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मैथिली जिन्दाबाद

मैथिली जिन्दाबाद

करयवाला करिते रहैत छय मरयवाला मरिते रहैत छय यैह थिकैक संसारक रेबाज ई दुनिया अपन गति सँ सतति चलिते रहैत छय! आउ करी एके टा कोनो काज बना कऽ राखि मिथिला अपन राज! पढबो करी अपन गामक बात, तखनहि हेतैक बूझू जे मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली जिन्दाबाद!!

मैथिलीक नव पोथी – अमित मिश्रक नया पुस्तक मैथिली मे

मैथिलीक नव पोथी – अमित मिश्रक नया पुस्तक मैथिली मे

मैथिली साहित्य मे बालक-बालिका लेल ई नव पोथी युवा साहित्यकार अमित मिश्र (समस्तीपुर) केर आबि रहल अछि। सूचना – मुकुन्द मयंक, पटना द्वारा फेसबुक पर पोस्ट करैत देल गेल अछि। विदित हो जे अमित मिश्र युवा तुरक नीक कवि अपन निरंतर क्रियाशीलता सँ मैथिली साहित्यकेँ पुष्ट कय रहला अछि। शिक्षण पेशा मे कार्यरत अमित द्वारा […]

मैथिल ब्राह्मणक वैवाहिक परंपराक इतिहास ओ गरिमा: वर्तमान कियैक अछि विपन्न

मैथिल ब्राह्मणक वैवाहिक परंपराक इतिहास ओ गरिमा: वर्तमान कियैक अछि विपन्न

विशेष संपादकीय मैथिल ब्राह्मणक वैवाहिक प्रक्रिया पूर्ण आ वैज्ञानिक दुनियाक सर्वोत्तम वैवाहिक प्रक्रिया मे सँ एक ‘मैथिल ब्राह्मण’ केर मानल जाइछ। गोत्र आ मूल सँ शुरु होइत वैवाहिक अधिकार लेल जाँच प्रक्रिया, तदोपरान्त सिद्धान्त लेखन, खानपीन (घरदेखी), तिलक, विवाह, चतुर्थी, मधुश्रावणी, कोजगरा, द्विरागमन व अनेको प्रक्रियाक विशेष वैज्ञानिक महत्त्व सँ सर्वथा मजबूत कुटमैती मैथिल ब्राह्मण […]

कि युवा मैथिल मिथिलाक पहिचान अहिना करता?

कि युवा मैथिल मिथिलाक पहिचान अहिना करता?

देखल जा रहल अछि जे वर्तमान युवा मैथिल सब एक-दोसर केँ मिथिलाक विभिन्न फल व अन्य फोटो जे मूल मिथिलाक धरती पर देखि आनन्दित होइत छलाह, तेकरा आब फेसबुक पर सेहो फोटो राखि-राखि एक-दोसर सँ प्रश्न पूछैत ‘कहू ई कि छी’ करैत समय बितबैत छथि। हुनका लोकनिक हिसाबे एनाही प्रवास पर मिथिलाक मरौसी फलक पहिचान […]

एक्के भाषाक दुटा राज्य!!

एक्के भाषाक दुटा राज्य!!

आलेख – रंजित चौधरी आजादीक बाद पहिल बेर भारतक इतिहास मेँ हिन्दी भाषा सँ अलग हटिकय एक्के भाषा बजनिहार दुटा राज्य बनल। आ इ अछि भारतक उन्नतीसवां राज्य ‪#‎तेलंगाना‬। ओना आजादीक बाद राज्यक पुनर्गठन भाषाक आधार पर कयल जाइत छल जाहि कारणे एपी एकटा राज्य बनल छल। मुदा तेलंगाना एहि चीज के साबित कय देलक […]

अपन पाइ, सुदि कमाइ! सरकारी खरात, मुफ्तक खाइ!!

अपन पाइ, सुदि कमाइ! सरकारी खरात, मुफ्तक खाइ!!

अपन पाइ, सुदि कमाइ! सरकारी खरात, मुफ्तक खाइ!! (व्यंग्यवाण) – प्रवीण नारायण चौधरी   गामक हाल बेहाल अछि। नीक-नीक लोक गड़बड़ायल अछि। कोटा परका चाउर चाही। राहत सब बड़के लेत। अपने सेटिंग मे सब बेहाल। एहन बदतर गामक हाल। मुखिया देखियौ भेल बइमान। सरपंचहु केर कोनो न ठेगान। सब मिलि लूटय चारू दिशि। एकरे बुझू […]

धर्म, संन्यास, कर्तब्य, अकर्तब्य, लोक-आस्था, कर्तव्यपरायणता: गंभीर आह्वान

धर्म, संन्यास, कर्तब्य, अकर्तब्य, लोक-आस्था, कर्तव्यपरायणता: गंभीर आह्वान

मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित ‘विशेष संपादकीय’ मे पुरी मठकेर शंकराचार्य आ हुनक मूल परिवारजनक दयनीयता पर मैथिली-हिन्दी कवि एवं अभियानी ‘उमाकान्त झा बक्शी’ केर भावुक लेकिन यथार्थ उद्बोधन करयवला मनोभावना आ सार्वजनिक आह्वान – राज्य सरकार, केन्द्र सरकार, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं समस्त मैथिली-मिथिला अभियानी सँ। जरुर पढू!! स्वयं श्री बक्शी केर शब्द मे: अनंत श्री […]

मिथिलाक तीन पावैन: बीतलहबा रवि दिन

मिथिलाक तीन पावैन: बीतलहबा रवि दिन

स्रोत: फेसबुक पर मिथिला आइडी द्वारा कैल गेल पोस्ट सँ मई ३, २०१५ – रवि दिन! आई भेल अहि सालक तीन टा ‪‎पावैन‬ केर अंत 1. ‎सप्ताडोरा‬ चैत मासक परिवा तिथि फगुआ सौं शुरू भऽ बैशाख केर अंतिम रवि दिन जे आइ छल अंत भेल। शुरू दिन तऽ ‎बसिया‬, ‎छनुआ‬, ‎सोहारी‬ जे फगुआ राति मे संपूर्ण […]

आरक्षणक औचित्य: जाति केर आधार पर आरक्षण बन्द हो

आरक्षणक औचित्य: जाति केर आधार पर आरक्षण बन्द हो

आलेख जातियताक आधार पर आरक्षण कतेक हद तक उचित ?? – रंजित नारायण चौधरी आय पुरे देश मेँ एकटा गंभीर बीमारीक जगह लय लेलक आरक्षण। धीरे-धीरे और पसरले जा रहल अछि आ नैय जैन कौल्हका तारीख मे कोन गति होयत जातियताक आधार पर भेट रहल बीमारी ‘आरक्षणक’। एकटा समय छल जाहि दिन जातियताक आधार पर […]

मैथिली गीत – नारायण मधुशाला

मैथिली गीत – नारायण मधुशाला

गीत – नारायण मधुशाला जिबै सङ्गे-सङ्ग, मरबै सङ्गे-सङ्ग करबै नहि कहियो एक दोसरके तङ्ग झुमबै खुशीमे नितदिन हरदम भेल रहबै अपनेमे प्रेम मगन अहाँ दियऽ सङ्ग करुने उटपटंग यै हमर प्रियतम उडि चलु नेहक गगन बैसि मोनक तरङ्ग यै हमर प्रियतम नेह भरल आँगनके सजायब अहाँ आर हम रहतै जतय हँसैत लगने-लगन भेल रहबै…. बात […]