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महत्वपूर्ण शिक्षा – प्रेरणास्पद श्लोक

महत्वपूर्ण शिक्षा – प्रेरणास्पद श्लोक

पढ रे बौआ पढ – १ सागर केर उपमा सँ धीर-गम्भीर आ शान्त स्वभावक परिचय भेटैत छैक। वैह सागर केर कतेको फीटक लहर सेहो ओतेक हल्ला नहि करैत छैक जतेक थोड़बे पानिक मात्रा संग बहयवाली झरनाक पानि। ताहि सागर सँ सेहो कियो महान भऽ सकैत अछि। के? प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः। सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलयेऽपि […]

सन् २०५० ई धरि कइएक महत्वपूर्ण वैश्विक महानगर समुद्र मे समा जायत

सन् २०५० ई धरि कइएक महत्वपूर्ण वैश्विक महानगर समुद्र मे समा जायत

चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी विश्वक कइएक देश रहत समुद्रक अन्दर   सन् २०५० धरि विश्व केर नक्शा मे बहुत पैघ परिवर्तन आबि जायत। समुद्रक तलहटीक स्तर जाहि गति सँ बढि रहल अछि ताहि कारणे समुद्र किनारक कतेको महत्वपूर्ण महानगर-नगर आ आबादीक्षेत्र २०५० धरि पानिक (समुद्रक) भीतर समा जेबाक खतरा अछि। एहनो नहि छैक जे […]

एक गृहस्थ केँ केना जीबाक चाही – साधारण नियम लेकिन महत्वपूर्ण अछि सभक लेल

एक गृहस्थ केँ केना जीबाक चाही – साधारण नियम लेकिन महत्वपूर्ण अछि सभक लेल

गृहस्थ लेल साधारण नियम (स्रोत: कल्याण) १. प्रातकाल सूर्योदयसँ पहिले उठू। २. उठिते भगवान् केर स्मरण करू। ३. शौच-स्नान आदि सँ निवृत होइत भगवान् केर उपासना, सन्ध्या, तर्पण आदि करू। ४. बलिवैश्वदेव (नमकरहित पाकल भोजनसँ अग्निकेँ हवन) केलाके बाद समयपर भोजन करू। ५. रोज प्रातकाल माता, पिता आ गुरु आदि श्रेष्ठजनकेँ प्रणाम करू। ६. इन्द्रियकेर […]

कियैक कयल जाइछ सोम प्रदोष व्रत – एक विशेष माहात्म्य

कियैक कयल जाइछ सोम प्रदोष व्रत – एक विशेष माहात्म्य

स्वाध्याय लेख – सावन विशेष साभार – वेबदुनिया सोम प्रदोष व्रत केर पौराणिक व्रतकथा केर अनुसार एक नगर मे एक ब्राह्मणी रहैत छलीह। हुनक पति केर स्वर्गवास भऽ गेल छलन्हि। हुनकर आब कियो आश्रयदाता नहि रहलन्हि ताहि सँ भोर होइत देरी ओ अपन पुत्र संग भीख मांगय निकलि पड़ैत छलीह। भिक्षाटन सँ मात्र ओ स्वयं आर […]

मधुर-विनोद: कृष्णभक्त अहमद शाह आ कृष्णक बीच रोचक वार्ता

मधुर-विनोद: कृष्णभक्त अहमद शाह आ कृष्णक बीच रोचक वार्ता

स्वाध्याय लेख संकलन स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी एक मुसलमान भक्त छलाह। हुनकर नाम छलन्हि अहमद शाह। हुनका प्रायः भगवान् श्रीकृष्ण केर दर्शन होइत रहैत छलन्हि। अहमद शाह सँ ओ विनोद (हँसी-चौल) सेहो कयल करथि। एक दिन अहमद शाह एकटा बड़ा लम्बा टोपी पहिरिकय बैसल छलाह। भगवान् केँ हँसी सुझलनि। ओ हुनका पास प्रकट […]

