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अष्टावक्र संहिता – अध्याय ७ – उच्चतर ज्ञान

अष्टावक्र संहिता – अध्याय ७ – उच्चतर ज्ञान

अष्टावक्र संहिता – अध्याय सातम – उच्चतर ज्ञान   पिछला अध्याय छठम् मे गुरु अष्टावक्र ब्रह्मलीन होयबाक – आत्मारूपी परमात्मा संग एकाकार होयबाक चारि तरीका बतेलनि। ताहि पर जनक समान उच्च ज्ञानी शिष्य अपन उद्गार प्रकट करैत अपन मनोभाव केँ गुरु अष्टावक्र केर सोझाँ केना राखि रहल छथि, तेकर विवरण मात्र ४ श्लोक मे देखल […]

अष्टावक्र संहिता – अध्याय ५ – विलय केर चारि तरीका

अष्टावक्र संहिता – अध्याय ५ – विलय केर चारि तरीका

अष्टावक्र संहिताः अध्याय ५ – विलय केर चारि तरीका   अष्टावक्र संहिता मे जनक समान प्रखर ज्ञाता एक शिष्य छथि, अष्टावक्र समान महान् ज्ञानी आ ऋषि समान गुरु छथि। शिष्य आ गुरुक बीच वार्ताक स्तर सेहो अत्यन्त उच्च अछि। हम मुमुक्षु स्वाध्यायी जँ स्वयं केँ एहि उच्च स्तर पर स्थापित कय केँ हिनका लोकनिक बीच […]

अष्टावक्र संहिताक चारिम अध्याय – आत्मज्ञानक महिमामंडन

अष्टावक्र संहिताक चारिम अध्याय – आत्मज्ञानक महिमामंडन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी अष्टावक्र संहिता – चारिम अध्यायः आत्मज्ञान केर महिमामंडन   पूर्व तीन अध्याय मे पहिल आत्मज्ञान केर परिचिति, दोसर आत्मज्ञान सँ आनन्दक अनुभूति, पुनः तेसर अध्याय मे आत्मज्ञान प्राप्त भेल तथापि द्वंद्व व आसक्ति तथा सांसारिकता मे रमण करबाक नियति कोना – इत्यादि प्रश्न सँ परीक्षा कयला उत्तर पुनः चारिम अध्याय […]

अष्टावक्र संहिता – तेसर अध्याय – आत्मज्ञान केर परीक्षा

अष्टावक्र संहिता – तेसर अध्याय – आत्मज्ञान केर परीक्षा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी अष्टावक्र संहिता – तृतीय अध्याय   आत्मज्ञान केर परीक्षा   प्रिय पाठक लोकनि! अष्टावक्र संहिताक दुइ अध्याय समाप्त भऽ गेल। पहिल मे अष्टावक्र द्वारा स्वयं केर पहिचान यथार्थ रूप सँ, तत्त्व रूप सँ कोना कयल जाय आर सांसारिक अस्तित्व केँ स्वयं सँ कोना जोड़ल जाय ताहि पर परिचिति देल गेल […]

हनुमानजी द्वारा भगवान् राम केर स्तुति

हनुमानजी द्वारा भगवान् राम केर स्तुति

हनुमत्कृत श्रीरामस्तुति   नमो रामाय हरये विष्णवे प्रभविष्णवे। आदिदेवाय देवाय पुराणाय गदाभृते॥ विष्टरे पुष्पके नित्यं निविष्टाय महात्मने। प्रहृष्टवानरानीकजुष्टपादाम्बुजाय ते॥ निष्पिष्टराक्षसेन्द्राय जगदिष्टविधायिने। नमः सहस्रशिरसे सहस्रचरणाय च॥ सहस्राक्षाय शुद्धाय राघवाय च विष्णवे। भक्तार्तिहारिणे तुभ्यं सीतायाः पतये नमः॥   श्रीहनुमानजी कहलनि –   सबपर शासन करयवला, सर्वव्यापी, श्रीहरिस्वरूप श्रीरामचन्द्रजी केँ नमस्कार अछि। आदिदेव पुराणपुरुष भगवान् गदाधर केँ नमस्कार […]

