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कौआ आ मोर केर ओ कथा जेकर नैतिक शिक्षाक प्रासंगिकता आइ किछु बेसी बढल देखाइत अछि

कौआ आ मोर केर ओ कथा जेकर नैतिक शिक्षाक प्रासंगिकता आइ किछु बेसी बढल देखाइत अछि

नैतिक कथा (संकलन व अनुवाद: प्रवीण नारायण चौधरी) कौआ आ मोर एक दिन एक गोट कौआ जंगल मे मोर केर बहुतेरास पाँखि एम्हर-ओम्हर खसल देखि प्रसन्न होइत कहय लागल –   “वाह भगवान्!! बड पैघ कृपा केलहुँ अपने जे हमर मोनक बात सुनि लेलहुँ। हम एखनहिं ई पाँखि पहिरिकय खूब सुन्दर मोर बनि जाइत छी।” […]

मैथिली बालकथा – बुधियार डाक्टर

मैथिली बालकथा – बुधियार डाक्टर

मैथिली बालकथा – बुधियार डाक्टर – सुजीत कुमार झा, जनकपुर ‘दाई एकरा खिस्सा नहि कहिए ?’ ‘किए रे !’ ‘ई हमरा मारलक अए ।’ ‘हँ गै मुन्नी, भैयाके मारलिहए ? ’ ‘भैया हमर फित्ता तानि देलन्हि अछि ।’ ‘अएँ रे टिंकु तो बहिनके फित्ता तानि देलिहए, आ उल्टे कहैत छए मारलकौए ?’ दाई कनि तमसाईत […]

कुर्सों दुर्गास्थान केर वर्णन आ अद्भुत श्रृंगारक वर्णन करैत एक भजन – नवरात्र विशेष समर्पण

कुर्सों दुर्गास्थान केर वर्णन आ अद्भुत श्रृंगारक वर्णन करैत एक भजन – नवरात्र विशेष समर्पण

नवरात्र विशेष – कुरसों दुर्गास्थानक वर्णन पर आधारित एक भजन – प्रवीण नारायण चौधरी मैया के अद्भुत श्रृंगार, देखल हम कुरसों में लागल छल भक्तक अम्बार, हमर गाम कुरसों में   ब्रह्म-मुहुर्तक भोरू पहर में पूजा करय सब भक्ति लहर में ब्रह्म-मुहुर्तक भोरू पहर में पूजा करय सब भक्ति लहर में अम्बा गोहारय अपार, अम्बा […]

मैथिली कथा – ॐ अपवित्रःपवित्रोवा

मैथिली कथा – ॐ अपवित्रःपवित्रोवा

कथा – ऊँ अपित्र:पवित्रोवा – विजय कुमार इस्सर ~ए सूनू ने ! विवेक वौआक उपनयन त’ आइ भैये गेलैनि । परसूक रिटर्निंग टीकट अछि । फर फरीक सब जुटले छथि । बहुत दिनक बाद गाम एलौं हेँ तहन किएक ने काल्हि भगवानक पूजा करा ली । आब हाले मे कोनों जग परोजन त’ नैँ देखाइए […]

गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता

गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता

कविताः गरीबी उन्मूलन – प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल गरीबी कोनाक घटय मंच जीवनक सजल कवि लिखै अछि गजल कल्पनाकेर संसारमे माथ हरदम सोचय काज बस कोना हुअय गरीबीकेर नाम पर कवित आर कथा लिखी सुनि जेकर किछु मर्म लोक जे कानय-बजय मंत्रमुग्ध भऽ सब कियो चारू दिशि ताली पीटय भावनामे बहियो कियो कानि-कानि छाती […]

कहलौं न – हम दोसर लोक छी….!! हँ-हँ, बुझि गेलौं अहाँ केहेन लोक छी!! – संतोषीक जोरदार हास्य कविता

कहलौं न – हम दोसर लोक छी….!! हँ-हँ, बुझि गेलौं अहाँ केहेन लोक छी!! – संतोषीक जोरदार हास्य कविता

