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अन्तर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस

अन्तर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस

जागरूक मिथिला | झा चंदन | नई दिल्ली | 22वाँ अप्रिल,2015 09:55भोर IST आय  अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस मनौल जा रहल अछि । सन्युक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पारित एक्टा प्रस्ताव मs कहल गेल छल जे वर्तमानक औ भविष्यक पीढिं कs लेल आर्थिक, सामाजिक औ पर्यावरणीय आवश्कता सब मs संतुलन बनाउ क लेल लोग सब कs प्रकृति […]

दरभंगा मे डा. विन्देश्वर पाठक केर सम्मान

दरभंगा मे डा. विन्देश्वर पाठक केर सम्मान

दरभंगा, २१ अप्रैल, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद – रिपोर्ट संस्कृत विश्वविद्यालय – दरभंगा मे आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारक अतिथि डा. विन्देश्वर पाठक द्वारा रु. २२ लाख केर अनुदान उपलब्ध करायल गेल। एकर उपयोगिता एक अक्षय कोष केर रूप मे करबाक अनुरोध विश्वविद्यालय प्रशासन सँ कैल गेल अछि। संस्कृत भाषाक महत्त्व केँ आत्मसात करैत अध्ययनरत छात्र केँ […]

मिथिलाक अपन माछ विलोपान्मुख

मिथिलाक अपन माछ विलोपान्मुख

कतय गेल अपन पहिचान? टेंगरा, पोठी, गैंचा, गरै, गोलही, काँटी, बुआरी, भौंरा, भुन्ना, रोहु, कतला, सिल्वर, भाकुर, छही, मारा, इचना, सिंगी, मांगुर, कबै, कोतरी, सुहा, आदि…. नहि जानि कतेको आर तरहक माछक अंबार मिथिलाक तीन मुख्य प्रतीक चिह्न माछ, मखान आ पान मध्य एक केर अनेक रूप थीक। मिथिलाक्षेत्रीय भूगोलक स्वरूप – हिमालय सँ बहैत […]

हम तऽ बिक गेलियै दहेज मे

हम तऽ बिक गेलियै दहेज मे

हम तऽ बिक गेलियै दहेज मे (मैथिली कविता) – विजय मंडल भेल जन्म रहे हमर जमिन्दारक घरमे खुबे लाड़-प्यारसँ पोसलक पैसाके माहौलमे पढेलक बढेलक बड़का आदमी बनेलक  गर्ब सँ सबकेँ सुनेने घुरलक लागैत रहय हमरा हमर माइ बाप सँ बेसी प्यार कियो नै करय अछि एहि धरती पर हमरा सँ लायक कियो नहि हैत एहि […]

मैथिली गीत: उमाकान्त झा बक्शी

मैथिली गीत: उमाकान्त झा बक्शी

मैथिली गीत   फूलहुँ सँ कोमल काया अछि, मधुरस संचित अछि ठोर हमर। हम रातुक सजल इजोरिया छी, उजड़ल उपटल सन भोर हमर। फूलहुँ सँ कोमल काया अछि.……… अपराध हमर कि पाप हमर, नारी जीवन कि शाप हमर। नारी स्वभाव, नारीके चरित, उपहार तोहार, अभिशाप हमर। दुःख दर्द शोक संताप भोग, जग पोछि सकल नहि […]

Yog Ki Thik: Geetaa

Yog Ki Thik: Geetaa

औझका प्रसाद (Today’s Bliss): (पुनरावृत्ति – जुन २०१२ उपरान्त) अनुरोध: एक बेर मे पढला पर कम बुझायत, दोसर बेर ताहि सँ बेसी, तेसर बेर आरो बेसी आ बेर-बेर पढब तऽ अमृतपान करब समान अनुपम अभीष्टक प्राप्ति होयत। तैँ, कनेक मन थिर कऽ के आजुक साधना – स्वाध्याय करब। बहुत अनुपम प्रसाद थी ई: (योग करब […]

Antar-Rashtriya Maithili Kavi Sammelan 2015: Chautarafaa Saraahanaa

Antar-Rashtriya Maithili Kavi Sammelan 2015: Chautarafaa Saraahanaa

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलनक चौतरफा सराहना   भारत, नेपाल, अरब तथा कतार सहित अनलाइन सहभागी विभिन्न देश सँ मैथिली साहित्यसेवी, कवि व विद्वानादिक संग संस्कृतिकर्मी अभियानि लोकनिक एक तरह सँ कुंभ मेला समान एकत्रित होयबाक लेल विराटनगर मे आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ केर चौतरफा चर्चा कैल जा रहल अछि। विराटनगर नेपाल मे लोकतंत्र स्थापित करनिहार आर […]

Ke Likhat Naatak – Pradeep Bihari

Ke Likhat Naatak – Pradeep Bihari

आलेख: के लिखत नाटक? – प्रदीप बिहारी मैथिलिए नहि भारतक आन-आन भाषा सभमे सेहो मौलिक नाटक लिखनिहार बड़ थोड़ अछि। एखनहुँ साहित्यक आन विधाक अपेक्षा नाटक लिखनिहारक संख्या कम अछि। नाटक लिखनिहारक संख्या कम होयब चिन्ताक विषय थिक। जँ संख्या आ अभिलेखक दृष्टिएँ देखल जाय तँ मैथिलीमे कम नाटक नहि लिखायल अछि, मुदा रंगमंचीय दृष्टिसँ बहुत […]

चिन्ता नहि, कर्म करू!

चिन्ता नहि, कर्म करू!

मैथिलीसेवी सँ मैथिली (सीताक) पुकार: – प्रवीण नारायण चौधरी चिन्ता नहि कर्म करू, हम आबि रहल छी डेग आगू बढि चलू, हम देखि रहल छी जुनि बुझू माँ हेरा गेली, हम संग ओतै छी सत्यमार्गी बनल रहू, हम बुझि सकै छी हर क्षण बदले देश, प्रकृति तहिना छै मुदा न बदले सत्य, एकटा सत्य इहा […]

सुनू भाइ हमर पुकार

सुनू भाइ हमर पुकार

सुनू भाइ हमर पुकार – प्रवीण नारायण चौधरी मातृभाषा संग शत्रुता – भेषहु केर प्रतिकार पहिरि धोती चमकि देखा – भेटत कि अधिकार!! पसरल अछि अशिक्षा – कूरीतिक अंबार जातिवादी सम दावानल – दूर केना अँधकार!! माँगय छी समदृष्टि सँ – समावेशीक सरकार दंभ भरल संख्याबल केर – बेसीक नेता भरमार!! विद्या-बुद्धि आ पौरुषबलकेँ – […]