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मिथिलावासी, अपन पूर्वजक पहिचान करू! जातिक नाम बाद मे पूछापूछी करब!!

मिथिलावासी, अपन पूर्वजक पहिचान करू! जातिक नाम बाद मे पूछापूछी करब!!

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिल (पौराणिक पहिचान) शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्। हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥ मा सरस्वतीक चरणकमल मे बेर-बेर प्रणाम करैत एकटा छोट संस्मरण लिखय लेल चाहब। एहि संस्मरण यात्रा पर पाठक वर्ग केँ आनबाक एकमात्र उद्देश्य यैह अछि जे हमरा लोकनिक उद्गमविन्दु (मातृभूमि) मिथिला […]

चराचर जगत्पति सहस्रशीर्ष पुरुष प्रति समर्पित: स्वाध्यायांश

चराचर जगत्पति सहस्रशीर्ष पुरुष प्रति समर्पित: स्वाध्यायांश

स्वाध्याय (आध्यात्मिक वृत्तांत) पवित्र चतुर्मास मे पुरुष सूक्तक नित्य पाठ जरुर करबाक बात कैल गेल अछि। मैथिल हिन्दू जनमानस मे समस्त कर्म करबा मे पुरुष सूक्त केर उपयोगिता सर्वमान्य अछि। ओना तऽ शौचादि सँ निवृत्त होइत स्नानादिक उपरान्त एकर विशेष लाभ होयत, लेकिन आजुक कलियुग आ खास कऽ के जखन लोक फेसबुक आदि लसैड़ सँ […]

डा. तोतरा हा केर खिस्सा

डा. तोतरा हा केर खिस्सा

नैतिक कथा: कमजोरियो केँ शक्ति बनायल जा सकैत छैक! – प्रवीण नारायण चौधरी एकटा तोतराह छौड़ा मिथिला सँ भागिकय डा. तोतरा हा बनिकय खूब प्रतिष्ठा कमेलक। मैथिली मे ओकरा सब तोतराहा कहैत छलैक। तोतराहा माने बाजय मे लटपटेनाइ, आवाज साफ नहि निकलनाय, हकलाहट आदि होइत छैक। मैथिलीभाषी केँ माने एहि लेल याद कराबय पड़ि रहल […]

मिथिला राज्य कियैक: गणराज्य मे राज्य स्थापना लेल मिथिलाक औचित्य

मिथिला राज्य कियैक: गणराज्य मे राज्य स्थापना लेल मिथिलाक औचित्य

मिथिला राज्य किऐक? Why Mithila Rajya? भारत स्वतंत्र भेलाक बाद संघीय गणतांत्रिक राष्ट्र बनल, केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा संविधान केर शासन सँ देश संचालित हेबाक निर्णय भेलैक। मिथिला भारतक अभिन्न हिस्सा आदिकालीन इतिहास, पूर्ण संस्कृति, संपन्न आ विकसित भाषा, लोकसंस्कृति, विशिष्ट पहिचान सहित केर क्षेत्र रहल अछि। इतिहास मे ‘मिथिलादेश, बज्जिप्रदेश, तिरहुत, विदेहराज्य, आदि’ […]

नेतागिरी लेल दिमाग चाही!

नेतागिरी लेल दिमाग चाही!

नेता बिन्देसरक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी बिन्देसर बच्चे सऽ बड कुशाग्र बुद्धिक छल। मिडिल स्कूलमे पढैत समयसँ कालिजके पढाइ तक परीक्षाक फीस, ट्युशनक फीस, बटखर्चा, पुस्तक कीनबाक खर्च आ सभ बात के इन्तजाम लेल ओ माता-पितासँ पाइ नहि लऽ अंडी फर तोडि आ सुखाय अंडी बिया बेचि, कागज पर चित्र काढि हटिया पर बेचि, […]

मैथिली कथा: भैंसूरक घोघ आ भाभौक योग

मैथिली कथा: भैंसूरक घोघ आ भाभौक योग

कथा – प्रवीण नारायण चौधरी भैंसुर केर घोघ, भाभौक योग!! राम कुमार भैयाक आइ गाम सँ दिल्ली अयला १५ दिन सँ बेसी भऽ गेल छलन्हि। श्याम कुमार हुनक छोट भाइ दिल्लिये मे रहैत छल। ओतहि छोट-छिन काज पकड़ि लेने छल। बाबुक मरलाक बाद श्याम कुमार केँ गाम छोड़य पड़ि गेल छलैक। बाबुक अमलियत मे ५-१० […]

मैथिल मुसलमान

मैथिल मुसलमान

कविता – मो. अशरफ राईन, हाल: कतार सँ हम महान हमर मजहब महान, माथ पर टोपी देहमे कुर्ता सान! तन मनमे मानवताक प्रेम भरल, छी हम ओ मैथिल मुसलमान!! मन दिल मिथिलाके नमन करैय, रगमे मिथिलाक सोणित बहैय ! छी हमहु मैथिलिए बासी यौ, जय मिथिला मैथिल हृदय कहैय !! नित दिन हमर होइत ईद […]

एखनहु बड दूर अछि भारत मे आदर्श प्रजातंत्र

एखनहु बड दूर अछि भारत मे आदर्श प्रजातंत्र

सन्दर्भ : भारतीय प्रजातंत्र केर चुनावी महायज्ञ  – शरद सिंगी   भारत केर प्रजातंत्र संख्याक दृष्टि सँ विश्वक सबसँ पैघ प्रजातंत्र अछि मुदा भारतीय प्रजातंत्र केँ विश्व मे दोषपूर्ण प्रजातंत्र मानल जाइत अछि। इंग्लैंड और स्विट्ज़रलैंड केर संस्था आदि द्वारा बनायल गेल सर्वोत्तम सँ निकृष्टतम प्रजातांत्रिक देशक सूची मे भारतक स्थान लगभग मध्य मे पड़ैत अछि। आस-पासक […]

बड़का गप छकरय मे पाइ थोड़े लगैत छैक!!

बड़का गप छकरय मे पाइ थोड़े लगैत छैक!!

गजल – रंजीत कुमार झा, कोलकाता बरका-बरका गप्प छकरऽ में लागॅ कत्तॉ पाइ छॅ? बरद अपन कूरहॅर सऽ नापब ककर कथी जाइ छॅ? फक्का-फक्का चट दऽ हूरब कोनो की लाइ-चूरलाई छॅ? शुद्ध-समाजक काज करऽ में सब बूधियार चिन्हाइ छॅ। लारब-चारब जऽ आबॅयॅ तऽ बॅसू माछ तराइ छॅ। सोक्ष बाट कलियुग में चलब ओ लोक बड […]

ह’म कवि एक फेसबुकिया छी

ह’म कवि एक फेसबुकिया छी

ह’म कवि एक फेसबुकिया छी – शिव कुमार झा टिल्लू ह’म कवि एक फेसबुकिया छी नहि घैल मुदा त’ चुकिया छी आनक ग’रमे महीन साइलेंसर हम फूटल फुकफुकिया छी ह’म कवि एक फेसबुकिया छी ….. भाव शिल्प अजवारिकें लिखलहुँ गहल लेखनी ताड़िकें लिखलहुँ भखरल कम्प्यूटर पर सदिखन ग्रहण आशकेँ जाड़िकें लिखलहुँ कोनो आलोचक देखता कहियो […]