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ओ दिन जहिया दिल्ली मे मिथिला राज्य निर्माण सेनाक स्थापना भेल छल

ओ दिन जहिया दिल्ली मे मिथिला राज्य निर्माण सेनाक स्थापना भेल छल

१४ अप्रैल २०१३ केर सामूहिक परिचर्चा कार्यक्रम, संगनगर (बुरारी), दिल्ली मे विश्व मैथिल संघ केर अगुवाई मे राखल गेल आयोजन पर १५ अप्रैल २०१३ केर ई रिपोर्ट (जहिनाक तहिना) – सामूहिक परिचर्चा सम्पन्न: मैथिल युवा विश्व मैथिल संघ द्वारा आयोजित सामूहिक परिचर्चा कार्यक्रम में “मिथिला राज्यक आवश्यकता किऐक?” संग “मिथिलाक इतिहास, वर्तमान तथा भविष्य” विषय […]

तनुजा दत्त लिखित नव मैथिली कथा – परिश्रम क फल

तनुजा दत्त लिखित नव मैथिली कथा – परिश्रम क फल

परिश्रम क फल  – तनुजा दत्त घर क आगु सँ निकलति जीप में बैसलि महिला के देख क बड्ड अचंभित भेलौं , लागल जेना हिनका कतहु देखने छियैन । ….रीना हमरा अचंभित देख क बुझि गेलखिन्ह ” भाभी नय चिन्हलियैन्ह हुनका , पलाश के कनिया छथीन , नीना ” ।….” ई बी .पी .एस .सी […]

भैयाक नामे एक महत्वपूर्ण चिट्ठी

भैयाक नामे एक महत्वपूर्ण चिट्ठी

प्रिय भैया,   एहि बेर अहाँक घर आयल छलहुँ त एक बातक बहुत छगुनता लागल। भाभीजी बेर-बेर अपन धियापुता संग हिन्दी बाजि रहल छलीह। चूँकि एहेन अवस्था केँ हम घोर दरिद्रता मानैत छी, ताहि सँ मोनहि-मोन सोचिये टा कय रहि गेलहुँ…. हम किछु कहय नहि चाहैत छी एहेन व्यक्ति केँ, कारण सभक अपन-अपन जीवन होइत […]

मोहमाया – गुजरात सँ मैथिली लेखक श्री राजेन्द्र झा द्वारा प्रेषित मैथिली कथा

मोहमाया – गुजरात सँ मैथिली लेखक श्री राजेन्द्र झा द्वारा प्रेषित मैथिली कथा

मोहमाया – मैथिली कथा   – राजेन्द्र झा, वडोदरा (गुजरात)   संदीप आई गाम आबि रहल छथि.. अपन गाम … पूरा एक बरखक बाद । दरभंगा स्टेशन सँ गाम पहुँचए में करीब दू घंटाक समय लगैत छैक – माने कि सात बजे साँझ केँ शंभु कका के ‘बौआ’ गाम पहुँच जेथिन। शंभु कका माने शंभु […]

वैलेन्टाइन डे पर महाकवि विद्यापतिक महान रचना – राधा विरह – प्रेमक पराकाष्ठाक दर्शन

वैलेन्टाइन डे पर महाकवि विद्यापतिक महान रचना – राधा विरह – प्रेमक पराकाष्ठाक दर्शन

वैलेन्टाइन डे विशेष – मैथिली भाव क्रिश्चियन कल्चर केर महापर्व ‘वैलेन्टाइन डे’ केर असैर अपन हिन्दू सभ्यता पर पड़ैत देखि विद्यापतिक ई सुन्दर सन रचना कथित प्रेम दिवस पर राखि रहल छीः   कुञ्ज भवन सँ निकसल रे, रोकल गिरिधारी। एकहि नगर बसु माधव हे, जनि करू बटमारी॥   छोड़ू-छोड़ू कान्ह मोर आंचर रे, फाटत […]

मैथिल – पुराण वर्णित पहिचान

मैथिल – पुराण वर्णित पहिचान

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिल (पौराणिक पहिचान) शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्। हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥ मा सरस्वतीक चरणकमल मे बेर-बेर प्रणाम करैत एकटा छोट संस्मरण लिखय लेल चाहब। एहि संस्मरण यात्रा पर पाठक वर्ग केँ आनबाक एकमात्र उद्देश्य यैह अछि जे हमरा लोकनिक उद्गमविन्दु (मातृभूमि) मिथिला […]

सीतामढी – पुनौराधाम – एक पूर्ण तीर्थ जतय सँ कियो खाली हाथ नहि लौटैत अछि

सीतामढी – पुनौराधाम – एक पूर्ण तीर्थ जतय सँ कियो खाली हाथ नहि लौटैत अछि

संस्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी सीतामढी एक पूर्ण तीर्थ – वरदान भेटब अवश्यम्भावी   आउ, जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मे एक पुष्प चढाबी!   एहि पवित्र स्थान पर अपने लोकनि कतेक गोटे गेल छी से हमरा नहि पता, लेकिन जीवन मे ३ बेर यात्रा आ २ बेर दर्शन लेल ठीक एहि मन्दिर प्रांगण, जानकी जी केर […]

प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ४

प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ४

पूर्व केर ३ भाग उपरान्त १ अक्टूबर २०१२ चलू चलै छी पिता मिलन लऽ! पंछी छी हम हुनकहि पोसा, नाम हमर छी मनु तोता। खन विचरी पसरी आ ससरी, पिपर छी अपन खोता॥ उपजा हेतु कर्म के हरवाह वसुधा पूरा निज जोता। भाग के बरखा पिता के हाथे द्वन्द्व फसल लगबी गोता॥ आत्मारूपी परमात्माक तोता […]

हे किसान धन्य छी अहाँ – दुनियाक भूख हरै छी

हे किसान धन्य छी अहाँ – दुनियाक भूख हरै छी

कविता – रामकुमार सिंह किसान सहि शीत, घाम आ मेघ प्रकृतिसँ कष्ट अनेक सहै छी । हे किसान छी धन्य अहाँ दुनिया केर भूख हरै छी । नित अन्हरोखे उठि बरद संग, ह’र कान्ह धएल मोन मे उमंग, नियति सँ चललहुँ करय जग, ल’ हाथ कोदारि खुरपीक सग, नहि चिन्ता विजय पराजय केर, जीवन पर्यन्त […]

प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ३

प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ३

२ जुलाई २०१२ एक समय छलैक जहिया सौराठ सभागाछी सऽ विवाह करब अपना आप में बहुत पैघ उपलब्धि होइत छलैक। जेना आइ हम सभ कोनो आइ-ए-एस रैंक के लोक केर प्रति सम्मान के दृष्टि सऽ श्रद्धा प्रकट करैत छी, तहिना कहियो सौराठ सभा सऽ विवाह कयनिहार लाखो में एक होइत छलाह। समय के धारामें परिवर्तन […]

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