक चाही हरेक वर्ष होलीक पर्व अबैत अछि। लोक खुशी आ उल्लास सँ भरल माहौलमे होलिकाक दहन करैत छथि। फेर रंगक उत्सव होएत अछि। कतेको रास यादे राखय योग्य बातक संग होली हमरा सबसँ विदाई लैत अछि जाहिसँ फेर ऐगला वर्ष नव […]

गुरुद्रोहक परिणतिः नैतिक पाठ, अवश्य पढी

गुरुद्रोहक परिणतिः नैतिक पाठ, अवश्य पढी

गुरुद्रोह केर परिणति   (एक नैतिक कथाः साभार अखिल विश्व गायत्री परिवार – अखण्ड ज्योति)   अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   भूमिकाः सर्वप्रथम गुरुदेव – गुरुतुल्य – गुरुचरण केँ प्रणाम! ई कथा जरुरत मे राखि रहल छी, जेकरा पढिकय कतेको गुरुद्रोह कयनिहारक आँखि खुजैत अछि। वर्तमान समय मे एहि तरहक नैतिकताक सीख सिखनाय सभक लेल […]

दुर्गा भगवतीक ११ अनुपम नाम, भक्त लेल सुलभ आ कल्याणकारी साधनाक अचूक मंत्र

दुर्गा भगवतीक ११ अनुपम नाम, भक्त लेल सुलभ आ कल्याणकारी साधनाक अचूक मंत्र

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी जय माँ!   ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥   जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा – एहि नामसँ प्रसिद्ध जगदम्बिके! अहाँकेँ नमस्कार अछि।   १. जयति सर्वोत्कर्षेण वर्तते इति ‘जयन्ती’ – सबसँ उत्कृष्ट आ विजयशालिनी।   […]

महिषासुरक उत्पात आ सेनापति सहित ओकर वध गाथाः महामायाक लीला वर्णन

महिषासुरक उत्पात आ सेनापति सहित ओकर वध गाथाः महामायाक लीला वर्णन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी सेनापति सहित महिषासुरक वध   महामायाक प्रादुर्भाव उपरान्त आर हुनका द्वारा देवता व इन्द्र, वरुण, आदिक खस्ता हाल मे स्तुति सुनैत अट्टहास कयला उत्तर समस्त दैत्य-दुर्जन हजारों-हजार सेना सहित देवी संग युद्ध आरम्भ कय चुकल अछि। आजुक प्रकरण थिक – कोना देवी सेनापति सहित महिषासुरक वध कयलीह।   ध्यानम् ॐ […]

कथा महिषासुर मर्दिनीक – भाग १

कथा महिषासुर मर्दिनीक – भाग १

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी ॐ श्री दुर्गायै नमः!!   भगवतीक विभिन्न स्वरूप केँ अपन हृदय मे जतेक आनि रहल छी, सचमुच नव शक्ति प्रवेश होयबाक भान भऽ रहल अछि। विगत करीब दुइ मास सँ शक्तिदात्री माताक लीलादिक कथा सब पढैत-बुझैत-गुनैत बेर-बेर इच्छा करैत अछि जे एहि अलौकिकता सँ अपने लोकनि नित्य-पाठक केँ सेहो जोड़िकय […]

आपत्ति कोना दूर करबः शक्ति साधना

आपत्ति कोना दूर करबः शक्ति साधना

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी भगवतीक स्मृति मे आइ आशीष मांगि एक दृष्टान्त अपन पाठक सब लेल राखबाक अनुमति भेटल अछि। भगवतीक उत्तरचरित्र जे महासरस्वतीक प्रसन्नता लेल हमरा लोकनि दुर्गा सप्तशतीक पाठ करैत छी – जाहि मे ई उल्लेख कयल गेल अछि जे शुम्भ-निशुम्भ असुर अपन बलक घमंड मे शचीपति इन्द्रक हाथ सँ तिनू लोकक […]

महादुर्गाक समष्टि एवं व्यष्टि उपासनाक पद्धतिः वैकृतिकं रहस्यम्

महादुर्गाक समष्टि एवं व्यष्टि उपासनाक पद्धतिः वैकृतिकं रहस्यम्

नवम्बर १७, २०१७. आध्यात्मिक परिचर्चाः वैकृतिकं रहस्यम् ॐ श्री दुर्गायै नमः!! आस्थावान् भक्त हेतु विगत किछु समय सँ आदिशक्ति जगदम्बाक विभिन्न स्वरूपक रहस्य आदिक बारे दुर्गा सप्तशतीक पूर्वार्घ मे उल्लेखित स्तोत्र सभक अनुवाद रखैत आबि रहल छी। वैकृितिकं रहस्यम् अन्तर्गत ऋषि द्वारा जिज्ञासू राजन सँ भगवतीक पूजाक विधान केर वर्णन कयल गेल अछि।    इत्युक्तानि […]

महादुर्गा व महासरस्वतीक स्वरूपः वैकृतिकं रहस्यम्

महादुर्गा व महासरस्वतीक स्वरूपः वैकृतिकं रहस्यम्

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी ॐ श्री दुर्गायै नमः!! जगज्जननी जगदम्बाक विभिन्न रहस्यमयी स्वरूपक चर्चा आस्थावान ओ समर्पित भक्त-साधक-उपासक लेल निरन्तर करैत आबि रहलहुँ अछि। काल्हि अपने सब पढने रही जे भगवती महाकाली केँ वैकृतिकं रहस्यम् केर अनुसार भगवान् विष्णु केर योगमाया सँ तूलना कयल गेलनि। तहिना आइ देखी जे भगवती महालक्ष्मीक स्वरूप केहेन छन्हिः […]

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