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Stories written by pravinnchoudhary
कला आ विद्याक साधक केर जाति देखि सम्मान नहि भेटैछः प्रसंग मांगैन खबासक राष्ट्रीय स्मृति-गान

कला आ विद्याक साधक केर जाति देखि सम्मान नहि भेटैछः प्रसंग मांगैन खबासक राष्ट्रीय स्मृति-गान

१२ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मांगैन खबास केर स्मृति गान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली मे   आइ सँ करीब ५ वर्ष पूर्व प्रभात खबर केर सहरसा ब्युरो चीफ श्री कन्हैया जी मार्फत एहि अखबारक स्थानीय प्रतिनिधिक लिखल एकटा समाचार पढने रही जे मिथिलाक लोकविभूति ‘मांगैन खबास’ केर सम्बन्ध मे चर्चा कएने छल। मैथिली भाषा आ मिथिला […]

नेनपन के किछु झलफल स्मरण – अलकतरा सँ पाटल ओ बगीचा

नेनपन के किछु झलफल स्मरण – अलकतरा सँ पाटल ओ बगीचा

लेख – वाणी भारद्वाज नेनपन के किछु झलफल स्मरण जहिया हमर पिताजी लौकही ब्लौक मे चिकित्सा पदाधिकारी छलाह. हम सब सरकारी आवास मे रहैत छलहुँ. घरक सीध मे चिकित्सालय छल. घरक बाम कात थाना छल. तहिया सेंध मारि क चोर चोरी करैत छल सेह बड पैघ बात होइत छल. आ चोर के पुलिस पकडैत छल. […]

मैथिल ब्राह्मण समुदाय मे बियाह स विध भारी

मैथिल ब्राह्मण समुदाय मे बियाह स विध भारी

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर मैथिल ब्राह्मण समुदाय में बियाह बाकी सब प्रान्त केर विभिन्न समुदाय स अलग होइछ । बाकी सबके बियाह त एक दिन या दू दिन में निपटि जाइत अछि मुदा हमरा (मैथिल) सबमे त कम स कम 15 दिन लगैत अछि, तकर बादो भैर साल के पाबनि तिहार केर त अन्त […]

पुरूष शेर तँ नारी की – सवाल लेखिका रूबी झाक आ जबाब देथिन पाठक लोकनि

पुरूष शेर तँ नारी की – सवाल लेखिका रूबी झाक आ जबाब देथिन पाठक लोकनि

लघुकथा – रूबी झा नारी केँ अवला कहल जाइत छन्हि, तकर हम सख्त विरोधी छी। हम अवला नहि छी, हम सवला छी। हम काली, दुर्गा, जानकी छी। फेसबुक पर एक दिन एकटा व्यक्ति प्रश्न रखने रहैथि जे पुरुष केँ शेर कहल जाइत छन्हि तँ महिला केँ कि कहल जाइत छन्हि, ताहि पर हम हुनका जबाब […]

कठोर निर्णय आ संकल्प मात्र लोक केँ महान बनबैत छैक (नैतिक कथा)

कठोर निर्णय आ संकल्प मात्र लोक केँ महान बनबैत छैक (नैतिक कथा)

सफल आ महान व्यक्ति सोहनक कथा (नैतिक कथा – करियर निर्माण मे लागल छात्र-छात्रा लेल उपयोगी) धियापुताक हाथ पर माँ-बाबू अथवा जेठ-श्रेष्ठ चारि-आना, आठ-आना देल करैत छल जाहि सँ पाँच पैसाक एकटा बैलून, दोसर पँच-पैसाही सँ पाँच गो लाय (मुरहीक लाय), तहिना अन्य १५ पैसाक कतेको रास धियापुताक मनोरंजन लायक चीज-वस्तु कीनिकय मेला घुमनाय भऽ […]