कविताः दहेज पर आधारित – कवि संतोषी, धरान, नेपाल कहलौं न – हम दोसर लोक छी…..!! कहलौं न- हम दोसर लोक छी….!! एलौंह त बैसू कल कुशल सँ, हेबैह करतैह सब रंग बात, कन्यागत बैनि आयल छी अपनहिं, स्वागत में हम बरक बाप, लियह न शरबत, अपनहिं गाछक नेबो ऐहि में गारल अई, ओ कोल्ड […]

लोकवार्ता आ जीवनमूल्य – एक अत्यन्त पठनीय आ मननीय लेख

लोकवार्ता आ जीवनमूल्य – एक अत्यन्त पठनीय आ मननीय लेख

लोकवार्ता आ जीवनमूल्य – डा. श्रीराजेन्द्ररंजनजी चतुर्वेदी, डी. लिट.  (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी – जीवन मे अनिवार्य रूप सँ पढल जाय योग्य लेख)   भौगोलिक तथा सामाजिक परिवेश केर संग समायोजनक उद्देश्य सँ समाजक द्वारा आचरण केर किछु आदर्श या मानदण्ड निश्चित आ प्रतिष्ठित कयल जाइछ। हर्सकोवित्स केर शब्द मे सामाजिक मान्य-माप केर मनोवैज्ञानिक आधार […]

विकसित राष्ट्र मे मिथिलाक ग्रन्थ पर शोध आ अनुवादः जापानक एक दृष्टान्त

विकसित राष्ट्र मे मिथिलाक ग्रन्थ पर शोध आ अनुवादः जापानक एक दृष्टान्त

रोचक जानकारी CiNii – साइनी – Scholarly and Academic Information Navigator एक डेटाबेस सेवा थिक जाहि मे कोनो आलेख, पुस्तक, प्रकाशित लेख आदि केँ सर्च कयल जा सकैत अछि। ई सभक वास्ते निःशुल्क जनतब उपलब्ध करबैत अछि। शैक्षणिक सामग्री जेकर प्रकाशन शैक्षणिक संस्थानक पत्रिकादि मे कयल गेल अछि ताहि पर सेहो जनतब सब एतय सँ लेल […]

पुराण प्रमाणित मिथिला – रोचक जनतब सहित

पुराण प्रमाणित मिथिला – रोचक जनतब सहित

लेख – संकलितः संजय सागर द्वारा ‘हम सब मैथिल छी’ फेसबुक ग्रुप सँ साभार मूल लेखकः कृष्ण कुमार झा ‘अन्वेषक’ – जनवरी २२, २०१२ – अपन ब्लौग पेज पर  पुराण प्रमाणित मिथिला…. देशेषु मिथिला श्रेष्ठा गङ्गादि भूषिता भुविः । द्विजेषु मैथिलः श्रेष्ठः मैथिलेषु च श्रोत्रियः ॥ (संशोधित श्लोकः देशेषु मिथिला श्रेष्ठा गंगादि भूषिता भुवि:। जनेषु मैथिल: […]

पवित्र सावन मास मे महादेव केँ समर्पित एक भजन, बाबा बाणेश्वर नाथ महादेव केर दर्शन सहित

पवित्र सावन मास मे महादेव केँ समर्पित एक भजन, बाबा बाणेश्वर नाथ महादेव केर दर्शन सहित

सावन मास मे महादेव केँ समर्पित एक भजनः दर्शन बाबा बाणेश्वरनाथ महादेव, देवनाधाम, सहरसा – प्रवीण नारायण चौधरी भजन दर्शन करू बाबा भोला के, बाबा भोला के बाबा भोग लगौने भंग गोला के, भंग गोला के…. देखू जे भक्तन के लाइन लगल यऽ बम-बम-बम सब बम-बम जपइ यऽ बाबा के नगरी मे सबटा जुटइ यऽ […]