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मैथिल समाजक वर्तमान परिस्थितिः कइएक महत्वपूर्ण पक्ष पर आत्मचिन्तनक जरूरत

मैथिल समाजक वर्तमान परिस्थितिः कइएक महत्वपूर्ण पक्ष पर आत्मचिन्तनक जरूरत

विचार-विमर्श – अपर्णा झा – हाल दिल्ली सँ मैथिली मे अपन मातृभूमि सँ प्रेम आ लगाव अनुरूप दहेज कुप्रथा व अन्य सामाजिक कमी-कमजोरी पर विचार प्रेषित करैत मैथिल समाज : आजुक परिस्थिति में (एकटा चर्चा जाहि में समूहक बेसी सs बेसी सदस्य से हुनक टिप्पणी अपेक्षित) आय काल्हि विवाह में एकटा नव ट्रेंड शुरू भs […]

प्रत्येक नारीक जीवन मे तीन चरण – जे बुझत से जियत जीवन

प्रत्येक नारीक जीवन मे तीन चरण – जे बुझत से जियत जीवन

लेख-विचार – ममता झा “नारी अहाँक रूप अनेक” – हम पुछलहुँ लोक सब सँ जे नारीक कतेक रूप अइ… कियो माँ कहलक, कियो बहिन कहलक, कियो हमसफर, कियो ममता के मूरत त कियो दोस्त त कियो सच के सुरत कहलक। सब अपना-अपना हिसाब सँ वर्णन केलक। नारीक जन्म आ जीवनक पड़ाव तीन बेर अबैत अइ। […]

एतेक मे वर कि बरदो नहि भेटत आइ

एतेक मे वर कि बरदो नहि भेटत आइ

लघुकथा – रूबी झा दहेज के मूल अर्थ बिसैर हम मिथिलावासी बेटा केँ बरद-महिस जेकाँ अपन दाम लगबैत छी। बेटा केँ बाप बेचैय छथि आ बेटी केँ बाप खरीदैत छथि। ई घृणीत कार्य सब सँ बेसी हमर सबहक ब्राह्मण समाज में होइत अछि। वर केँ दहेज जतेक देल गेल ओहि हिसाबे कनियाँ केँ नुवा, गहना, […]

श्रीहित ध्रुवदासजी – भगवान् केर एक अनुपम भक्त केर कथा

श्रीहित ध्रुवदासजी – भगवान् केर एक अनुपम भक्त केर कथा

स्वाध्याय लेखः श्रीहित ध्रुवदासजी – संकलनः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी श्रीध्रुवदासजीक घरक कि नाम रहनि, किछु पता नहि। हिनकर पूर्व-संस्कार हिनका मे मात्र ५ वर्षक अवस्था मे उत्कट वैराग्य आर प्रभु-प्रेमक लगन उत्पन्न कय देने रहय। बालकभक्त ध्रुव सेहो ५ वर्ष मे अपना मे एहेन लगन पेने रहथि। एहि साम्य केर कारण हिनका लोक […]

कियैक कयल जाइछ सोम प्रदोष व्रत – एक विशेष माहात्म्य

कियैक कयल जाइछ सोम प्रदोष व्रत – एक विशेष माहात्म्य

स्वाध्याय लेख – सावन विशेष साभार – वेबदुनिया सोम प्रदोष व्रत केर पौराणिक व्रतकथा केर अनुसार एक नगर मे एक ब्राह्मणी रहैत छलीह। हुनक पति केर स्वर्गवास भऽ गेल छलन्हि। हुनकर आब कियो आश्रयदाता नहि रहलन्हि ताहि सँ भोर होइत देरी ओ अपन पुत्र संग भीख मांगय निकलि पड़ैत छलीह। भिक्षाटन सँ मात्र ओ स्वयं आर […]

सावन महीना मे कि खाय आ कि नहि खाय – कियैक नहि खाय

सावन महीना मे कि खाय आ कि नहि खाय – कियैक नहि खाय

सावन विशेष आलेख सावन मास मे कि खाय, कि नहि खाय – साभारः वेब दुनिया, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   श्रावण मास मे किछु खास चीज बिल्कुल नहि खायल जाइत अछि। एहि बरसैत-गरजैत मौसम मे किछु फल सब्जी केँ नहि खेबाक चाही। कियैक तँ एहि सब्जी सभ मे एहि समय विषैलापन बढ़ि जाइत छैक जे […]

युवा रचनाकार बीरेन्द्र कुमार सिंह केर मैथिली रचना

युवा रचनाकार बीरेन्द्र कुमार सिंह केर मैथिली रचना

साहित्य युवा कवि-लेखक बीरेन्द्र कुमार सिंह केर साहित्य रचना १. कविता – “सहोदर सँ लगियौ छाती” प’ह फटलै कोइली कुहकलै सिहरि उठलै छाती मीठे-मीठे कूक सुनादे बगड़िया गबैत चल सुन्दर पाँती कोसी कमला झिर-झिर बहैय’ एहि मिथिला-मधेशक माटी खा ले हमर किरिया सप्पत हम सभ नाती-परनाती जागू यौ कक्का डेग उठबियौ “सहोदर सँ लगियौ छाती” […]

सोमवारी व्रत कथा

सोमवारी व्रत कथा

श्रावण मासक दोसर सोमवारी – सोमवारी व्रत कथा   जय भोलेनाथ! जय गौरीशंकर!!   श्रावण पवित्र मासक सोमवारी तिथि – सोमवारी व्रतक विधान मिथिला मे सेहो ओतबे प्रामाणिक आ अधिकतर परिवार मे एहि व्रत उपासनाक परम्परा भेटैत अछि।   सोमवारी व्रत कथा सेहो ओतबे महत्वपूर्ण अछि –   एक गोट व्यापारी व्यापार आ अन्य समस्त […]

बेटी पुछलनि बाप सँ – हमर कोन गाम थिक (लघुकथा)

बेटी पुछलनि बाप सँ – हमर कोन गाम थिक (लघुकथा)

लघुकथा – रूबी झा सासूर सँ दुइ-चारि बेर रैस-बइस कँ आयला के बाद बहुत दुःखी भऽ पुछलखिन्ह अन्नपूर्णा अपन पिता सँ – बताऊ, हम कोन गामक छी आ हमर घर कतय अछि? अचंभित भय बजलाह नेन कान्त जी (अन्नपूर्णा के पिता) – ई की तोँ पुछैय छैं एखन, ई सवाल पूछैय के कि परोजन? अन्नपूर्णा […]

मधुर-विनोद: कृष्णभक्त अहमद शाह आ कृष्णक बीच रोचक वार्ता

मधुर-विनोद: कृष्णभक्त अहमद शाह आ कृष्णक बीच रोचक वार्ता

स्वाध्याय लेख संकलन स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी एक मुसलमान भक्त छलाह। हुनकर नाम छलन्हि अहमद शाह। हुनका प्रायः भगवान् श्रीकृष्ण केर दर्शन होइत रहैत छलन्हि। अहमद शाह सँ ओ विनोद (हँसी-चौल) सेहो कयल करथि। एक दिन अहमद शाह एकटा बड़ा लम्बा टोपी पहिरिकय बैसल छलाह। भगवान् केँ हँसी सुझलनि। ओ हुनका पास प्रकट […]

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