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सुन्दरकाण्ड (मैथिली अनुवाद) – विभीषण द्वारा श्रीराम केर शरणागतिक प्राप्ति

सुन्दरकाण्ड (मैथिली अनुवाद) – विभीषण द्वारा श्रीराम केर शरणागतिक प्राप्ति

विभीषण केर भगवान्‌ श्री रामजी केर शरण वास्ते प्रस्थान और शरण प्राप्ति दोहा: राम सत्यसंकल्प प्रभु सभा कालवश तोर। हम रघुवीर शरण चली देब दोष नहि मोर॥४१॥ भावार्थ:- श्री रामजी सत्य संकल्प एवं (सर्वसमर्थ) प्रभु छथि आर (हे रावण) तोहर सभा काल केर वश अछि। अतः हम आब श्री रघुवीर केर शरण जाइत छी, हमरा […]

त कि सही में ओ बुढ़िया भागमन्त छल?

त कि सही में ओ बुढ़िया भागमन्त छल?

बीहनि कथा -1 माँ – हेमन्त झा, दिल्ली रामकुमार कक्का के अंगना मे आइ भोरे स खूब चहल पहल छैक। हुनक माँ (बाबी) के भरल पुरल घर मे परदेस मे रहय बला छोट-पैघ नाती-नातिन, पोती-पोता सब दरबज्जा स आँगन, अड़ोस-पड़ोस मे धमाल मचबैत बेर बेर हलुवाइ लग जा क पुछैत छैक– आप इतना सारा दूध […]

अहाँक सम्मान समर्पण सीता लेल कियैक

अहाँक सम्मान समर्पण सीता लेल कियैक

– नीलम झा आइ हम अहाँ सब स किछु प्रश्न क रहल छी । हमरा त किछ नै बुझय आबैय य क्षमा करब 🙏🏻 हमरा त मैथिली भाषा नै लिखय आबैय, बहुत गलती करै छी हम, तैयो हमरा पूूूछय के मोन करैत अछि । त हमर प्रश्न ई अछि, विशेष करि के अपन सखी सब […]

लेखनी के धार प्रतियोगिता: पुरस्कृत रचना ‘बेटी’

लेखनी के धार प्रतियोगिता: पुरस्कृत रचना ‘बेटी’

सागर सन गहींर के नाम अछि बेटी निरझर जल सन सच्चाई अछि बेटी दृढ़ संकल्प के चट्टान सन अछि बेटी बसंत फागुन के मंद मंद बसात सन अछि बेटी दुख मे राहत के थपकी अछि बेटी भरोसा और कोमलता के छाहरि अछि बेटी संबंध के आधार के डोरा अछि बेटी हीरा अछि बेटा त मोती […]

लेखनी के धार प्रतियोगिता: पुरस्कृत रचना ‘बेटीके रूप’

लेखनी के धार प्रतियोगिता: पुरस्कृत रचना ‘बेटीके रूप’

इच्छा आ परिणाम – एक मार्मिक लेख

इच्छा आ परिणाम – एक मार्मिक लेख

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी इच्छा आ परिणाम   तहिया २८ वर्षक उमेर छल। बड़की बेटी एहि धराधाम मे आबि गेल छलीह। परम्परागत तौर पर हुनका नामे १ लाख टका के बीमा कराओल। अभिकर्ता हमर बहनोइ रहथि। ओ कहने छलाह जे बेटीक विवाह मे ई रकम काजक होयत। आब हम ४८ वर्षक छी। रकम मैच्योर्ड […]

कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’

कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’

बेटी – सुमन झा, कोलकाता बेटी छथि जग के निर्माता, बेटिये त छथि धरती माता। कियै लगै छथि बेटी भारी, हुनके स त आँगन वारी। बाबु के ओ दुलरी गुडिया, दुख्खो में ओ सुखक पुडिया। बेटी छथि जग के निर्माता बेटिये त छथि धरती माता बेटी होइथ गोर या कारी लेकिन बनैथ कुलवंती नारी। सीता […]

बाबाक स्मृति मे पोतीक लेखः महान पुरुषक इतिहास लेखनक आवश्यकता दिश इशारा

बाबाक स्मृति मे पोतीक लेखः महान पुरुषक इतिहास लेखनक आवश्यकता दिश इशारा

पारसमणि नगर रहुआ संग्रामक लौह-पुरुषः अभिराम झा – नीलम झा आइ हम अपन प्रेरणापुरुष पर किछु लिखय चाहि रहल छी। हमर ‘बाबा’ यानि पितामह जिनका लोक लौहपुरुष सँ तुलना करथि, हमर गाम पारसमणिधाम यानि रहुआ संग्राम केर एहेन महान चर्चित आ नित्य-स्मृत व्यक्तित्व अभिराम झा केर सम्बन्ध मे संछिप्त लेखन कय रहल छी।   हुनकर […]

सुन्दरकाण्ड (तुलसीकृत् रामचरितमानस केर मैथिली स्वरूप)

सुन्दरकाण्ड (तुलसीकृत् रामचरितमानस केर मैथिली स्वरूप)

जनकात्मजा-रामभार्या जानकी केर परम अनुकम्पा, श्रीहनुमानजीक अद्भुत कृपा आ मैथिली साहित्यक प्रसिद्ध लेखक रमेश केर प्रेरणा सँ श्रीहनुमानचालीसाक अपार सफलताक बाद आब सुन्दरकाण्ड मे सेहो हाथ लगेलहुँ। सम्बल केवल सीताराम छथि। जेना-जेना तैयार होयत अनुवाद, अपने सब लग सेहो राखब। अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी सुन्दरकाण्ड (तुलसीकृत् रामचरितमानस केर मैथिली स्वरूप) मंगलाचरण शान्त शाश्वत अप्रमेय निष्पाप […]

आ नर्क बनि गेल स्वर्ग (उपदेशप्रद कथा)

आ नर्क बनि गेल स्वर्ग (उपदेशप्रद कथा)

एक संयुक्त परिवार केर बात छी। एक सम्पन्न दम्पति केर पांच गो बेटा आ दुइ गो बेटी रहनि। बेटा पांचों के विवाह भ गेल रहय, बेटी दुनू कुमाइर रहथि। छोटका बेटा के विवाह हालहि भेल रहय, कनियाँ के दुइरागमन बाकिये रहय। घरक पुरुष सब काज धंधा में लागल रहैत छल आर स्त्रीगण लोकनि घर मे […]

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