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“जुनि बेचू कोखिक संतान के…..”

“जुनि बेचू कोखिक संतान के…..”

– दीपिका झा।                                    पाप थिकै,संताप थिकै, जुनि बेचू कोखिक संतान के। स्वर्ग सनक पावन अई धरतीक, नहिं कारण बनू अपमान के।। धन-दौलत आ पाई-रूपैया, नहिं लय जाएब अपना संग। एहेन कर्म करू एहि धरा पर, जाहि सं सब […]

“टेमी- एकटा परिवार रूपी दीप के”

“टेमी- एकटा परिवार रूपी दीप के”

– वंदना चौधरी।                                  शीर्षक : टेमी , हम एकटा टेमी छि,जेकरा पहिने खूब क काटल जाइत छै,ताबे तक,जाबे तक ओ बंटबा के योग्य नै भ जाइत छै। हम एक टेमी छि,जेकरा खूब क तरहथि पर रगड़ल जाइत छै,ओकर मुँह […]

“हमरो हृदय बसै छैथ राम”

“हमरो हृदय बसै छैथ राम”

“साहित्य” :- दीपिका झा।                                      “हमरो हृदय बसै छैथ राम” ~~~~~~~~~~~~~~ स्वर्ग-नर्क अछि अहि धरती पर, अछि रावण एतहि, एतहि श्रीराम। कियो अपनहि सोच सं कृति बनाबथि, कियो कुकृत्य स घटबथि मान। जों रावणक अनुसरण करी, आ चली […]

“सत्कारक स्थान- मिथिलाक दलान”

“सत्कारक स्थान- मिथिलाक दलान”

“साहित्य” – शिव कुमार सिंह।            ”गामक दलान” जखन गामक दलान के बात होय आ ओ पुरनका बात मन में नै घुरियाई भ नै सकैया।बिना दलानक त घर के कोनो शोभे नै होई छै।दलान त मिथिला के संस्कृति माटि पानि सँ परिचित करबैत अछि।बुढ़ पुरान सब दलानक शोभा बढ़ौने रहैत अछि।चारि […]

“घरक शोभा”

“घरक शोभा”

“संस्मरण”। – आभा झा “गामक दलान ” “दलान “हर घर के शोभा होइत छैक। मिथिला में पाहुन-परख के आदर सत्कार दलान पर बैसा क कैल जायत छल।दलान पर चौकी लागल रहैत छल। भोजक बैसारी होइ या कोनो पंचैती सबटा काज अहि दलान पर बैस क होइत छैक। जिनका दलान पर बेसी लोक बैसैत छलखिन हुनका […]

“दलानक शोभा”

“दलानक शोभा”

“साहित्य” – दीपिका झा।                                  “गामक दलान” ——————- “अपना सब में कहबी छै स्त्रीगनक आंगन आ पुरुषक दलान” दलान शब्द सुनिते लगैयै गाम पहुंच गेलौं।अपना सभक घर आंगन के ई महत्वपूर्ण हिस्सा रहै। आंगन-घर छोट होई अथवा पैघ दलान रहनाई […]

हरिमोहन झा लिखित अत्यन्त चर्चित आ लोकप्रिय लेख – “पाँच पत्र”

हरिमोहन झा लिखित अत्यन्त चर्चित आ लोकप्रिय लेख – “पाँच पत्र”

साहित्य – प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. हरिमोहन झा लिखित ‘पाँच पत्र’ एक दड़िभङ्गा १-१-१९ प्रियतमे अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सएबेर पढ़लहुँ तथापि तृप्ति नहि भेल। आचार्यक परीक्षा समीप अछि किन्तु ग्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि। सदिखन अहींक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहैत अछि। राधा रानी! मन होइत अछि जे अहाँक ग्राम वृन्दावन बनि जाइत, […]

“गामक दलान”

“गामक दलान”

“साहित्य” – आभा झा “गामक दलान ” “दलान “हर घर के शोभा होइत छैक। मिथिला में पाहुन-परख के आदर सत्कार दलान पर बैसा क कैल जायत छल।दलान पर चौकी लागल रहैत छल। भोजक बैसारी होइ या कोनो पंचैती सबटा काज अहि दलान पर बैस क होइत छैक। जिनका दलान पर बेसी लोक बैसैत छलखिन हुनका […]

“गामक दलान”

“गामक दलान”

“साहित्य”। – ममता झा #गामकदलान एखनो मौन परैत अई ओ गोष्टी। ऑगन स कपक कप चाह आ पान पठाबैत पठाबैत भोर स साझ भ जैत छल। बुढ बुजुर्ग के लेल दलान राजनीति स लक विवाह संस्कार के बात कर के स्थान। बच्चा सबके दलाने पर पढ़ाई के व्यवस्था। दलाने पर पाहुन परक रह के व्यवस्था […]

“गामक दलान”

“गामक दलान”

“साहित्य” – बेबी झा।                            ” गामक दलान ” गामक दलान शुरुआत भोरका दतमैन स लय रात्रि सुतबा तक रहैत अछि |बीच में जे कोनो काजक शुरुआत से दलाने स फूल तोरबा स तीमन तरकारी तोरबाक तक |भोर होईते एकटा कोना मे खुटा […]