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नव वर्ष पर मिथिला मे दहेज प्रथा पर ललित केर दू टूक बात

नव वर्ष पर मिथिला मे दहेज प्रथा पर ललित केर दू टूक बात

मिथिला मे दहेज – ललित कुमार झा, सीतामढी। हालः गुवाहाटी भारद्वाज गोत्रीय मैथिल ब्राह्मण, पचास बसंत हम पार । शिक्षक गणित’क आओर कवि, तें अनुभवी हमर आधार ॥ सामाजिक जीवनक काव्यात्मक, गणित करबाक अभ्यस्त । दहेज’क मादे किछु कहब, सुनू मैथिल समाज समस्त ॥ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 विवाह मिलन दू खानदान’क, भविष्य निर्माण’क आयोजित हर्ष । मानव सभ्यता’क सुंदरतम संस्कार, जीवनक […]

नव वर्ष २०१७ आर मैथिल कवि लोकनिक नव उपहार ‘कृति’

नव वर्ष २०१७ आर मैथिल कवि लोकनिक नव उपहार ‘कृति’

नव वर्ष २०१७ केर शुभकामना मैथिली जिन्दाबाद केर समस्त पाठक लोकनि! मैथिली भाषा चौजुगी जीययवला भाषा कियैक थीक से बेर-बेर स्पष्ट करैत आबिये रहल छी, एक बेर फेर कहय मे कोनो हर्ज नहि – मिथिलाक लोक अपन विद्याबल सँ सृजनशीलता श्रृंगार करय मे विश्वक विभिन्न सभ्यता मे अपना केँ बहुत आगू रखने छथि आर मैथिली […]

बिटियाक स्नेह (कथा) आ मैथिल सँ विनती (कविता)

बिटियाक स्नेह (कथा) आ मैथिल सँ विनती (कविता)

युवा मैथिली सृजन घनश्याम झा, राघोपुर दरभंगाक कविता आ कथा मैथिल सँ विनती विनती करैय छी मिथिलावासी, मैथिली जुनि बिसरू मैथिल भाषी।      गाम बिसरलौ, नाम बिसरलौ, चौकी आ दलान बिसरलौ, कन्सारक भुजल ओ भुजा, जुडिशीतलक थाल बिसरलौं। विनती करैय छी मिथिलावासी , मैथिली जुनि बिसरू मैथिल भाषी।        पाग बिसरलौं, पान बिसरलौं, पोखरि, […]

मिथिलाक उभरैत रचनाकार युवा लोकनिक रचना

मिथिलाक उभरैत रचनाकार युवा लोकनिक रचना

वर्तमान तीव्र संचार युग मे मैथिली कविता, कथा, आलेख, विचार, समाद आदिक लेखनकार्य मे युवा मैथिल सब काफी आगू छथि। आउ किछु युवा रचनाकार सभक रचना मैथिली जिन्दाबाद केर पाठक लेल परसैत छीः १. नारायण मधुशाला (मूल घरः सिरहा, मिथिला – वर्तमान विराटनगर, मोरंग मे १२वीं कक्षा मे अध्ययनरत) घर कोनाक जाएब यार बात छै […]

केकरा लेल पूसक जाड़! – टिल्लू भाइ केर मर्मस्पर्शी कविता

केकरा लेल पूसक जाड़! – टिल्लू भाइ केर मर्मस्पर्शी कविता

ककरा लेल पूसक जाड़ ! – शिव कुमार झा टिल्लू    कांपि रहल हाड़ दरिद्रक … वाह रौ पूसक जाड़ ? मुदा ककरा लेल कोनो परवाहि नहि समर्थ लोक केँ दांत पर दांत गड़ौने .. मजूर गरीब अवलाक नेना सीमा चौकी पड़ तकैत सेना संग संग तथाकथित अवारा जीव बपहारि काटि रहल नेँगड़ा कुकुर ओकर […]

अहीं सँ आशा अछि – टिल्लू भाइ केर गीत

अहीं सँ आशा अछि – टिल्लू भाइ केर गीत

आशा ( गीत ) – शिव कुमार झा टिल्लू, करियन – हालः जमशेदपुर सुनू सुनू आशुकवि हुअ’ देबै ने अपन प्रगीतक साँझ लिखिते र’हू अहाँ माय मैथिली नहि भेलीये बाँझ !   सार्थक रचना हे नंदन नर नारी के अभिनन्दन नवनव नवगीतक रंग ठनका देबै संगीत सौतिनक माँथ !   प्रेमक प्रेमे सँ चर्चा मंच मुदित […]

मिथिलाक अति-विशिष्ट पर्वः राम-जानकी विवाह पंचमी विशेषांक

मिथिलाक अति-विशिष्ट पर्वः राम-जानकी विवाह पंचमी विशेषांक

विवाह पंचमी विशेषः मिथिला मे विवाहक अवसर पर गीतक प्रकार आ भाव गीत संग्रहः शिव कुमार झा टिल्लू   मिथिलाक विवाह मे मैथिली गीत लुप्त भ’ रहल अछि। महान गीतकार स्नेहलताक बाद डा. चंद्रमणि सेहो विवाह गीत केर लेखन परंपरा केँ आगाँ बढ़ौलनि। तहिना राम सेवक ठाकुर जी सेहो एहि विधा मे बहुत नीक योगदान […]

मैथिली हेरथि इजोरिया हे ना – गीतः शिव कुमार टिल्लू

मैथिली हेरथि इजोरिया हे ना – गीतः शिव कुमार टिल्लू

मैथिली हेरथि इजोरिया ! ( गीत ) – शिव कुमार झा टिल्लू सभतरि चान पूनमके’ हमरा घ’र अन्हरिया हे मैथिली हेरथि इजोरिया हे ना ! मायक मुखसँ आनक वयना भरथि उकासी उपटल अंगना कोकिल अहोरातिमे कागक दिन दुपहरिया हे मैथिली हेरथि इजोरिया हे ना ! विपटल हमर मधुर रस गीत चन्ना भुवनक आखर तीत विद्यापतिक […]

हम छी मैथिल बाबू यौ – बेदर्दीक टटका गीत

हम छी मैथिल बाबू यौ – बेदर्दीक टटका गीत

गीत – विद्यानन्द बेदर्दी, राजविराज (सप्तरी) – हाल विराटनगर हम छी मैथिल बाबु यौ नइ केकरो सँ पाछु यौ एक बेर जँ भेट जाए अवसर हिला देव पूरा मिथिला नगर॥ धोती-कुर्ता- गमछा परिधान ललका पाग छी शीरके सान॥ माता जानकी बसैए तनमनमे मिथिला जिबैए ई कनकनमे॥ प्राणो सँ प्रिय मैथिली हमर एक बेर जँ ……. […]

के छी हम ‘नारी’ – महेश डखरामी केर एक रचना

के छी हम ‘नारी’ – महेश डखरामी केर एक रचना

———नारी——— – झा महेश ‘डखरामी’ ☆ रे ! रे! मानुष आबहुं जाग हमही तोहर सकल अनुराग फोलि नयन तू करय मनन हमही वर्तमान भविष्य भाग ☆ हम आदि अनादि कर्तारी छी हमही सकल श्रृजन धारी छी हम सर्वस्व जीव आस एक हम मातु समस्त दुखहारी छी ☆ हम अर्धनारिश्वर त्रिपुरारी छी श्रेष्ठ समर्पण छवि गांधारी […]