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गौतम बाबूक शक्ति पूजा

गौतम बाबूक शक्ति पूजा

कथा – किरण प्रभा गौतम बाबू क शक्ति पूजा न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो, न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथा:॥ अहि प्रकारे गौतम बाबू पहिल दिन अपन शक्ति पूजा क विराम देलैन। पूजा समाप्तिक संगे कानियां केँ आवाज लगेलैथ, “कतय छी यै! मरि गेलौं की जिबैत छी! हमर पूजा […]

गोपाल मोहन मिश्रक आधा दर्जन रचना

गोपाल मोहन मिश्रक आधा दर्जन रचना

साहित्यः किछु कविता – गोपाल मोहन मिश्र १. जिंदगी एक रहस्य जिबैत जिबैत जिंदगी नै पता कखनि जुआ भै गेल। समझलहुं जेकरा आगि, एक फूंक में धुआँ भै गेल। सभ किछु लगा दांव पर सभ किछु गेलहुं हम हारि। मन रहल पाषाण सन, ठाढ़ बीच बाज़ारि। गलत कौन सन बाज़ी, ग़लत कौन सन छल दांव। […]

शंभूक कनियाँक करबाचौथक व्रत (एकांकी नाटक)

शंभूक कनियाँक करबाचौथक व्रत (एकांकी नाटक)

एकांकी नाटक – रूबी झा सरपंच बाबू ‌आबि रहल छलाह ‌बाजार दिश सँ, बाटहि मे भेट गेलन्हि शंभू।   शंभू – काका प्रणाम।   सरपंच बाबू – खुश रह बच्चा। कतय चललें हें झोरा-झंडा टांगि।   शंभू – काका, काल्हि करबाचौथ छैक ने, तोहर पुतोहु (शंभू के कनियाँ) व्रत करथुन्ह, ताहि लेल किछु-किछु सामान आनय […]

प्रवीणक डायरी २०१३ – भाग २

प्रवीणक डायरी २०१३ – भाग २

१७ अक्टूबर २०१३, मैथिली जिन्दाबाद!! २०१३ ई. प्रवीणक जीवन मे बड़ा महत्वपूर्ण रहल, कारण यैह ओ वर्ष थिक जाहि मे मैथिली-मिथिलाक लेल सर्वाधिक प्रयास संभव भेल। दिसम्बर २०१३ केर सब पोस्ट ‘प्रवीणक डायरी २०१३ – भाग १’ मे समेटलाक बाद आब नवम्बर २०१३ केर पोस्ट केँ एतय समेटबाक प्रयास कय रहल छी। दिसम्बर १, २०१३ […]

सुशीला जेहेन सुशील कन्याक संग एहेन दुर्व्यवहार कियैक

सुशीला जेहेन सुशील कन्याक संग एहेन दुर्व्यवहार कियैक

कथा – सविता झा आइ जे कथा लिखल जा रहल अछि ओ वास्तविक घटना पर आधारित अछि। कलुवाही केर ढेंगा में सुशीला नामक लड़की रहैत छल्थिन्ह। जेहेने नाम छलन्हि सुशीला तेहने ओ सुशील स्वभाव केर छलथि। ओ मधुबनी सँ पढल-लिखल छलथि। पढ़य में ओ मेधावी छात्रा छलथि। देखय में सेहो बड़ सुन्दर रहथि। मिला-जुला कय […]

दुर्गा पूजाक ओ घड़ी – मर्दक बेटा घड़ी जे बजैय से बजिते रहत

दुर्गा पूजाक ओ घड़ी – मर्दक बेटा घड़ी जे बजैय से बजिते रहत

संस्मरण – रूबी झा वाणी दीदी के संस्मरण पढिकय हमरो अपन बालपन के दुर्गा पूजा मोन पड गेल।आ बहुत रास दृश्य आँखिक सामने आबि गेल। ओहि मे सँ किछु अपन पाठक लोकनि संग साझा कय रहल छी। हमरा गाँव मे तँ दुर्गा पूजा नहि होइत छलय, लेकिन अगल-बगल केर गाम मे होइत छलैक। बगले मे […]

भगवती केँ साँझ आइयो देखबैत छियनि मुदा ओ पहिलुका आनन्द कहाँ

भगवती केँ साँझ आइयो देखबैत छियनि मुदा ओ पहिलुका आनन्द कहाँ

संस्मरण – सविता झा आइ दुर्गापूजा देखय जा रहल छलहुँ त मेला देखकय अपन बाबूजीक याद आबि गेल। बात ओहि समयक अछि जखन हम बड़ छोट रही। साँझ में बाबूजी आबैथ त हम सब तैयार भ क बैसल रहैत छलहुँ जे मेला घुमअ जायब। ओही ठाम अन्तिम चारि दिन धूमधाम स पूजा होइत छलैक। दुर्गापूजा […]

मिथिलाक भोज आ बारीकक महत्व

मिथिलाक भोज आ बारीकक महत्व

लेख – वाणी भारद्वाज भोज मे बारीकक महत्व समाजक बदलैत स्वरूप मे सबकिछु बदलैत जा रहल अछि. ताहि क्रम मे भोज-भातक आ बारीक मे सेहो बदलाव अवश्यमभावी छैक. हमर नेनपन गाम मे किछु समय बीतल अछि. कतेको भोज गाम-घर मे खेने छी. गाम सब मे भोजो कतेको तरहक होइत अछि. जेना, बरियतिया भोज, मुरनक भोज, […]

हे दैब – किरण प्रभाक मैथिली लघुकथा

हे दैब – किरण प्रभाक मैथिली लघुकथा

लघुकथा – किरण प्रभा ।।हे दैब।। साँझक समय छल । फरीदा मौसी क हाथ म तरकारी बला छिट्टा । मोन उदास, बड़ उदास छलैन । ओना त हमरा जते याद अहि हुनका उदासे देखलों, मुदा आइ आँखि क कोण म पैनक किछ बूंदो देखलों त पाछु ध लेलौं । आंगन एली आ धम्म स बैस […]

बाढि आ काव्य – कमला नदीक ओ जबानीकाल

बाढि आ काव्य – कमला नदीक ओ जबानीकाल

साहित्य – सत्य नारायण झा हमरा गामक पूब कमलाक धार छैक । आब त एहि धारक कोनो अस्तित्व नहि छैक मुदा हम जखन नेना रही तखन एहि धारक बाढ़ि सँ लोक त्रस्त रहैत छल । ओ भीषण क्षण एखनो केखनो कय मोन परि जाइत अछि त देह सिहरि जाइत अछि । चारि मास लोक एहि […]

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