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मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

मिथिलाक जीवनशैली आ कोहवर केर महत्व

विमर्श – प्रवीण नारायण चौधरी जिज्ञासा जानकार सज्जन सँः विषय कोहवर आ मिथिलाक लोकपरम्परा विवाहोपरान्त वर-कनियां केर प्रथम मिलन लेल निर्मित पवित्र स्थल, एतय सृष्टि-चक्र केर भित्ति-चित्र अंकित करबाक परम्परा अछि मिथिला संस्कृति मे।   गर्व करबाक विषय ई भेल जे ‘सृष्टि-चक्र’ केँ दरसाबैत कोहवरक देवालपर चित्रक अंकन कोनो-न-कोनो रूपमे नवविवाहित जोड़ीकेँ विवाहोपरान्त सन्तानोत्पत्तिक अधिकार दैत […]

गुरुद्रोहक परिणतिः नैतिक पाठ, अवश्य पढी

गुरुद्रोहक परिणतिः नैतिक पाठ, अवश्य पढी

गुरुद्रोह केर परिणति   (एक नैतिक कथाः साभार अखिल विश्व गायत्री परिवार – अखण्ड ज्योति)   अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   भूमिकाः सर्वप्रथम गुरुदेव – गुरुतुल्य – गुरुचरण केँ प्रणाम! ई कथा जरुरत मे राखि रहल छी, जेकरा पढिकय कतेको गुरुद्रोह कयनिहारक आँखि खुजैत अछि। वर्तमान समय मे एहि तरहक नैतिकताक सीख सिखनाय सभक लेल […]

दिल्ली विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली पर किसलय विचारः मस्ट रीड स्टोरी

दिल्ली विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली पर किसलय विचारः मस्ट रीड स्टोरी

विचार – किसलय कृष्ण, समाचार सम्पादक, मैथिली जिन्दाबाद, नव दिल्ली । विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली : एकगोट सकारात्मक पहल   सम्प्रति नई दिल्लीक प्रगति मैदानमे आयोजित विश्व पुस्तक मेलामे मैथिली मचानक धम्मकसँ जतबे उत्साह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रमे रहनिहार मिथिलावासी पोथीप्रेमी आ अभियानीमे देखल जा रहल अछि, ततबे जिज्ञासा आ प्रसन्नता दिल्लीसँ दूर रहनिहार मैथिलीक कलमजीवी […]

वाचस्पति मिश्र पर पंडित सहदेव झाक प्राक्कथन, पोथी पूर्व विमर्श

वाचस्पति मिश्र पर पंडित सहदेव झाक प्राक्कथन, पोथी पूर्व विमर्श

वाचस्पति मिश्र (लेखकः पं. सहदेव झा)   प्राक्कथन   बहुत छोट अवस्थे सँ वाचस्पतिमिश्रक प्रति हमर मनमे श्रद्धाक बीज स्थापित भए गेल। हमर परिवारमे एवं ठाढीक आनो परिवारमे वाचस्पति मिश्रक डीहक माटिसँ बालकक अक्षरारम्भ होइत छल। जिज्ञासा कएलापर हमर पितामह कहने छलाह – वाचपतिक घराड़ीक माटिसँ अक्षरारम्भ कएने लोक पण्डित होइत अछि। वाचस्पति बड़ पैघ […]

विद्यापति समारोहक आयोजनः सन्दर्भ मैथिली आन्दोलन

विद्यापति समारोहक आयोजनः सन्दर्भ मैथिली आन्दोलन

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी   वर्तमान मिथिला लोकपलायन समान भयावह रोगक पीड़ासँ व्यथित अछि। मिथिला समाजक दूरदृष्टिसंपन्न वेत्ता लोकनि एहि रोगक संक्रमणकालहि सँ जनजागरणक प्रयास करब शुरु कयलनि, परञ्च ओ किछेक प्रयास देशक परतंत्रताक दुरावस्थाकेँ दूर करबाक संघर्षक आगाँ कोनो विशेष भूमिका नहि निमाहि सकल से कहि सकैत छी। भारतक स्वतंत्रता संग्राममे मिथिला अपन […]

मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण

मिथिला स्तुति – वृहद् विष्णुपुराण

मिथिला स्तुति हे मिथिला – बेर-बेर प्रणाम!! ईश्वर प्रति सम्पूर्ण आस्थावान् रहैत अपन जन्म एहि मिथिला नामक तीर्थभूमि – तंत्रभूमि -सिद्धभूमि मे होयबाक लेल पुनः-पुनः आभार प्रकट करैत छी। मिथिलाक स्तवन करब केहेन कल्याणकारी अछि से त देखू – म सँ मकार ब्रह्मा आर ताहि मे इकारान्त स्त्री यानि ब्रह्माणी (सरस्वती विराजित छथि, थ सँ […]

दुर्गा भगवतीक ११ अनुपम नाम, भक्त लेल सुलभ आ कल्याणकारी साधनाक अचूक मंत्र

दुर्गा भगवतीक ११ अनुपम नाम, भक्त लेल सुलभ आ कल्याणकारी साधनाक अचूक मंत्र

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी जय माँ!   ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥   जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा – एहि नामसँ प्रसिद्ध जगदम्बिके! अहाँकेँ नमस्कार अछि।   १. जयति सर्वोत्कर्षेण वर्तते इति ‘जयन्ती’ – सबसँ उत्कृष्ट आ विजयशालिनी।   […]

कविवर चन्दा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर आय भेल उद्घाटन

कविवर चन्दा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर आय भेल उद्घाटन

सहरसा-(मुरारी कुमार मयंक) आय कविवर चंदा झा विचार सह सेवा संस्थानक जिला कार्यालय केर विधिवत उद्घाटन सहरसा केर सनातन नगर वार्ड नं 32 में भेल अछि।जतय आगमी 28 जनवरी केर कविवर के जन्मस्थान बड़गाम में मनेवाक निर्णय भेल अछि।जहि में साहित्य गोष्टि सह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम सेहो हेबाक निर्णय भेल।उद्धाटन कर्यक्रमक अध्यक्षता चंद्रशेखर झाजि आ […]

महिषासुरक उत्पात आ सेनापति सहित ओकर वध गाथाः महामायाक लीला वर्णन

महिषासुरक उत्पात आ सेनापति सहित ओकर वध गाथाः महामायाक लीला वर्णन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी सेनापति सहित महिषासुरक वध   महामायाक प्रादुर्भाव उपरान्त आर हुनका द्वारा देवता व इन्द्र, वरुण, आदिक खस्ता हाल मे स्तुति सुनैत अट्टहास कयला उत्तर समस्त दैत्य-दुर्जन हजारों-हजार सेना सहित देवी संग युद्ध आरम्भ कय चुकल अछि। आजुक प्रकरण थिक – कोना देवी सेनापति सहित महिषासुरक वध कयलीह।   ध्यानम् ॐ […]

लोभ सब पापक मूल होएछ, धनलोभीक जीवन मे सुख असंभव

लोभ सब पापक मूल होएछ, धनलोभीक जीवन मे सुख असंभव

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी लोभ सब पापक मूल कारण (लोकहित मे जारी)   एक गोट धनलोभी दोसर सम्पन्न लोक सँ बहुत डाह करय, डाहक अर्थ स्पष्ट रहैक जे सम्पन्न व्यक्तिक सम्पन्नता ओहि धनलोभी केँ बहुत खटकैत छलैक। ई बात सम्पन्न लोक बुझैक आर ओहि धनलोभी केँ बुझबैक – ओ कहैक, “देखू! धनक लोभ सँ […]