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अर्थहीन यात्रा – मैथिली कथा

अर्थहीन यात्रा – मैथिली कथा

कथा – सुजीत कुमार झा अर्थहीन यात्रा अपन बातक क्रम समाप्त कऽ नेहा घरसँ निकलीह कि हम केबार बन्द कऽ भीतर आबि गेलहुँ । आँखिमे अतीत आ वर्तमान दुनू आकार लेबऽ लागल । हम शोफापर बैसि कऽ पुरान बात सभकेँ स्मरण करैत अपन संगीक जीवनक विषयमे सोचऽ लगलहुँ । किए नेहा संगक मित्रता हमर मायकेँ […]

पहिने एना होएत छलैक सरस्वती पूजनोत्सव – संस्मरण

पहिने एना होएत छलैक सरस्वती पूजनोत्सव – संस्मरण

लेख – अनिल झा, जाले सड़कक उतरवारी कात माने आधा गाम मे एक ठाम होइत छलै सरस्वती पूजा । अपना साकेत विहारी मंदिर पर । ओहि समय मे दूसरा तीसरा मे पढैत रही । किछु बात अखनो मोन अछि । राढ़ी गाम सँ ढाकी मे पुआर ध’ क’ भैया सब मूर्ति लबथिन । तकरा बाद […]

नेपाल मे मैथिली भाषाक हैसियत, आगामी संविधान नियमनमे ध्येय किछु महत्वपूर्ण विन्दु

नेपाल मे मैथिली भाषाक हैसियत, आगामी संविधान नियमनमे ध्येय किछु महत्वपूर्ण विन्दु

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन राजवविराज मे विगत २२ आ २३ दिसम्बर २०१७ केँ एकटा महत्वपूर्ण परिचर्चाक विषय छल ‘प्रदेश २ केर राजकाजक भाषा मैथिली’। डा. रेवतीरमण लाल द्वारा एहि सन्दर्भ मे संछिप्त-सटीक कार्यपत्र राखल गेल आर ताहि पर विद्वान् वक्ता प्रो. उदय शंकर मिश्र एवं पूर्व प्राध्यापक सह विद्वान् अभियानी-शोधकर्ता अमरकान्त […]

हँसनाय मना नहि अछि, लेकिन बातो बुझब जरूरी छैक: व्यंग्य प्रसंग संग्रह

हँसनाय मना नहि अछि, लेकिन बातो बुझब जरूरी छैक: व्यंग्य प्रसंग संग्रह

एक दर्जन व्यंग्य प्रसंग  – प्रवीण नारायण चौधरी १. व्यंग्य प्रसंग – १  “मैख गेलहुँ! मैख गेलहुँ!! तिनू ठाँ मैख गेलहुँ!!” घूरन झा चिकरैत-भोकरैत अचानक मिलन विहार चौक पर दिल्ली मे लोक सब केँ सोर करय लगलाह। बगले मे फूदन मोची जे हुनकर जुत्ता डेली चमकाबैत छल ओ बाजि उठल, “यौ घूरन बाबु! अहाँक जुत्ता […]

कविताक शक्ति, विनोदक ताजाताजी पाँच कविता आ ओकर प्रभावक गहिंराइ

कविताक शक्ति, विनोदक ताजाताजी पाँच कविता आ ओकर प्रभावक गहिंराइ

मैथिली कविताक प्रभाव वर्तमान युगक कतेको रास नामी-गिरामी कवि-कथाकार-उपन्यासकार व साहित्यकार लोकनि सामाजिक संजाल – फेसबुक मंच केर उपयोग करैत अभरैत रहैत छथि। एहि क्रम मे श्रेष्ठतर स्रष्टा – साहित्य अकादमी सँ पर्यन्त सम्मानित श्री उदय चन्द्र झा विनोद नित्य एक नव रचनारूपी गहनाक संग मैथिली भाषा-साहित्यक सुन्दर स्वरूपकेँ सजबैत भेटैत छथि। दिल्ली विश्व पुस्तक […]

