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सोनदाइ केर विवाह

सोनदाइ केर विवाह

लघुकथा – वाणी भारद्वाज सोनदाइ केर विवाह पिताजीक अचानक देहान्त भ गेलन्हि। आब सोन दाइ केर विवाह कोना होयत? कतय सं खर्च लेल पाइ आयत? पिताजी छलखिन्ह त अफसर मुदा पाइ जमा नहि कय गेलथिन्ह. घरक जिम्मेदारी भाइ पर आबि गेल. माँ केँ पेन्सन आ भाइ केर वकालत मे कनी-मनी भेल पाइ सं घर चलैत […]

एहि मे केकर दोख – संगीता सेहो ओत्तहि धिया बनि एलीह जतय सिया आयल छलीह

एहि मे केकर दोख – संगीता सेहो ओत्तहि धिया बनि एलीह जतय सिया आयल छलीह

लघुकथा – रूबी झा दहेज के कारण मिथिला में बहुतो घर तबाह भेल, ताहि तबाह भेल एकटा घरक कहानी हमर जुबानी सुनैय जाय जाउ। आय सँ करीब तीस-बत्तीस साल पैहने और ज्यादा मिथिला के वरक दाम किछु बेसी बढल रहैन। ताहि कारण कतेको वर केर चोरा क जबरदस्ती विवाह सेहो करायल गेल। भले ही ओकर […]

आइ फेर सँ मैथिलानी नव इतिहास रचि रहली अछिः मैथिल महिलाक क्रान्तिकारी स्वरूप पर अपर्णा

आइ फेर सँ मैथिलानी नव इतिहास रचि रहली अछिः मैथिल महिलाक क्रान्तिकारी स्वरूप पर अपर्णा

लेख – अपर्णा झा “मैथिल महिला शक्ति: शिक्षा, संस्कार आ सामाजिक सहभागिता” आजुक समसामयिक समाज मे मैथिल महिलाक सहभागिता देखल जाय तs, आर पहिलुका समय केर महिला सँ तुलना कयल जाय तs, सामाजिक सहभागिता मे कत्तहु कम नै बुझायत. अंतर मात्र कालक्रम आ परिवेशक रहल. मिथिलाक इतिहास पर ज्यों नजरि देल जाय तs ई निश्चित […]

मैथिली भक्ति साहित्यः मिथिलेश राय केर ‘हे माधव’ तथा ‘हे रौ करिया’

मैथिली भक्ति साहित्यः मिथिलेश राय केर ‘हे माधव’ तथा ‘हे रौ करिया’

साहित्य – मिथिलेश राय १. !! हे माधव !! हे माधव, अंहाँ क’त छी ! घुरि आउ , राधा बाट जोहैत अछि ! ओ मुरलीक तान, आ ‘ओ मधुर गान ! सुनैक लेल, राधा व्याकुल अछि, हे माधव, अंहाँ क’त छी ! घुरी आउ अहि यमुना’क घाट पर, राधा ठाढ़ अछि वएह बाट पर ! […]

प्रत्येक नारीक जीवन मे तीन चरण – जे बुझत से जियत जीवन

प्रत्येक नारीक जीवन मे तीन चरण – जे बुझत से जियत जीवन

लेख-विचार – ममता झा “नारी अहाँक रूप अनेक” – हम पुछलहुँ लोक सब सँ जे नारीक कतेक रूप अइ… कियो माँ कहलक, कियो बहिन कहलक, कियो हमसफर, कियो ममता के मूरत त कियो दोस्त त कियो सच के सुरत कहलक। सब अपना-अपना हिसाब सँ वर्णन केलक। नारीक जन्म आ जीवनक पड़ाव तीन बेर अबैत अइ। […]

एतेक मे वर कि बरदो नहि भेटत आइ

एतेक मे वर कि बरदो नहि भेटत आइ

लघुकथा – रूबी झा दहेज के मूल अर्थ बिसैर हम मिथिलावासी बेटा केँ बरद-महिस जेकाँ अपन दाम लगबैत छी। बेटा केँ बाप बेचैय छथि आ बेटी केँ बाप खरीदैत छथि। ई घृणीत कार्य सब सँ बेसी हमर सबहक ब्राह्मण समाज में होइत अछि। वर केँ दहेज जतेक देल गेल ओहि हिसाबे कनियाँ केँ नुवा, गहना, […]

श्रीहित ध्रुवदासजी – भगवान् केर एक अनुपम भक्त केर कथा

श्रीहित ध्रुवदासजी – भगवान् केर एक अनुपम भक्त केर कथा

स्वाध्याय लेखः श्रीहित ध्रुवदासजी – संकलनः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी श्रीध्रुवदासजीक घरक कि नाम रहनि, किछु पता नहि। हिनकर पूर्व-संस्कार हिनका मे मात्र ५ वर्षक अवस्था मे उत्कट वैराग्य आर प्रभु-प्रेमक लगन उत्पन्न कय देने रहय। बालकभक्त ध्रुव सेहो ५ वर्ष मे अपना मे एहेन लगन पेने रहथि। एहि साम्य केर कारण हिनका लोक […]

सावन महीना मे कि खाय आ कि नहि खाय – कियैक नहि खाय

सावन महीना मे कि खाय आ कि नहि खाय – कियैक नहि खाय

सावन विशेष आलेख सावन मास मे कि खाय, कि नहि खाय – साभारः वेब दुनिया, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   श्रावण मास मे किछु खास चीज बिल्कुल नहि खायल जाइत अछि। एहि बरसैत-गरजैत मौसम मे किछु फल सब्जी केँ नहि खेबाक चाही। कियैक तँ एहि सब्जी सभ मे एहि समय विषैलापन बढ़ि जाइत छैक जे […]

युवा रचनाकार बीरेन्द्र कुमार सिंह केर मैथिली रचना

युवा रचनाकार बीरेन्द्र कुमार सिंह केर मैथिली रचना

साहित्य युवा कवि-लेखक बीरेन्द्र कुमार सिंह केर साहित्य रचना १. कविता – “सहोदर सँ लगियौ छाती” प’ह फटलै कोइली कुहकलै सिहरि उठलै छाती मीठे-मीठे कूक सुनादे बगड़िया गबैत चल सुन्दर पाँती कोसी कमला झिर-झिर बहैय’ एहि मिथिला-मधेशक माटी खा ले हमर किरिया सप्पत हम सभ नाती-परनाती जागू यौ कक्का डेग उठबियौ “सहोदर सँ लगियौ छाती” […]

बेटी पुछलनि बाप सँ – हमर कोन गाम थिक (लघुकथा)

बेटी पुछलनि बाप सँ – हमर कोन गाम थिक (लघुकथा)

लघुकथा – रूबी झा सासूर सँ दुइ-चारि बेर रैस-बइस कँ आयला के बाद बहुत दुःखी भऽ पुछलखिन्ह अन्नपूर्णा अपन पिता सँ – बताऊ, हम कोन गामक छी आ हमर घर कतय अछि? अचंभित भय बजलाह नेन कान्त जी (अन्नपूर्णा के पिता) – ई की तोँ पुछैय छैं एखन, ई सवाल पूछैय के कि परोजन? अन्नपूर्णा […]