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आपत्ति कोना दूर करबः शक्ति साधना

आपत्ति कोना दूर करबः शक्ति साधना

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी भगवतीक स्मृति मे आइ आशीष मांगि एक दृष्टान्त अपन पाठक सब लेल राखबाक अनुमति भेटल अछि। भगवतीक उत्तरचरित्र जे महासरस्वतीक प्रसन्नता लेल हमरा लोकनि दुर्गा सप्तशतीक पाठ करैत छी – जाहि मे ई उल्लेख कयल गेल अछि जे शुम्भ-निशुम्भ असुर अपन बलक घमंड मे शचीपति इन्द्रक हाथ सँ तिनू लोकक […]

महादुर्गाक समष्टि एवं व्यष्टि उपासनाक पद्धतिः वैकृतिकं रहस्यम्

महादुर्गाक समष्टि एवं व्यष्टि उपासनाक पद्धतिः वैकृतिकं रहस्यम्

नवम्बर १७, २०१७. आध्यात्मिक परिचर्चाः वैकृतिकं रहस्यम् ॐ श्री दुर्गायै नमः!! आस्थावान् भक्त हेतु विगत किछु समय सँ आदिशक्ति जगदम्बाक विभिन्न स्वरूपक रहस्य आदिक बारे दुर्गा सप्तशतीक पूर्वार्घ मे उल्लेखित स्तोत्र सभक अनुवाद रखैत आबि रहल छी। वैकृितिकं रहस्यम् अन्तर्गत ऋषि द्वारा जिज्ञासू राजन सँ भगवतीक पूजाक विधान केर वर्णन कयल गेल अछि।    इत्युक्तानि […]

महादुर्गा व महासरस्वतीक स्वरूपः वैकृतिकं रहस्यम्

महादुर्गा व महासरस्वतीक स्वरूपः वैकृतिकं रहस्यम्

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी ॐ श्री दुर्गायै नमः!! जगज्जननी जगदम्बाक विभिन्न रहस्यमयी स्वरूपक चर्चा आस्थावान ओ समर्पित भक्त-साधक-उपासक लेल निरन्तर करैत आबि रहलहुँ अछि। काल्हि अपने सब पढने रही जे भगवती महाकाली केँ वैकृतिकं रहस्यम् केर अनुसार भगवान् विष्णु केर योगमाया सँ तूलना कयल गेलनि। तहिना आइ देखी जे भगवती महालक्ष्मीक स्वरूप केहेन छन्हिः […]

महाकाली केर दर्शन – वैकृतिकं रहस्यम्

महाकाली केर दर्शन – वैकृतिकं रहस्यम्

ॐ श्री दुर्गायै नमः! हे आस्थावान भक्तजन! पिछला किछु समय सँ भगवतीक विभिन्न स्वरूप पर चर्चा करैत आबि रहल छी। चर्चा सँ हुनकर दर्शन आ भक्तिभाव केर प्राप्ति होएछ, सिर्फ विश्वास निहित करैत अपन कर्तब्य ई बुझी जे हम मानव हुनक विशेष कृपापात्र बनि पृथ्वी पर आयल छी। आउ, आगू बढी – प्राधानिकं रहस्यम् सँ….. […]

लोभ मात्र समस्त पापक जैड़ थिक – नैतिक कथा

लोभ मात्र समस्त पापक जैड़ थिक – नैतिक कथा

लोभः पापस्य कारणम् (हितोपदेश) – लोभ सँ प्रेरित होएछ ठगी   by योगेन्द्र जोशी in दर्शन, नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, हितोपदेश, Morals   (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   एम्हर किछु समय सँ टीवी समाचार चैनल सब पर ठगीक मामिला सभक चर्चा सुनबाक लेल भेट रहल अछि। कहल जा रहल छैक जे गुजरातक अशोक जडेजा केँ देश […]

