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हाकिम भाइक दू-नेतः बहिन आ बेटी मे फर्कक मार्मिक कथा

हाकिम भाइक दू-नेतः बहिन आ बेटी मे फर्कक मार्मिक कथा

लघुकथा – रूबी झा बेटी-बहिन केँ बहुतो व्यक्ति बड आन कय केँ बुझति छथि। जुग बदललैया, बेटीक प्रति पिताक बहुत हद तक सोच बदललैन्हें, लेकिन बहिन के प्रति एखनो लगभग ओहने सोच हावी देखैत छी। एहि बात केर उदाहरण समाज में बहुतो जगह अपने लोकनि देखने हेबैय। देवचन्द्रबाबू सरकारी आला अधिकारी छलथि। बहिनक विवाह में […]

सफल महिलाक जीवन मे पतिक महत्व ‍- स्नेहा प्रकाश ठाकुरक लेख ‘हमर जीवनसाथी’

सफल महिलाक जीवन मे पतिक महत्व ‍- स्नेहा प्रकाश ठाकुरक लेख ‘हमर जीवनसाथी’

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर हमर जीवनसाथी मैथिली में एक टा फकरा छैक जे हाथी चढ़ि क गौरी पूजलौं जे एहेन वर भेटल, सैह हम अपन दिया बुझइ छी। आइ हम बात करब अपन जीवनसाथी प्रकाश कुमार ( B.E electrical) के । हमर बियाह भेल 24 फरवरी 2012 केँ । हम ओहि समय एमए द्वितीय […]

मिथिलाक इतिहासः धारावाहिक – मिथिला निर्माण केना भेल तेकर रोचक पौराणिक गाथा

मिथिलाक इतिहासः धारावाहिक – मिथिला निर्माण केना भेल तेकर रोचक पौराणिक गाथा

मिथिलाः उत्पत्ति एवं नाम – डा. उपेन्द्र ठाकुर (निरन्तरता मे… क्रमशः सँ आगू) एहि भूमिक उद्भवक एकटा रोचक कथा विष्णुपुराण मे भेटैछ जकर अनुसरण श्रीमद्भागवत कयलक अछि। एहि विवरणक अनुसार इक्ष्वाकुक पुत्र निमि सहस्रवर्षव्यापी यज्ञ प्रारम्भ कयलनि तथा वसिष्ठकेँ आचार्य बनबा लेल कहलथिन। वसिष्ठ उत्तर देलथिन जे “अहाँ पाँच सय वर्ष धरि प्रतीक्षा करू, कारण […]

किरण आ गुड्डू: रूबी झाक लोकप्रिय लघुकथा

किरण आ गुड्डू: रूबी झाक लोकप्रिय लघुकथा

लघुकथा – रूबी झा किरण बेर-बेर अपन माता-पिता सँ कहि रहल छलखिन्ह, माँ-बाबूजी बौआ केँ लऽ जेबैइ तँ लँ जइयौ, लेकिन अहाँ सब राखि नहि पेबइ । असल मे किरण केर माँ-बाबूजी किरण ओतय गेल रहथिन्ह, गुड्डु (किरण केर बेटा)क गर्मी छुट्टी रहनि। आ गुड्डु अपन ईच्छा जतेलखिन्ह मात्रिक जाय केँ नाना-नानीक संग। गुड्डु सात […]

मृत्युक बाद लोह आ पाथर छुबाक मानवीय मर्म पर वाणीक आवाज

मृत्युक बाद लोह आ पाथर छुबाक मानवीय मर्म पर वाणीक आवाज

विचार-विमर्श – वाणी भारद्वाज जेना कहल गेल छैक जे कोनो तरहक अनुभव अपना पर बीतत तखने होयत. पिताजीक अचानक मृत्यु हमरा सब केँ शून्य क देने छल. एकदम हस्तप्रत छलहुँ. ऐतेक जिन्दादिल इन्सान एना कोना जा सकैत छैथ? प्रकृति के नियम छैक. तथापि, संस्कार मे जाय सं पहिने गामक काका सब कहि गेलाह, जखन कर्त्ता […]