सोनालीक आत्मनिर्णय तथा अन्तिम मंजिल

सोनालीक आत्मनिर्णय तथा अन्तिम मंजिल

लघुकथा – रूबी झा सोनाली तेसर बेर माँ बनैय वाली छलैथ,और दुइ टा बेटी पैहने छलखिन्ह। एहि बेर सासूरक पूरा परिवार यानि कि सासु-ससुर, पति, दियादनी-भैंसुर, ननैद, दियर सब मिलिकय कहैय छलखिन्ह दिन-राति, अहाँ चलू अस्पताल अल्ट्रासाउंड कराबऽ लेल, अगर फेरो बेटिये हैत तँ ओकरा सफैया करबा लेब, माने जे कोखिये में कन्या-भ्रूण हत्या कय […]

जीवन एकटा कठही गाड़ी – हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी

जीवन एकटा कठही गाड़ी – हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी

गीत – प्रदीप पुष्प जीवन – गीत जिनगी एकटा कठही गाड़ी हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी कतबो थाकल होइ सवारी हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी १) कखनो सुख केर चिक्कन बाट होइ कहियो दुख केर खाधि अभरि जाय कहियो नौ – छह थार साजल होइ कहियो भुखले दिवस गुजरि जाय मूँह मलिन नै […]

एक गृहस्थ केँ केना जीबाक चाही – साधारण नियम लेकिन महत्वपूर्ण अछि सभक लेल

एक गृहस्थ केँ केना जीबाक चाही – साधारण नियम लेकिन महत्वपूर्ण अछि सभक लेल

गृहस्थ लेल साधारण नियम (स्रोत: कल्याण) १. प्रातकाल सूर्योदयसँ पहिले उठू। २. उठिते भगवान् केर स्मरण करू। ३. शौच-स्नान आदि सँ निवृत होइत भगवान् केर उपासना, सन्ध्या, तर्पण आदि करू। ४. बलिवैश्वदेव (नमकरहित पाकल भोजनसँ अग्निकेँ हवन) केलाके बाद समयपर भोजन करू। ५. रोज प्रातकाल माता, पिता आ गुरु आदि श्रेष्ठजनकेँ प्रणाम करू। ६. इन्द्रियकेर […]

“प्रारम्भिक राजतंत्रः विदेह”   (मिथिलाक इतिहास, लेखकः डा. उपेन्द्र ठाकुर)

“प्रारम्भिक राजतंत्रः विदेह” (मिथिलाक इतिहास, लेखकः डा. उपेन्द्र ठाकुर)

इतिहास – डा. उपेन्द्र ठाकुर “प्रारम्भिक राजतंत्रः विदेह”   (मिथिलाक इतिहास, लेखकः डा. उपेन्द्र ठाकुर)   विदेह नाम सम्बद्ध प्रदेश तथा एकर जनता एहि दुनूकेँ देल गेल छलैक। ब्राह्मण ग्रन्थ सभक सम्पादनक समय मध्यदेशक पूर्वमे कौशल विदेह नामक सजातीय जन सभक महासंघ छल, जकर महत्व पुरु-पंचाल जन सभसँ थोड़बो कम नहि छलैक।*१ प्राचीनकालमे विदेह देश […]

सेन्सरबोर्डक बापो फेल अछि एहि अराजक मनोरंजक गीत-संगीतक आगाँ

सेन्सरबोर्डक बापो फेल अछि एहि अराजक मनोरंजक गीत-संगीतक आगाँ

विशेष सम्पादकीय द नेपालटप आनलाइन पत्रिका मे श्री कमल मण्डल केर लेख ‘सेन्सरबोर्ड न हुंदा बिकृत बन्दै मैथिली गीत-संगीत’ शीर्षकक महत्वपूर्ण लेख पढलहुँ। काफी नीक ढंग सँ नेपालक मैथिली गीत-संगीत क्षेत्र मे आबि रहल क्रान्तिकारी परिवर्तनक समीक्षा कयलनि अछि। चूँकि कमलजी स्वयं सेहो एक फिल्मकर्मी आ कलाकार होयबाक संग खानदानी रंगकर्मी सेहो छथि, हुनका मे […]