विदेहराज जनक केर सर्वोत्तम शिक्षाः शुकदेवजी केँ तत्त्वोपदेश

विदेहराज जनक केर सर्वोत्तम शिक्षाः शुकदेवजी केँ तत्त्वोपदेश

नवरात्रक छठम् दिनः आजुक प्रसाद विदेहराज जनकजीक तत्त्वोपदेश   विदित हो जे व्यासपुत्र शुकदेवजीक जन्म विशेष परिस्थिति मे भेलनि आर ओ गार्हस्थ जीवन सँ अलग पूर्ण संन्यास जीवन मे रहबाक मानसिकता शुरुहे सँ बनौने छलाह। सुविज्ञ पिता द्वारा बहुतो समझेला-बुझेलापर ओ गार्हस्थ जीवन सँ जुड़ल शिक्षा लेबाक लेल तत्कालीन महान सिद्ध-प्रसिद्ध शिक्षक विदेहराज जनक समीप […]

नवरात्रक प्रसादः हनुमान चालीसाक महत्व आ आस्थावान लेल उपयोगिता पर प्रकाश

नवरात्रक प्रसादः हनुमान चालीसाक महत्व आ आस्थावान लेल उपयोगिता पर प्रकाश

नवरात्रक दोसर दिनः आजुक विशेष प्रसाद   श्रीहनूमते नमः!!   जानकी-राघव केर अत्यन्त खास भक्त आ आशीर्वाद सँ सम्पन्न अष्ट-चिरंजीव मे सँ एक हनुमानजी केँ हम प्रणाम करैत छी। श्रेष्ठ गुरुवर पंडित जीवनन्दन झा केँ स्मृति मे अनैत हनुमानजीक अद्भुत रूप जाहि मे स्वयं महादेव केर अंश समाहित अछि, संग मे पार्वती सेहो छथिन – […]

कि छलन्हि भक्त प्रह्लाद केर प्राण रक्षाक सूत्र, पिता-पुत्र वार्ता सँ प्रत्यक्ष

कि छलन्हि भक्त प्रह्लाद केर प्राण रक्षाक सूत्र, पिता-पुत्र वार्ता सँ प्रत्यक्ष

ध्रुव शर्मा केर आध्यात्मिक विचारक मैथिली अनुवाद विष्णु पुराणमे, पिता हिरण्यकशिपु अपन पुत्र प्रह्लादजी सँ पूछलखिन – प्रह्लाद! तोहर एहि अतुलनीय प्रभाव केर कारण कि छौक? हरेक बेर तूँ अपन प्राण कोना बचा लैत छँ (तलवारक वार सँ, विषयुक्त भोजन सँ, अग्नि सँ, हाथीक झूंड द्वारा कुचलल गेला सँ, विषालू सर्पक प्रहार सँ)? कि तूँ कोनो मंत्र जनैत छँ […]

रामायणरूपी जल मे कल्याणकारी तत्त्वः रामचरितमानस सँ सीख – २३

रामायणरूपी जल मे कल्याणकारी तत्त्वः रामचरितमानस सँ सीख – २३

स्वाध्यायः रामचरितमानस सँ सीख – २३ निरन्तरता मे अछि ‘रामचरितमानस सँ सीख’ – मैथिली जिन्दाबाद केर पाठक समक्ष स्वाध्याय सँ प्राप्त हीरा-मोती समान शब्दपुञ्ज राखैत हम ओतबे आनन्दित होएत छी जतेक अपने गंभीर बनिकय एकरा पढैत-गुनैत-बुझैत आनन्दित होएत छी। एहि सँ जीवनक यथार्थ महत्व केँ आत्मसात करबाक अवसर भेटैत अछि हमरा लोकनि केँ। आशा करैत […]

रामायणरूपी भक्तिप्रवाहिनी नदीक विलक्षण दर्शन: रामचरितमानस सँ सीख २२

रामायणरूपी भक्तिप्रवाहिनी नदीक विलक्षण दर्शन: रामचरितमानस सँ सीख २२

स्वाध्याय: रामचरितमानस सँ सीख – २२ रामभक्तिरूप – गंगाजी जाहि मे सुन्दर कीर्तिरूपी सुहाओन सरयूजी मिलैत छथि, छोट भाइ लक्ष्मणजी सहित श्रीरामजीक युद्धक पवित्र यशरूपी – महानद सोन अछि – सरयूजी आर सोन केर बीच मे गंगाजी शोभित भऽ रहली अछि। ई तिनू नदी तिमुहानी रामस्वरूपरूपी समुद्रक दिशा मे जा रहल अछि।   एहि कीर्तिरूपी […]

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