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ईंग्लिश पुतोहु आ पाठक मालिक

ईंग्लिश पुतोहु आ पाठक मालिक

नैतिक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी पाठक परिवार ओहि गामक शान छलैक। पूरा इलाका मे जँ केकरो कोनो तरहक आवश्यकता होइत छल तऽ लोक पाठक परिवार केर बड़का मालिक लंग आबि हुनका सँ अपन पीड़ाक वर्णन कय समाधान लैत छल। अपन गाम केर लोकक समस्या केँ तऽ सहजहि बड़का मालिक पाठकजी अपन प्रतिदिनक रूटीन मुताबिक […]

काज करबाक आनन्द: वर्क इज फन

काज करबाक आनन्द: वर्क इज फन

काज करबाक आनन्द (नैतिक कथा) – प्रवीण नारायण चौधरी बहुत पहिनहि एकटा धिया-पुता केँ पढयवला कथा पढने रही ‘वर्क इज फन’ – आइ विशेष स्थिति मे एहि कथाक सार केँ लिखि रहल छी। डेविड नामक एकटा बालक अपन आन्टीक परिवार मे रहैत पढाई कय रहल छल कोनो शहर मे, जेना होएत आयल छैक जे कोनो-कोनो […]

मिथिलाक इतिहास आ वर्तमान समाज: शास्त्र-पुराण सँ वर्तमान धरि

मिथिलाक इतिहास आ वर्तमान समाज: शास्त्र-पुराण सँ वर्तमान धरि

मिथिला के राजा एक नहि बल्कि अनेक! (पौराणिक तथा शास्त्रोक्त इतिहास पर आधारित शोध-विचार) – प्रवीण नारायण चौधरी एक जनक – एक दरभंगा महाराजा! जनकजी के समयक बहुत बात नहि अछि पता – बस कथामें चर्चा-परिचर्चा पढैत-सुनैत किछु-किछु बुझैत छी… जेना काल्हिये श्रीमद्देवीभागवतकेर स्वाध्यायमें व्यासदेव अपन पुत्र शुकदेवजी सँ कहैत देखेलाह जे मिथिलाके राजा जनकजी […]

सावधान मिथिला!! कि एहेन घटना अहुँक समाज मे घटय लागल अछि?

सावधान मिथिला!! कि एहेन घटना अहुँक समाज मे घटय लागल अछि?

दहेजक लीला – पंकज झा, धनौजा (मधुबनी) (हाल: मुम्बई) एक टा बेरोजगार आ कामचोर बेटा(केदार) के बाप(लीलाधर बाबु) बहुत चिंतित छैथ, बेटा जवान भ गेल मुदा कोनो काज धंधा नै करैत अछि। दिन भैर गामक चौक पर ताश खेलैत आ मात्र भोजन के समय घर अबैछ। भोजन करैत अछि आ फेर चौक पर पहुँचि जैछ। […]

दरभंगिया हिन्दी (एकांकी नाटक)

दरभंगिया हिन्दी (एकांकी नाटक)

भूमिका: मिथिलावासीक भाषिक पहिचान मैथिली भाषा सँ मैथिल होइत अछि। राजा हरसिंह देवक समय मे कहाँ दैन मैथिल मूल जाति आ उपजातिक रूप मे अन्य जातिक बँटवारा भेल छल। सब जातिक जन्म, विवाह आ मृत्यु आदिक पंजियन सेहो शुरु कैल गेल छल। आइ केवल किछुए जाति मे ई पंजियन प्रथा जीबित अछि, सेहो मृत्योन्मुखी…. एहि […]

घुरि आउ मान्या – श्याम दरिहरेक नव मैथिली उपन्यास

घुरि आउ मान्या – श्याम दरिहरेक नव मैथिली उपन्यास

बाल मुकुन्द पाठक, पटना। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! कथा संग्रह ‘सरसों मे भूत’ आ ‘बड़की काकी एट हाॅटमेल डाॅट काॅम’ सँ मैथिली साहित्य मे बेस चर्चित आ प्रशंसित कथाकार श्याम दरिहरे केर पहिल उपन्यास ‘घुरि आउ मान्या’ बहुत शीघ्र पाठकक हाथ मे होयत. ‘घुरि आउ मान्या’ एकटा ग्रामीण परिवेश मे पलल-बढ़ल, उच्च शिक्षा प्राप्त […]

रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने

रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने

– सियाराम झा सरस   कालकेर कागत ससरबा सँ पहिने गीत कते लीखब जरूरी अछि भाइ रे! रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने आतुरता होइछ जेना पाँतर टपाइ रे!   कत’-कहाँ नान्हिटा-टा नव-उड़ाँत-चुनमुनन्नी उड़ल जाय चुनबालै दाना घुरती मे पटना-बरौनी मे देखए जे लुटा गेल घोघक खजाना चिंता अछि गाम पैर धरबा सँ पहिने बिलड़ा सँ […]

सुनु-सुनु मुरलिया केर तान सजनी – आहाँ बसय छी हमरे प्राण सजनी

सुनु-सुनु मुरलिया केर तान सजनी – आहाँ बसय छी हमरे प्राण सजनी

गीत – मनीष झा, द्वालक, मधुबनी (हाल: मुम्बई) (मैथिली गीतकार, कवि एवं कलाकार – अभिनेता) सुनू-सुनू मुरलिया केर तान सजनी आहाँ ब’सै छी हमरे प्राण सजनी आनल लहठी नै माँगी हम प्रीत मँगनी -2 हे आहाँ ब’सै छी हमरे प्राण सजनी आहाँ ब’सै छी ……………… चलू मिल कमला के छ’हैर में बैसब अपना दुनू छोड़ि […]

सुरुजक छाहरि मे (मैथिली पोथी: कविता संग्रह): लेखक मनोज शाण्डिल्य

सुरुजक छाहरि मे (मैथिली पोथी: कविता संग्रह): लेखक मनोज शाण्डिल्य

उलहन   – मनोज शाण्डिल्य   धुर केहन बड़द सन मनसा हमरा देलें ताकि गे नहि बाजै छै अप्पन भासा जीह गेल छै पाकि गे……….   ढउआ कैंचा हम की करबै हमरा लेल बलाय गे भरि पिरथी पर क्यो नहि भेटलौ माटिक पुत जमाय गे….   जे नहि पूजतै माय के अप्पन हैत ने हम्मर […]

मिथिला: मार्कण्डेय काटजू

मिथिला: मार्कण्डेय काटजू

मिथिला– मार्कण्डेय काटजूहमर पूर्वक पोस्ट द्वारा महान न्यायिक दार्शनिक उद्यानाचार्य, सुविख्यात नीतिशास्त्र ‘न्याय कुसुमाञ्जलि’ केर रचयिता जे मिथिला सँ छलाह तिनकर संदर्भ देल गेल छल। मिथिला, उत्तरी बिहारक एक क्षेत्र, (आंशिक अवस्थिति नेपालहु मे) भारतक एहि भूभाग जतय हम एखन धरि नहि जा सकलहुँ, मुदा मृत्यु सँ पहिने कम सँ कम एक बेर जरुर जाय […]