वाचस्पति मिश्र पर पंडित सहदेव झाक प्राक्कथन, पोथी पूर्व विमर्श

वाचस्पति मिश्र पर पंडित सहदेव झाक प्राक्कथन, पोथी पूर्व विमर्श

वाचस्पति मिश्र (लेखकः पं. सहदेव झा)   प्राक्कथन   बहुत छोट अवस्थे सँ वाचस्पतिमिश्रक प्रति हमर मनमे श्रद्धाक बीज स्थापित भए गेल। हमर परिवारमे एवं ठाढीक आनो परिवारमे वाचस्पति मिश्रक डीहक माटिसँ बालकक अक्षरारम्भ होइत छल। जिज्ञासा कएलापर हमर पितामह कहने छलाह – वाचपतिक घराड़ीक माटिसँ अक्षरारम्भ कएने लोक पण्डित होइत अछि। वाचस्पति बड़ पैघ […]

मैथिली कविताक रस मे सराबोर फेसबुकिया जनमानस – साभार वरेण्य कवि उदयचन्द्र झा ‘विनोद’

मैथिली कविताक रस मे सराबोर फेसबुकिया जनमानस – साभार वरेण्य कवि उदयचन्द्र झा ‘विनोद’

साहित्य मैथिलि कविता रस धारा मे सराबोर होयबाक अचूक अवसर फेसबुक पर सेहो भेटि रहल अछि। वरेण्य कवि उदयचन्द्र झा ‘विनोद’ नित्य भोरे अपन सुन्दर कविता फेसबुक सँ पोस्ट करैत छथि जाहि पर पाठक सब लुधकल अपन प्रतिक्रिया रखैत अछि। एकटा जीवन्त कवि सम्मेलन देखबाक अवसर साहित्य मे रुचि रखनिहार अपार जनसमूह केँ भेटैत अछि। […]

देवी आराधना – शुम्भ-निशुम्भ वध एवं देवता लोकनिकेँ वरदानक गाथा

देवी आराधना – शुम्भ-निशुम्भ वध एवं देवता लोकनिकेँ वरदानक गाथा

नाटकः शुम्भ-निशुम्भ वध – प्रवीण नारायण चौधरी ॐ श्री दुर्गायै नमः!! शुम्भ-निशुम्भ वध (नाट्य रूपान्तरण) दृश्यः पहिल भगवतीक स्मृति मे आइ आशीष मांगि एक दृष्टान्त अपन पाठक सब लेल राखबाक अनुमति भेटल अछि। भगवतीक उत्तरचरित्र जे महासरस्वतीक प्रसन्नता लेल हमरा लोकनि दुर्गा सप्तशतीक पाठ करैत छी – जाहि मे ई उल्लेख कयल गेल अछि जे […]

धियापुताक खिस्सा – फूल काकाक शिक्षा

धियापुताक खिस्सा – फूल काकाक शिक्षा

फूल काकाक शिक्षा (बाल मनोविज्ञान अनुकूल नैतिक शिक्षाक दृष्टान्त) – प्रवीण नारायण चौधरी   सुमनजी काका ओतय सत्यनारायण भगवानक पूजाक हकार सौंसे टोलक लोक केँ पड़ल छलैक। बुझले बात अछि जे पूजाक हकार माने धिया-पुताक वास्ते सौंझका पढाई सँ छुट्टी। भैर टोलक बच्चा सब पूजाक तैयारी मे सहयोग करय लेल पहुँचि जाएत अछि। कियो पटिया […]

आउ किछु सुनबैत छीः किसलय

आउ किछु सुनबैत छीः किसलय

गजल – किसलय कृष्ण घोघ तरक ओ चौअन्नियाँ मुस्कान कतय । करिया बादर तरमे चमकैत चान कतय । वीरान बना गेल अन्हर ई मजरल गाछीकेँ, आंगनमे पसरल ओ गमकैत धान कतय । गामे सगर मतंग भेल डिस्को सँ डीजे धरि, साँझ पराती वा चैता केर सुर तान कतय । हेंजक हेंज पलायन सभ दिन नियति […]

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