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सिन्दूर के भार – मर्मस्पर्शी मैथिली कथा

सिन्दूर के भार – मर्मस्पर्शी मैथिली कथा

साहित्य – मैथिली कथा – वन्दना चौधरी, विराटनगर चतुर्थी के भोर छल, सुजाता स्नान करै के लेल कोबरा स अनहरोखे बहरेली जे कियो देख नै लिये अपन पति आनंद के सुतले छोड़ि क। आनंद सेहो अनठा क आँखि मुनने पड़ल छेलाह बिछान पर। सुजाता जखन स्नान क’ क’ वापस एली ताबे तक आँगन में सेहो […]

पंचतंत्र केर खिस्सा – मंदबुद्धि सँ विनाश

पंचतंत्र केर खिस्सा – मंदबुद्धि सँ विनाश

मंदबुद्धि सँ विनाश (पंचतंत्र केर कथा, अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी, कक्षा-८, बीकेवीएम, विराटनगर)   एगो जुलाहा अपन करघा के बनबै के लेल लकड़ी लै ल’ जंगल गेल छेलै त ओकरा एगो मोटका गाछ देखेलै ओर अप्पन कुल्हाडी चलेनाइ सुरु कैर देलक। तेखने ओ वृछ पर सँ प्रेत के आवाज एलै – “ए मुर्ख, एकरा नै […]

पंचतंत्रक रोचक खिस्सा – धूर्त ठक आ ब्राह्मण

पंचतंत्रक रोचक खिस्सा – धूर्त ठक आ ब्राह्मण

धूर्त ठक आ ब्राह्मण (पंचतंत्रक खिस्सा, अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी)   एकटा नगर मे पूजा-पाठ करै वाला एगो पन्डित के हुनकर जजमान हुनका दान मे बकरी देने छेलखिन जेकरा लऽ कऽ ओ वापस आइब रहल छेलखिन। अबैतकाल रस्ता मे ओहि बकरी पर चाइर गो ठक लोकक नजरि पैड़ गेलै। एकदम नीक बकरी केँ देखिकय ठक […]

मूर्ख मित्र सँ विद्वान् शत्रु नीक

मूर्ख मित्र सँ विद्वान् शत्रु नीक

कथा पंचतंत्र सँ अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी (संपादनः प्रवीण नारायण चौधरी) मूर्ख मित्र खराब एकटा राजा बड़ा मोन सँ एकटा बानर पोसलथि। राजा आ बानर मे बहुत प्रेम छल। ओ बानर सेहो राजाक सच्चा सेवक रहय। जे राजा केँ बहुतो काज अपने-आप कय दैत छल। एक दिन दुपहर मे राजा सुतल छलखिन। राजा केँ गर्मी […]

मैथिली साहित्य-संस्कृतिक उन्नयन मे मधेपुरा जिलाक योगदान

मैथिली साहित्य-संस्कृतिक उन्नयन मे मधेपुरा जिलाक योगदान

आलेख – किसलय कृष्ण Kislay Krishna (समाचार संपादक, मैथिली जिन्दाबाद) #मैथिली_साहित्य_संस्कृतिक_उन्नयनमे_मधेपुरा_जिलाक_योगदान …..आउ आइ गप्प करैत छी मिथिलाक एकटा प्रमुख जिला मधेपुरा आ मैथिलीक संदर्भमे । पहिने भागलपुर आ फेर सहरसा जिलाक भाग रहल मधेपुरा जिला रूपमे ९ मई १९८०केँ अस्तित्वमे आयल । समाजवादी आन्दोलनक केन्द्र रहल ई जिला बी पी मण्डल, बी एन मण्डल, रासबिहारी […]

राक्षस जाति केर इतिहास आ रावणक विशेष परिचय

राक्षस जाति केर इतिहास आ रावणक विशेष परिचय

आलेख – अनुवादक प्रवीण नारायण चौधरी राक्षस केर उत्पत्ति केना भेल? एखन भारतीय दूरदर्शन सँ ३३ वर्ष उपरान्त रमानन्द सागर कृत् रामायण धारावाहिक केर दोबारा प्रदर्शन चलि रहल अछि। एक तरफ कोरोना वायरस केर प्रकोप सँ लगभग पूरे मानव संसार ठप्प पड़ि गेल अछि, दोसर दिश मानव जीवन मे आगाँ कोना जीवन प्रक्रिया निरन्तरता पाओत […]

प्रवीणक किछु रचना संग्रह

प्रवीणक किछु रचना संग्रह

१. ११ अप्रैल २०१३ः अनमोल जीवन जीवन धन बड मूल्यकेँ, देलनि अछि भगवान्! सच्चरित्र शिष्टा-सुन्दर, बनियौ बस इनसान!! हमर वृत्ति जे हमहि करी, देखबय लेल नहि धर्म! जीवन साफल बनल ओकर, कयलक जे निज कर्म!! देखू न आवरण देह के, पाबू निज मति दाम! अपन-अपन स्वभावसँ, बनबू मिथिला गाम!! रहल ई पावन देश सदा, अयला […]

लघुकथा – दामिनी केर जीवन

लघुकथा – दामिनी केर जीवन

– ई. राघव मिश्र हम राघव मिश्रा आइ लाकडाउन मे मातृभाषा मैथिली मे एगो प्रस्तुति राखि रहल छी। अहाँ सभक आशीर्वाद के आकांक्षी छी। दामिनी नामक एगो लड़की कंकड़बाग, पटना मे कोचिंग करैत छल। एकदिन किछु मनचला द्वारा ओकरा अपहृत कय लेल गेलैक। दामिनी के मुंह एतेक जोर स बान्हल गेल रहय कि ओ चिचिया […]

कोरोना – एक संवेदना सँ भरल चिट्ठी

कोरोना – एक संवेदना सँ भरल चिट्ठी

कोरोना वायरस संक्रमण – मासुम लोक आ जानवर लेल आफदक समय मानवीय गुण मे करुणा केँ अनमोल कहल गेल अछि। एक पत्र जे हमर प्रिय सारि (sister-in-law) लिखलनि अछि कोरोनाक सन्दर्भ काल्हिक किछु लेख-विचार सुनि-बुझिकय…. ई अत्यन्त हृदयस्पर्शी लागल। कोरोना संक्रमण केर प्रभाव मानवक स्वास्थ्य पर जेना-जे असर कय रल छैक, ताहि सँ ऊपर एकर […]

कोरोना – हमर विचार काव्य

कोरोना – हमर विचार काव्य

कोरोना – हमर विचार – अम्बिका चौधरी, बीए (जर्नलिज्म), सीएमएस, जैन युनिवर्सिटी, बंगलुरु   बहुत प्रताड़ित कयलहुँ अहाँ सब हमरा अपन हड़बड़ाहट सँ आबि गेल हमर बारी, करय दिअ मोहित अहाँ सबकेँ अपन चहचहाहट सँ   जहिना पागल लेल नहि होइत अछि कोनो विचारधारा नहि कोनो घेरा May be they are sane! तहिना कोरोना बनि […]