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मिथिला आ मैथिलीक ‘ब्राण्डिंग’

मिथिला आ मैथिलीक ‘ब्राण्डिंग’

मिथिला ब्राण्ड – मैथिली ब्राण्ड पता अछि मिथिलाक समृद्धि कतेक छैक आइयो? आत्मनिर्भरता हर तरहें मानव-जीवन लेल मिथिलाक भीतर सभ तरहें उपलब्ध छैक। बस एक संछिप्त रूप देखल जाउ – कुटीर उद्योग केँ संचालन हेतु जातीय-व्यवस्था सँ दक्ष घरैया लूरि द्वारा उत्पादनशीलताक विलक्षण उदाहरण मिथिलामें भेटैत छैक। कृषि प्रणालीमें सभ तरहक अनाज उपजौनाइ आ विभिन्न […]

वोटक लेल किछो करबाउ!

वोटक लेल किछो करबाउ!

वोटक लेल किछो करबाउ! देखियौ आयल फेर चुनाउ चाही वोट छूछ नारा लगाउ पाछूक बात बिसरिये जाउ आगूक वादा झडी सजबाउ मतदाताकेर जाति बुझाउ जाति गुणे ओ वोट गनबाउ सदन देश सब एके रंग मैनजन डुगडुगी बजाउ या बम मारू गोली लगबाउ कोहुना लोकक मन फोडाउ नेता माने बनियौटी केनाय नोट लगाउ वोट खसबाउ नियम […]

कुर्सों दुर्गास्थान: मिथिला क्षेत्र मे पर्यटन विकासक आदर्श सूत्र

कुर्सों दुर्गास्थान: मिथिला क्षेत्र मे पर्यटन विकासक आदर्श सूत्र

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक्षेत्र मे प्रबुद्ध समाज द्वारा गाम-गाम धरोहर केर निर्माण संभव भेल अछि। सब गाम मे अपना तरहक एकटा कीर्ति पुरखा लोकनि द्वारा प्रेरणास्पद ढंग सँ बनल रहबाक भिन्न-भिन्न गाथा सब सुनल जा सकैत अछि। हिन्दू धर्मशास्त्र मे दानक महत्त्व बहुत पैघ छैक, तहिना जनकल्याणकारी निर्माण कार्य मे सेहो समाज काफी […]

यम हम – हमहीं यम

यम हम – हमहीं यम

– प्रवीण नारायण चौधरी अजीब दुनिया ई देखू मनुखे मनुक्खक यम छै! मरला पर के देखय मृत्यु केँ जिबिते भेटय यम छै!   कि देखबय लेल चाहय छै ओ केकरो एना मारिकय? कि ओ नहि मरतय कहियो ओकरो मृत्यु त तय छै!!   बुझितो सबटा माया खेला लोक लौकिकता दौड़ छै! विरले हँसय छै मने-मने […]

रमजान आ गर्मीक आतंक

रमजान आ गर्मीक आतंक

गर्मीके कहर आ रमजान – आलेख बिन्देश्वर ठाकुर, कतार। हमर देश नेपाल । हम एक नेपाली । हमर काज कर’ बला मूलुक कतार । अहिठाँ हमरा लगायत बहुतो नेपाली आ अन्य देशके कामदार सब अपन रोजगारी लेल आएल छै । वास्तविक कही त ई एकटा मुस्लीमप्रधान देश छै । तें मुस्लीम सबहक बाहुल्यता होएब स्वभाविक […]

एकाग्रता कोना साधब: विनोबा भावे

एकाग्रता कोना साधब: विनोबा भावे

आलेख (भावानुवाद) – प्रवीण नारायण चौधरी संसार भरिक वेत्ता लोकनि श्रीमद्भागवद्गीता केँ अध्ययन-मनन आ तदनुसार प्रवचन करैत रहला अछि। एहि पाँति मे आचार्य विनोबा भावे केर स्थान अग्रस्थान मे पड़ैत अछि। हिनक रचना ‘गीता-प्रवचन’ केर एकटा अलगे महिमामंडन इतिहास द्वारा कैल जाइछ आ जे कियो हिनक एहि अमर रचना केर रसास्वादन करैत छथि हुनको जीवन […]

भाषा और रोजगार

भाषा और रोजगार

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी वर्तमान भौतिकवादी युग मे जखन कि आध्यात्मवादक असर मानवीय व्यवहार मे न्युन बनि गेल छैक, तथापि भाषा-व्यवहार मानवीय संवेदना-भावना केँ प्रकट करबाक एकमात्र साधन रहलाक कारणे अपन स्थान नित्य नव-नव रूप मे निरंतर बनौने अछि। भाषाक साधारण परिभाषा अपन भावना शब्द-वाणीक माध्यम सँ दोसर पर प्रकट केनाय होइत छैक। हर […]

मैथिलीक महान् पुरोधा स्रष्टा ‘मधुकांत मधुकर’ साहित्य अकादमी सम्मान सँ वंचित

मैथिलीक महान् पुरोधा स्रष्टा ‘मधुकांत मधुकर’ साहित्य अकादमी सम्मान सँ वंचित

विजय झा, कहरा, सहरसा। मैथिली जिन्दाबाद! जुन ३१, २०१५.   हजारों मैथिली गीत आ कतेको रास पोथीक रचनाकार ९२ बसंत पार कय चुकल चैनपुर निवासी पं. मधुकांत झा मधुकर आइयो अपन साधना मे लीन रहैत छथि। क्षेत्रक लोक सब विद्यापति जेकाँ मधुकर बाबा केर रचित भजन श्रद्धापूर्वक गबैत अछि। लोक सब केँ बहुत दु:ख छैक […]

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस आ मिथिला योगीश्वर लक्ष्मीनाथ गोसाईं

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस आ मिथिला योगीश्वर लक्ष्मीनाथ गोसाईं

राहुल – जय हो बन्गाम, सहरसा। जुन २१, २०१५. पहिल अन्तराष्ट्रीय योग दिवस केर अवसर पर मिथिलाक योगी श्री श्री 108 संत कवि लक्ष्मीनाथ गोसाईं जीक योगी होयबाक तथ्य राखि रहल छी। ई मैथिली अकादमी सं प्रकाशित डॉ. फुलेश्वर मिश्र जी रचित संत कवि लक्ष्मीनाथ गोसाईं किताब सँ उद्धृत अछि। सुप्रसिद्ध कवि-उपन्यासकार बैद्यनाथ मिश्र “यात्री” […]

उमा बाबुक जनचेतना अभियान: भगवानक गीत – प्रार्थना

उमा बाबुक जनचेतना अभियान: भगवानक गीत – प्रार्थना

मैथिली भगवानक गीत – उमाकान्त झा ‘बक्शी’ प्रार्थना जीवहुँ मे सब सँ श्रेष्ठ हमहीं, मानुष तन अछि वरदान हमर। अर्पित कृतज्ञता केर आखर, स्वीकार करू भगवान हमर। जीवहुँ मे सब सँ श्रेष्ठ हमहीं………   अछि अनंत ब्रह्माण्ड आहाँक, धरती केर गणना शून्य सदृश। धरती विशाल, रचना अनंत, जीवहुँ में मानव शून्य सदृश। हे नियति नियन्ता […]