कृष्ण-दीवाना रसखान जी

कृष्ण-दीवाना रसखान जी

स्वाध्याय लेख – श्रीमती भगवती जी गोयल, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी हमरा लोकनिक बाँकेबिहारी कोनो न कोनो अहैतुकी लीला करिते रहैत छथि। हुनकर मायाक कियो पार नहि पाबि सकैत अछि। नहि जाइन केकरा ऊपर रीझि जाइथ! नहि जाइन कहियो कोन जीव पर कृपा भऽ जाय! बजेला पर तऽ ओ कहियो अबैत नहि छथि, चाहे माथे […]

श्रीराधा-तत्त्वः महामहोपाध्याय डा. गंगानाथ झा केर एक महत्वपूर्ण लेख

श्रीराधा-तत्त्वः महामहोपाध्याय डा. गंगानाथ झा केर एक महत्वपूर्ण लेख

स्वाध्याय लेखः श्रीराधा-तत्त्व मूल लेखकः महामहोपाध्याय डा. गंगानाथ झा, एमए, डी.लिट्., एलएलबी (हिन्दी सँ मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, संकलन स्रोतः कल्याण विशेषांक) ‘श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः।’ जतय कतहु श्रीकृष्णक पूजा होइत छन्हि श्रीराधाक संग होइत छन्हि – ई त प्रसिद्ध अछिये, मुदा कृष्ण-चरित्र-निरूपक ग्रन्थ मे श्रीमद्भागवत सब सँ बेसी प्रसिद्ध अछि – एहि मे श्रीराधाजीक चर्चा […]

राधाजी द्वारा मुस्लिम कारीगर पर कृपादृष्टि

राधाजी द्वारा मुस्लिम कारीगर पर कृपादृष्टि

स्वाध्याय लेख – श्री धर्मेन्द्र जी गोयल (संकलन एवं अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) भगवान् समस्त मनुष्य समुदाय पर समान कृपाक भाव रखैत प्रेम करैत छथि। हुनका ओतय गरीब-धनिक, छोट-पैघ कियो नहि होइछ। राजा हो अथवा रंक, सब केँ एक समान दृष्टि सँ देखल जाइछ। हुनकर कृपादृष्टि धर्मक आधार पर सेहो कोनो भेदभाव नहि करैत अछि; […]

श्रीराधामाधव केर कृपा-कटाक्ष सँ धन्य स्वामी विवेकानन्द

श्रीराधामाधव केर कृपा-कटाक्ष सँ धन्य स्वामी विवेकानन्द

स्वाध्याय लेख स्वामी श्री गम्भीरानन्द जी (प्रेषकः डा. सुरेशचन्द्र जी शर्मा) – अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी सन् १८८७ मे स्वामी विवेकानन्द कोलकाता सँ परिव्राज्यक संन्यासीक रूप मे उत्तर भारत केर तीर्थक यात्रा पर निकलि पड़लाह। वाराणसी एवं अयोध्याधाम सँ होइत ओ अगस्त केर प्रथम सप्ताह मे श्रीधाम वृन्दावन पहुँचलाह। वृन्दावन मे ओ काला बाबू केर […]

राजर्षि सुयज्ञ केर राधा-माधव भक्ति

राजर्षि सुयज्ञ केर राधा-माधव भक्ति

स्वाध्यायः राजर्षि सुयज्ञ केर राधा-माधव भक्ति – श्री जयदीप सिंह (मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   ब्रह्मवैवर्त्तपुराणक अनुसार स्वायम्भु मनु केर वंश मे उत्पन्न महाराज सुयज्ञ सप्तद्विपती वसुन्धराक एकछत्र चक्रवर्ती सम्राट छलाह। ओ महाभागवत ध्रुव केर पुत्र छलाह और हुनकहि समान भगवान् नारायण केर अनन्य भक्त छलाह। ओ पुष्कर तीर्थ मे एक हजार राजसूय यज्ञ […]

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