कैकेयी केर सती होयबाक प्रयास

कैकेयी केर सती होयबाक प्रयास

मानस मर्मज्ञ पं. श्रीरामकिंकरजी उपाध्याय केर केर प्रवचन पर मूल आलेख संकलनकर्ता श्री अमृतलालजी गुप्ता मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी दशरथजीक मृत्यु भेलाक बाद  कैकेयी मनहि-मन सती होयबाक निर्णय लेलीह। सती होयबाक पाछाँ कैकेयीजीक मनोभाव कि छलन्हि? वस्तुतः जखन ओ भरतजीक द्वारा सेहो तिरस्कृत भऽ गेलीह तखन हुनका एना लगलनि जे आब समाज मे एको […]

अष्टावक्र संहिता – दोसर अध्याय – आत्मानुभूतिक आनन्द

अष्टावक्र संहिता – दोसर अध्याय – आत्मानुभूतिक आनन्द

स्वाध्याय तिला-संक्रातिक समस्त पाठक लोकनि मे हार्दिक शुभकामना। आजुक दिवस केँ विशेष संकल्प लय पूरा करबाक लेल सेहो आध्यात्मिक चेतनशील लोक वर्णन करैत छथि। बस, अपन-अपन जीवनक महत्व बुझैत सब कियो अपन धर्म प्रति सचेत बनी, यैह विशेष कामना। आउ, प्रथम अध्याय मे जनक-अष्टावक्र बीच पहिल विषय ‘आत्मानुभूतिक परिचिति’ उपरान्त आब दोसर अध्याय ‘आत्मानुभूतिक आनन्द’ […]

महागौरी – कृपालुताक महाभंडार आराध्या सभक लेल सुलभ जगन्माता

महागौरी – कृपालुताक महाभंडार आराध्या सभक लेल सुलभ जगन्माता

आध्यात्म स्रोतः कल्याण (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥ माँ दुर्गाजीक आठम शक्तिक नाम महागौरी थिकन्हि – ‘महागौरीति चाष्टमम्’। हिनक वर्ण पूर्णतः गोर छन्हि। एहि गौरताक उपमा शंख, चन्द्र आर कुन्द केर फूल सँ देल गेल छन्हि। हिनक आयु आठ वर्षक मानल गेल छन्हि – ‘अष्टवर्षा भवेद् गौरी’। हिनक […]

नव वर्ष २०१९ केर नव संकल्प – अष्टावक्र संहिता स्वाध्यायक सुन्दर विकल्प

नव वर्ष २०१९ केर नव संकल्प – अष्टावक्र संहिता स्वाध्यायक सुन्दर विकल्प

स्वाध्याय नव वर्ष २०१९ मे ‘अष्टावक्र संहिता’ केर स्वाध्यायक संकल्प संग आइ श्रीगणेश कय रहल छी –   प्रथम अध्याय – आत्मज्ञान केर उपदेश (Instruction of Self-Realization) जनक उवाच। कथं ज्ञानमवाप्नोति कथं मुक्तिर्भविष्यति। वैराग्यं च कथं प्राप्तमेतद् ब्रुहि मम प्रभो॥१॥ जनक पूछलखिन – ज्ञानक प्राप्ति कोना होयत? मुक्ति केना भेटत? वैराग्य प्राप्ति केना संभव होयत? […]

मानव शरीर केर ज्ञात-अज्ञात शक्ति तथा कुण्डलिनी शक्तिक आरम्भिक चर्चा: दर्शन एवं ज्ञान

मानव शरीर केर ज्ञात-अज्ञात शक्ति तथा कुण्डलिनी शक्तिक आरम्भिक चर्चा: दर्शन एवं ज्ञान

स्वाध्याय आलेख कुण्डलिनी: एक परिचय   मनुष्यक भीतर कतेको प्रकारक शक्ति छुपल पड़ल अछि। बहुतो रास खोज कय लेल गेल अछि। बहुतो एखनहुँ धरि ताकले जेबाक क्रम मे अछि, आर बहुतो रास एहनो अछि जेकरा बारे हम सब जनिते नहि छी। शारीरिक शक्ति, बौद्धिक शक्ति, विचार शक्ति, इच्छा शक्ति, प्राणशक्ति, आत्मिक शक्ति, विश्लेषण शक्ति, स्मरण […]

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