घरक बरेड़ी शकुन्तला देवी

घरक बरेड़ी शकुन्तला देवी

लघुकथा – रूबी झा मोहनबाबू मात्र पाँच वर्षक छलाह आ हुनक भाय चुनचुन बाबू तेरह वर्षक और शकुन्तला देवी (चुनचुन बाबूक कनियाँ) ग्यारह वर्षक । गाम में हैजाक प्रकोप एलैक आ कतेको घर सून-मसान भऽ गेलैक । कियैक तँ आइ जेकाँ एतेक मेडिकल सांइस ओहि दिन में तरक्की नहि कएने छल । चुनचुन बाबू सेहो […]

मिथिलाक इतिहासः डा. उपेन्द्र ठाकुर (धारावाहिक लेख)

मिथिलाक इतिहासः डा. उपेन्द्र ठाकुर (धारावाहिक लेख)

मिथिलाः उत्पत्ति एवं नाम   – डा. उपेन्द्र ठाकुर (प्रसिद्ध इतिहासकार)   प्राचीन भारतक राजनीतिक तथा सांस्कृतिक जीवनमे मिथिलाक महत्त्वपूर्ण भूमिका रहलैक अछि। ई भूमि महान् राजतन्त्र तथा गणतन्त्र सभक उत्थान-पतन देखैत आबि रहल अछि। मानव-चिन्तनक इतिहासमे एकर विलक्षण स्थान छैक। ई भूमि जनक, याज्ञवल्क्य, न्यायसूत्रक प्रणेता गौतम, वैशेषिक दर्शनक जनक कणाद, मीमांसाक प्रस्तोता जैमिनि […]

एक कर्मठ सुपुत्री द्वारा कर्मठ पिता प्रति कर्मठ संस्मरणः पठनीय आ मननीय लेख

एक कर्मठ सुपुत्री द्वारा कर्मठ पिता प्रति कर्मठ संस्मरणः पठनीय आ मननीय लेख

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर हमर पिता : एक प्रेरणा पिता त हर बच्चा लेल बरगदक छाहरि समान होइत छथि, लेकिन हमर पिता त सब सँ खास छथि । कियाक त ओ सम्पूर्ण समाज लेल बरगदक छाहरि समान अपना केँ सिद्ध कयलनि आर हुनका प्रति लोक-आस्था सेहो एहि तरहक स्थापित भेल अछि । ओ अपन […]

किछु प्रश्न जे हर बेटीक मोन मे व्यथा रूप मे विकसित होइत अछि

किछु प्रश्न जे हर बेटीक मोन मे व्यथा रूप मे विकसित होइत अछि

साहित्य – वाणी भारद्वाज बेटीक मोनक व्यथा ‘हम कोन गाम के छी?’ महिला के सामने सरल आ जटिल प्रश्न. ओतय के जतय हमर वा ओतय के जतय हम विवाह क गेलहुँ, ओतहि के जतय जन्म के बाद लाड प्यार मे राखल गेल वा ओतय जतय बेसी उलहन भेटल, ओतहि के जतय मोनक बात बुझय लेल […]

मोटरसाइकिल जे लेब ताहि सँ नीक पारी लिअ दहेज मेः रूबी झाक रोचक लघुकथा

मोटरसाइकिल जे लेब ताहि सँ नीक पारी लिअ दहेज मेः रूबी झाक रोचक लघुकथा

लघुकथा – रूबी झा दलानपर मणिकांत जी केर घटक आयल छलैन बेटा के प्रति। बेटा नौकरी तँ नहि करैत छलखिन्ह, एखन कालेज में पैढते छलखिन्ह। एकटा जमाना रहैक जे बेटाक विवाह बाप आ घर-खनदान के नाम पर भऽ जाइक, ओहि जमानाक कहानी हम बता रहल छी अहाँ लोकनि केँ। आर, ओहि कारण बहुत कन्या आ […]